किम जोंग उन पर अटैक मतलब न्यूक्लियर वॉर... दुनिया के किन देशों में है उत्तर कोरिया जैसा कानून?
Kim Jong Un: उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में बदलाव किया है. अब किम जोंग उन पर कोई हमला होता है या फिर उनकी मृत्यु होती है तो सेना अपने आप ही परमाणु हमला कर देगी. जानें पूरी जानकारी.

- उत्तर कोरिया ने संविधान बदला, परमाणु नीति और मजबूत की।
- किम जोंग उन पर हमले पर स्वचालित परमाणु जवाबी कार्रवाई होगी।
- रूस, चीन, अमेरिका, पाकिस्तान की भी समान जवाबी कार्रवाई नीतियां।
- नेतृत्व पर हमले की स्थिति में ये देश परमाणु हमला कर सकते।
Kim Jong Un: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर से दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. खबर है कि उसने अपने संविधान में बदलाव करके अपनी परमाणु जवाबी कार्रवाई की नीति को और भी मजबूत बनाया है. इस नए नियम के तहत अगर सुप्रीम लीडर किम जोंग उन की हत्या हो जाती है या फिर सीधा हमला होता है तो सेना अपने आप ही परमाणु हमला करके जवाब देगी. इसी बीच आइए जानते हैं कि क्या दुनिया के दूसरे देशों में भी ऐसा ही कुछ कानून है.
उत्तर कोरिया का नया संवैधानिक सिद्धांत
रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया की बदली हुई परमाणु नीति में किम जोंग-उन या फिर देश के शीर्ष नेतृत्व पर हमला होने की स्थिति में अपने आप जवाबी कार्रवाई करने को औपचारिक रूप दे दिया गया है. इस तरह की नीति का मकसद रणनीतिक रूप से दुश्मन को रोकना है. नेतृत्व के खत्म हो जाने के बाद भी परमाणु जवाबी कार्रवाई की गारंटी देकर उत्तर कोरिया का मकसद अपने दुश्मनों को सत्ता बदलने की कोशिश या फिर अपने नेतृत्व पर जान-बूझकर किए जाने वाले हमलों से रोकना है.
रूस का हेड हेंड सिस्टम
रूस के पास ही दुनिया का सबसे मशहूर अपने आप जवाबी कार्रवाई करने वाला सिस्टम है. इसे देश के अंदर पेरिमीटर और पश्चिमी देशों की चर्चाओं में हेड हेंड के नाम से जाना जाता है. खबरों के मुताबिक इस सिस्टम को शीत युद्ध के दौरान इसलिए बनाया गया था ताकि अगर रूस के राजनेता और कमान केंद्र अचानक हुए किसी परमाणु हमले में नष्ट हो भी जाएं तब भी परमाणु हमला करके जवाबी कार्रवाई की जा सकती है.
चीन और डेकैपिटेशन स्ट्राइक्स का डर
चीन आधिकारिक तौर पर नो फर्स्ट यूज की परमाणु नीति का पालन करता है. इसका मतलब है कि वह दावा करता है कि किसी भी लड़ाई में वह पहले परमाणु हथियार का इस्तेमाल नहीं करेगा. हालांकि रणनीतिक विश्लेषक लंबे समय से इस बात पर बहस करते रहे हैं कि अगर चीन के केंद्रीय नेतृत्व पर डेकैपिटेशन स्ट्राइक्स होती है तो वह किस तरह से जवाब देगा. रिपोर्ट से ऐसा पता चलता है कि चीन ने ऐसे कमान और नियंत्रण सिस्टम बनाने पर ज्यादा ध्यान देना शुरू कर दिया है जो किसी भी बड़े हमले की स्थिति में भी जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम हों.
संयुक्त राज्य अमेरिका
संयुक्त राज्य अमेरिका में परमाणु हमला करने का अधिकार मुख्य रूप से राष्ट्रपति के पास होता है. हालांकि अमेरिका सरकार की निरंतरता बनाए रखने और आपातकालीन कमांड सिस्टम भी रखता है जिन्हें इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर वाशिंगटन का नेतृत्व ढांचा किसी वजह से काम करना बंद कर दे तो भी जवाबी हमला हो पाए. ये डूम्सडे प्रोटोकॉल इस बात को पक्का करते हैं कि अगर शीर्ष नागरिक नेतृत्व खत्म हो जाए तो परमाणु हमला करने का अधिकार पहले से तय किए गए सैन्य कमांडरों को सौंपा जा सके.
पाकिस्तान की परमाणु नीति
पाकिस्तान भारत जैसे देशों से अलग है. ऐसा इसलिए क्योंकि वह पहले इस्तेमाल न करने के परमाणु सिद्धांत का पालन नहीं करता. पाकिस्तान के रणनीतिक नीति यह कहती है कि अगर देश के अस्तित्व पर खतरा मंडराता है या फिर उसके कमांड और कंट्रोल खत्म होने का खतरा होता है तो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
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Source: IOCL



























