Devendra Mahto Hunger Strike: बिना खाए-पिए कितने दिन जिंदा रहता है इंसान, इस दौरान शरीर में क्या होता है?
Devendra Mahto Hunger Strike: जब भी कोई भूख हड़ताल करता है तो आखिर एक व्यक्ति बिना खाएं-पिएं कितने दिन तक जिवित रह सकता है. बिना पानी के करीब 3 से 5 दिन और बिना भोजन के करीब 3 हफ्तें तक जिदां रह सकता है.

Devendra Mahto Hunger Strike: अक्सर जब कोई इंसान भूख हड़ताल करने की बात करता है तो सबके मन में एक सवाल आता है कि एक स्वस्थ इंसान बिना भोजन और पानी के कितने दिनों तक जिवित रह सकता है. हाल ही में झारखंड में हो रहे छात्र प्रदर्शन में देवेन्द्र महतो छले 9 दिनों से आमरण अनशन पर थे. उन्होंने अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग कर दिया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बेहद गंभीर हो गई और उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. मेडिकल साइंस के नजरिए से देखें तो इतने दिनों तक कुछ न खाने-पीने के कारण देवेंद्र महतो के शरीर का शुगर लेवल खतरनाक स्तर तक गिर चुका है. ऐसे में आइए समझते है कि जब कोई इंसान खाना-पिना छोड़ देता है, तो उसके शरीर में क्या होता है.
कब तक जिंदा रह सकता है इंसान
रिसर्च की मानें तो पानी के सहारे एक स्वस्थ इंसान करीब दो महीने काट सकता है, लेकिन बिना पानी के तो कुछ ही दिनों में मौत हो सकती है. कुछ मामलों में यह समय कम या ज्यादा भी हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वह पूरी तरह स्वस्थ रहेगा. वही अगर शुरुआत से पानी भी न मिले, तो स्थिति बहुत तेजी से बिगड़ती है और अधिकतर लोग 3 से 7 दिनों के भीतर गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं.
शुरुआती 24 घंटे
शुरुआत के 24 घंटो में शरीर सबसे पहले ऊर्जा के लिए भोजन से मिले ग्लूकोज का उपयोग करता है. जब ग्लूकोज खत्म हो जाता है, तब शरीर लिवर और मांसपेशियों में जमा ग्लाइकोजन से ऊर्जा लेता है. इस दौरान इंसान को तेज भूख लगती है, कमजोरी महसूस होती है और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है.
3 से 7 दिनों में
इसके बाद जब ग्लाइकोजन का भंड़ार खत्म होने लगता है, तो शरीर ऊर्जा के लिए फैट को तोड़ने लगता है. इसलिए मोटापा कम करने के लिए खाना कम करने की सलाह दी जाती है. इस प्रक्रिया में किटोन बनने लगते है, जो मस्तिष्क समेत कई दूसरे अंगो के लिए ऊर्जा को नया स्त्रोत बनते है. इस वक्त में शरीर ऊर्जा को बचाने की पूरी कोशिश करता है. शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमे पड़ने लगता है, जिससे शरीर का वजन तेजी से गिरने लगता है, इंसान को कमजोरी महसूस होने लगती है. इस दौरान कई लोगों को चक्कर आने लगते है. उनको अपना ध्यान एक जगह केंद्रित करने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
ये भी पढ़ें- दुनिया की 5 बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बेरोजगारी कितनी? भारत किस नंबर पर
लंबे समय तक भोजन न मिलने पर क्या होता है
जब इंसान को लंबे समय तक भोजन नहीं मिलता तो ऐसे में भोजन की कमी से हृदय, किडनी, लिवर और अन्य महत्वपूर्ण अंगों के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. साथ ही शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, गंभीर कुपोषण और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. अगर समय पर इलाज न मिले तो ऐसे में यह स्थिति जानलेवा हो सकती है.
ये भी पढ़ें- टेकऑफ-लैंडिंग के समय क्यों धीमी होती हैं प्लेन की लाइट्स, जानें वजह?















