क्या है दिल्ली का विंटर एक्शन प्लान, इसमें किन चीजों पर रहेगी पाबंदी?
धुंध और प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने तैयार किया बेहद सख्त मास्टर प्लान, 1 नवंबर से दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम, पार्किंग शुल्क दोगुना और कई बड़ी पाबंदियां, जानें क्या है नया नियम

देश की राजधानी दिल्ली में हर साल सर्दियों के मौसम में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है. प्रदूषण के इस जानलेवा स्मॉग से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने अभी से अपनी कमर कस ली है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में केंद्र और दिल्ली सरकार की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें विंटर एक्शन प्लान 2026-27 की घोषणा कर दी गई है. इस बार सरकार ने प्रदूषण बढ़ने का इंतजार नहीं किया है, बल्कि 1 नवंबर 2026 से ही पूरे राजधानी क्षेत्र में बेहद सख्त और कड़े नियम लागू करने का फैसला किया है.
इस नए विंटर एक्शन प्लान का मुख्य उद्देश्य धूल, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण को नियंत्रित करना है. सरकार ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. आइए जानते हैं कि इस बार के विंटर एक्शन प्लान में किन-किन चीजों पर पाबंदी रहेगी और आपकी दिनचर्या में क्या बड़े बदलाव होने जा रहे हैं.
निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रहेगा कड़ा प्रतिबंध
सर्दियों में धूल का प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनकर उभरता है. इसे रोकने के लिए सरकार ने निर्माण कार्यों पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने का फैसला किया है. नए नियमों के मुताबिक, 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाले तोड़फोड़ और आउटडोर सिविल निर्माण कार्यों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा.
इसके अलावा, 10 दिसंबर 2026 से 20 जनवरी 2027 के बीच हर तरह के निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. हालांकि, कुछ आवश्यक और आपातकालीन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इससे छूट मिल सकती है. बड़े कंस्ट्रक्शन साइट्स पर 100 प्रतिशत सीसीटीवी कवरेज और एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है.
वाहनों पर रहेगी पैनी नजर
1 अक्टूबर 2026 से ही दिल्ली के सभी 500 ANPR कैमरों से लैस पेट्रोल पंपों पर No PUCC, No Fuel अभियान को तेज कर दिया जाएगा. जिससे Non-PUC गाड़ियों को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा. इसके साथ ही, 1 नवंबर से दिल्ली के बाहर पंजीकृत Non-BS-VI डीजल और पेट्रोल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी, हालांकि सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को इसमें छूट दी गई है.
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दोगुना होगा पार्किंग चार्ज
दिल्ली में 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक अधिकृत पार्किंग साइटों पर पार्किंग शुल्क को दोगुना कर दिया जाएगा. हालांकि, दिल्ली मेट्रो की पार्किंग को इससे बाहर रखा गया है. इसके साथ ही, प्रदूषण के पीक दिनों में ट्रैफिक लोड कम करने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों को 50 प्रतिशत स्टाफ के साथ वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था लागू करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा सरकारी विभागों और नगर निगम के दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया जाएगा ताकि सड़कों पर एक साथ भीड़ न हो.
कचरा जलाने पर पूर्ण रोक
इस बार सरकार ने खुले में कचरा जलाने के खिलाफ जीरो बर्निंग अभियान चलाने का फैसला किया है. इसके तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन्स को अपने-अपने इलाकों में कचरा न जलने देने की औपचारिक जिम्मेदारी सौंपी गई है. साथ ही, सुरक्षा गार्डों के लिए हीटिंग का इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वे ठंड से बचने के लिए आग न जलाएं.
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