एक केस का कितना चार्ज करते हैं अभिषेक मनु सिंघवी, जानें उनकी नेटवर्थ?
Abhishek Manu Singhvi Fees: हाल ही में इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया. इस मार्च में अभिषेक मनु सिंघवी भी शामिल हुए. आइए जानते हैं कि एक केस के लिए वह कितनी फीस लेते हैं.

- इंडिया गठबंधन ने चुनाव आयुक्त के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया।
- अभिषेक मनु सिंघवी की प्रति पेशी फीस 6-12 लाख रुपये है।
- हलफनामे अनुसार, सिंघवी की संपत्ति 2800 करोड़ से अधिक है।
Abhishek Manu Singhvi Fees: इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताने के लिए दिल्ली के 12 खंबा इलाके से सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया. इस मार्च में सीनियर वकील और कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी भी शामिल हुए. इस मौके पर बोलते हुए उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि इसमें शामिल पार्टियां सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगी. सिंघवी ने इस मार्च को सिर्फ विरोध प्रदर्शन से कहीं ज्यादा बताया है और कहा है कि यह एक सिद्धांत के मुद्दे पर किया जा रहा है.
इस मार्च की वजह से सिंघवी के कानूनी करियर, उनकी फीस और वित्तीय संपत्ति पर भी लोगों का ध्यान गया है. आइए जानते हैं कि आखिर एक केस के लिए सिंघवी कितना चार्ज करते हैं और उनकी नेटवर्थ क्या है.
कोर्ट में पेश होने के लिए अनुमानित फीस
रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक मनु सिंघवी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में एक बार पेश होने या फिर सुनवाई के लिए ₹6 लाख से ₹12 लाख के बीच फीस लेते हैं. कुछ मुश्किल कॉर्पोरेट और मध्यस्थता मामलों में यह रकम काफी ज्यादा हो सकती है. यह आंकड़े एक बार पेश होने से जुड़े हुए हैं ना कि पूरे केस से. इसमें कई बार सुनवाई और दूसरे कानूनी काम शामिल हो सकते हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक हर क्लाइंट या फिर मामले के लिए कोई एक तय फीस का कहीं जिक्र नहीं है. विवाद की जटिलता और काम के हिसाब से असल फीस अलग-अलग हो सकती है.

नेट वर्थ और परिवार की संपत्ति
राज्यसभा चुनाव के दौरान दाखिल किए गए हलफनामे के मुताबिक सिंघवी और उनके परिवार की कुल नेटवर्क ₹2800 करोड़ से ज्यादा है. इस आंकड़े के आधार पर वे देश के सबसे अमीर वकीलों और राजनेताओं में गिने जाते हैं. यह रकम परिवार की कुल संपत्ति को दिखाती है ना कि सिर्फ सिंघवी की अपनी संपत्ति को.
हलफनामे में वित्त वर्ष 2024-25 के लिए लगभग ₹374 करोड़ की इनकम बताई गई है. यह आंकड़ा उस साल के लिए बताई गई इनकम को दिखाता है. इसे नेट वर्थ से अलग समझा जाना चाहिए क्योंकि नेट वर्थ का मतलब संपत्ति और वित्त होल्डिंग से होता है ना कि एक वित्त वर्ष में कमाई गई इनकम से.

निवेश और कीमती कलाकृतियां
सिंघवी की बताई गई संपत्ति में करोड़ों रुपये के शेयर, बॉन्ड और निवेश शामिल हैं. इस जानकारी में लगभग 25 करोड़ की कीमत वाली कीमती कलाकृतियों का भी जिक्र है. ये चीजें उस वित्तीय स्थिति का हिस्सा है जो दी गई जानकारी में बताई गई है. इसी के साथ इसमें परिवार की कुल संपत्ति का व्यापक अनुमान भी शामिल है.
ये आंकड़े सिंघवी की बताई गई वित्तीय स्थिति के पैमाने का संकेत देते हैं लेकिन यह जानकारी हर संपत्ति, देनदारी या फिर इनकम के स्रोत का पूरा ब्योरा नहीं देती. इन आंकड़ों को समझते वक्त घोषित सालाना इनकम, व्यक्तिगत संपत्ति और परिवार की कुल संपत्ति के बीच का अंतर जरूरी है.
मार्च से पहले राहुल गांधी का बयान
मार्च से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और कहा कि वह और इंडिया गठबंधन के नेता संयुक्त याचिका दायर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएंगे. कांग्रेस पार्टी के इंदिरा भवन मुख्यालय में बोलते हुए गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफा देने और सरकारी गवाह बनने को कहा. राहुल गांधी ने कहा कि गलती हुई है लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त मुख्य साजिशकर्ता नहीं था. उन्होंने विपक्ष की लड़ाई को कथित गलत काम के पीछे की ताकतवर ताकतों के खिलाफ बताया.
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चीफ जस्टिस ने क्या कहा?
विपक्ष के नेता के साथ बैठक के मुद्दे पर भारत के चीफ जस्टिस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हुए हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट सभी के अधिकारों की रक्षा करेगा भले ही वह चुने हुए प्रतिनिधि हों या फिर आम नागरिक.
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