एक्सप्लोरर

क्या मरा हुआ व्यक्ति भी सुन सकता है बातें, मौत के बाद कितनी देर तक सक्रिय रहता है इंसानी दिमाग?

मौत को लेकर विज्ञान की नई खोजें चौंकाने वाली हैं. शोध बताते हैं कि क्लिनिकल डेथ यानी दिल की धड़कन रुकने के बाद भी इंसानी दिमाग पूरी तरह मृत नहीं होता, बल्कि एक जटिल प्रक्रिया से गुजरता है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • विशेष परिस्थितियों में 30-60 मिनट तक मस्तिष्क सक्रिय रहता है.

मृत्यु जीवन का अंतिम सत्य है, लेकिन क्या मौत के साथ ही सब कुछ खत्म हो जाता है? विज्ञान कहता है नहीं. जब शरीर की हलचल बंद हो जाती है और दिल धड़कना छोड़ देता है, तब भी हमारे सिर के भीतर एक संसार कुछ पलों के लिए जाग रहा होता है. यह एक ऐसी रहस्यमयी स्थिति है, जहां इंसान अपनी जिंदगी की आखिरी फिल्म देख रहा होता है और अपने चाहने वालों की बातें सुन रहा होता है. मौत महज एक पल नहीं, बल्कि एक धीमी प्रक्रिया है.

मौत कोई पल नहीं बल्कि एक लंबी प्रक्रिया है

आमतौर पर माना जाता है कि दिल की धड़कन रुकते ही इंसान की मौत हो गई, लेकिन विज्ञान इसे 'क्लिनिकल डेथ' कहता है. असल में मौत एक झटके में होने वाली घटना नहीं, बल्कि एक क्रमिक प्रक्रिया है. जैसे ही दिल रुकता है, दिमाग को ऑक्सीजन और रक्त की आपूर्ति बंद हो जाती है. इसके शुरुआती 4 से 6 मिनट के भीतर मस्तिष्क की कोशिकाएं यानी न्यूरॉन्स मरना शुरू होते हैं. करीब 10 से 15 मिनट बाद यह डैमेज इतना बढ़ जाता है कि इसे वापस ठीक नहीं किया जा सकता है. इसके बावजूद, दिमाग के कुछ हिस्से अपनी आखिरी ऊर्जा का इस्तेमाल कर सक्रिय बने रहते हैं.

आखिरी पलों में यादों का डिजिटल रीप्ले

साल 2022 में एक 87 वर्षीय मरीज पर किए गए अध्ययन ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया. मरीज की मौत के दौरान ईईजी (EEG) मशीन चालू थी, जिसने दिल रुकने के 30 सेकंड पहले और बाद में 'गामा वेव्स' में भारी उछाल दर्ज किया. ये वही लहरें हैं जो इंसान तब महसूस करता है जब वह गहरे ध्यान में हो, सपना देख रहा हो या अपनी पुरानी यादों को ताजा कर रहा हो. इससे यह संकेत मिलता है कि मरते समय दिमाग जीवन की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं को एक फिल्म की तरह 'रीप्ले' करता है, जिसे वैज्ञानिक 'लाइफ रिव्यू' कहते हैं.

यह भी पढ़ें: Pakistan Richest Man: पाकिस्तान का सबसे रईस आदमी कौन, जानें उनके पास मुकेश अंबानी से कितना कम पैसा?

सुनने की शक्ति का अंत तक साथ बना रहना

क्या मरने के बाद भी हम सुन सकते हैं? इस सवाल का जवाब 'यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया' के 2020 के एक शोध में मिलता है. शोधकर्ताओं ने पाया कि 'सुनना' इंसान की वह आखिरी इंद्रिय (Sense) है जो सबसे अंत में साथ छोड़ती है. जब मरीज पूरी तरह से प्रतिक्रिया देना बंद कर देते हैं और बेहोशी की स्थिति में होते हैं, तब भी उनके दिमाग का 'ऑडिटरी प्रोसेसिंग सिस्टम' ध्वनियों पर रिएक्ट करता है. यानी मृत्यु की दहलीज पर खड़ा व्यक्ति अपने परिवार की बातें, प्रार्थनाएं या संगीत सुन सकता है, भले ही वह प्रतिक्रिया न दे पाए.

30 से 60 मिनट तक बनी रहने वाली चेतना

विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष परिस्थितियों में दिमाग घंटों तक सक्रिय रह सकता है. अगर शरीर ठंडा हो या सीपीआर (CPR) की प्रक्रिया चल रही हो, तो मस्तिष्क की तरंगों में स्पाइक देखे गए हैं. कुछ मामलों में दिल रुकने के 30 से 60 मिनट बाद तक न्यूरल एक्टिविटी पाई गई है. इसे 'वेव ऑफ डेथ' भी कहा जाता है, जहां दिमाग अपनी पूरी शक्ति झोंक देता है. यही कारण है कि अंगदान की प्रक्रिया हमेशा 'ब्रेन डेथ' की पूरी पुष्टि होने के बाद ही शुरू की जाती है.

न्यूरॉन्स की मौत और विज्ञान की सीमाएं

हालांकि दिमाग कुछ समय तक सक्रिय रहता है, लेकिन यह समझना जरूरी है कि कोशिकाएं धीरे-धीरे मरती जाती हैं. ऑक्सीजन के बिना दिमाग घंटों या दिनों तक जीवित नहीं रह सकता है. विज्ञान अभी भी उस बारीक रेखा को समझने की कोशिश कर रहा है जहां चेतना पूरी तरह लुप्त हो जाती है. यह शोध उन परिवारों के लिए सुकून देने वाला हो सकता है जो अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देते हैं, क्योंकि उनकी बातें और संवेदनाएं मरने वाले व्यक्ति के मस्तिष्क तक पहुंच रही होती हैं.

यह भी पढ़ें: देश के किस राज्य में मिनिमम वेज सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम? जानें हर एक डिटेल

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

NEET Paper Security: दुनिया के किन देशों में सेना कराती है बड़े एग्जाम, कैसे होती है क्वेश्चन पेपर की सुरक्षा?
दुनिया के किन देशों में सेना कराती है बड़े एग्जाम, कैसे होती है क्वेश्चन पेपर की सुरक्षा?
French Fries: फ्रांस नहीं बल्कि यहां हुआ था फ्रेंच फ्राइज का आविष्कार, जानें फिर कैसे पड़ा इसका यह नाम?
फ्रांस नहीं बल्कि यहां हुआ था फ्रेंच फ्राइज का आविष्कार, जानें फिर कैसे पड़ा इसका यह नाम?
Japan Mango Ban: जापान ने बैन किए भारतीय आम, जानें वहां सबसे ज्यादा कौन-सा आम खाया जाता है?
जापान ने बैन किए भारतीय आम, जानें वहां सबसे ज्यादा कौन-सा आम खाया जाता है?
बिजली कड़कने पर क्यों दी जाती है फोन बंद करने की सलाह? जानिए इसके पीछे का विज्ञान
बिजली कड़कने पर क्यों दी जाती है फोन बंद करने की सलाह? जानिए इसके पीछे का विज्ञान
Advertisement

वीडियोज

Sansani | Crime News: जम्मू की 'सोशल मीडिया क्वीन' ने लाइव वीडियो में खाया जहर!
Delhi Hauz Khas AC Blast: AC ब्लास्ट से हड़कंप, रिटायर्ड IAS अधिकारी की दर्दनाक मौत!!
Bageshwar Baba on Fuel Saving | Janhit: पकड़ी गई बाबा की चोरी! | Dhirendra Krishna Shastri
Hamirpur Bridge Collapse News : पुल है या पत्ता..हवा से ही गिर गया? | CM Yogi | BJP | UP News
Sandeep Chaudhary: South में BJP के सफाया का प्लान तैयार? | Rahul Gandhi | INDIA Vs NDA | Congress
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
इतने खतरे के बावजूद कैसे भारतीय जहाज पार कर रहा होर्मुज? भारत सरकार ने बताई ‘सीक्रेट’ डिटेल्स
इतने खतरे के बावजूद कैसे भारतीय जहाज पार कर रहा होर्मुज? भारत सरकार ने बताई ‘सीक्रेट’ डिटेल्स
NCP को लेकर संजय राउत का चौंकाने वाला दावा, 'छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल जैसे नेताओं को...'
NCP को लेकर संजय राउत का चौंकाने वाला दावा, 'छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल जैसे नेताओं को...'
1000 रन बनाकर वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, बनाया IPL का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
1000 रन बनाकर वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, बनाया IPL का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
Drishyam 3 BO Day 9 Worldwide: 'दृश्यम 3' का भौकाल, वर्ल्डवाइड 200 करोड़ के क्लब में मारी एंट्री, जानें कलेक्शन
बॉक्स ऑफिस: 'दृश्यम 3' का भौकाल, वर्ल्डवाइड 200 करोड़ के क्लब में मारी एंट्री, जानें कलेक्शन
‘अगर और करीब आया बेहद ताकतवर एल नीनो तो...’, भारत में मानसून की कमी के खतरे को लेकर बड़ा खुलासा
‘अगर और करीब आया बेहद ताकतवर एल नीनो तो...’, भारत में मानसून की कमी के खतरे को लेकर बड़ा खुलासा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
ABP इंडिया @2047 कॉन्क्लेव का सजेगा मंच, राजनेता-उद्यमी और फिल्मी सितारों का लगेगा जमावड़ा
Opinion: भारत-चीन संबंध और फ्री तिब्बत पर नई दिल्ली का 'अस्पष्ट' रुख
Opinion: भारत-चीन संबंध और फ्री तिब्बत पर नई दिल्ली का 'अस्पष्ट' रुख
BPSC Recruitment 2026: बिहार में अधिकारी बनने का सुनहरा मौका, 31 मई से पहले करें फॉर्म जमा
बिहार में अधिकारी बनने का सुनहरा मौका, 31 मई से पहले करें फॉर्म जमा
Embed widget