Power Of RAW: क्या वाकई RAW पर बैन लगा सकता है अमेरिका? जानें कितनी ताकतवर है भारत की ये एजेंसी
Power Of RAW: भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ को अमेरिका में बैन करने की बात कही जा रही है. लेकिन क्या सच में ऐसा अमेरिका में संभव हो पाएगा. चलिए जानें कि आखिर यह एजेंसी कितनी खतरनाक है.

Power Of RAW: दुनिया में सबसे ताकतवर माने जाने वाले देश अमेरिका ने हाल ही में भारतीय प्रवासियों को हाथों में हथकड़ी पहनाकर सैन्य जहाजों में भारत भेजा था. अब अमेरिका ने भारत को धार्मिक स्वतंत्रता पर ज्ञान दिया है. अमेरिकी आयोग ने अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर मंगलवार को कहा कि भारत में अल्पसंख्यकों के साथ बुरा व्यवहार हो रहा है. सिर्फ इतना ही नहीं अमेरिकी आयोग ने भारत की ताकतवर एजेंसी रॉ पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही है. इसके लिए उसने बेबुनियाद आरोप लगाते हुए कहा है कि सिख अगलाववादियों की कथित हत्या में भारतीय एजेंसी का हाथ था. अमेरिका द्वारा रॉ पर बैन लगाने को लेकर चल रही बहस के बीच ये भी जान लेते हैं कि क्या वाकई अमेरिकी ऐसा कर सकता है?
क्या रॉ को बैन कर सकता है अमेरिका
अमेरिकी आयोग ने भारत की जासूसी एजेंसी एंड एनालिसिस विंग यानि RAW के खिलाफ प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है. वहीं रॉयट्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस बात की बहुत कम संभावना है कि अमेरिकी सरकार भारत की जासूसी एजेंसी RAW के खिलाफ प्रतिबंध लगाए, क्योंकि पैनल द्वारा की गई सिफारिशें बाध्यकारी नहीं हैं. इसलिए इस बात के चांस कम ही हैं कि अमेरिका RAW पर बैन लगा पाए.
कितनी ताकतवर है RAW
रॉ भारत की प्रमुख खुफिया एजेंसी है. इसका गठन रामेशवर नाथ काव के मार्गदर्शन में किया गया था. रॉ का नेतृत्व एक निदेशक करता है, जिसकी नियुक्ति केंद्र सरकार का कार्मिक मंत्रालय करता है. इसके निदेशक सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं. इस एजेंसी में भारतीय सेना, पुलिस और अन्य सिविल सेवाओं समेत भारत सरकार की कई शाखाओं के अधिकारी काम करते हैं. यह एजेंसी दुनिया की सबसे मशहूर खुफिया एजेंसी में शामिल है.
रॉ के प्रमुख ऑपरेशन्स
रॉ ने ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा जो कि भारत का न्यूक्लियर प्रोग्राम था, इसे सीक्रेट रखने की जिम्मेदारी दी गई थी. रॉ की वजह से ही पाकिस्तान, यूएस और चीन को इसके परीक्षण से पहले भनक तक नहीं लगी थी. 80 के दशक में खालिस्तानी चरमपंथियों से निपटना, स्नैच ऑपरेशन्स, रंगभेद विरोधी आंदोलन, ऑपरेशन लीच, ऑपरेशन कैक्टस, ऑपरेशन चाणक्य, ऑपरेशन मेघदूत, ऑपरेशन कहुटा जैसे बड़े-बड़े टास्क को अंजाम दिया है.
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Source: IOCL






















