BJP के पास कितना पैसा, Congress से कितना ज्यादा?
BJP vs Congress Finances: भाजपा और कांग्रेस की वित्तीय ताकत के बीच जमीन आसमान का फर्क है. आइए जानते हैं कि दोनों पार्टियों में से कौन ज्यादा अमीर है.

- भाजपा वित्तीय रूप से कांग्रेस से कई गुना आगे निकली।
- भाजपा का बैंक बैलेंस, सालाना आय कांग्रेस से अधिक।
- भाजपा चंदे पर, कांग्रेस सार्वजनिक संग्रह पर ज्यादा निर्भर।
- भाजपा ने चुनाव पर कांग्रेस से चार गुना अधिक खर्च।
BJP vs Congress Finances: भारतीय चुनाव आयोग को सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के विश्लेषण के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी काफी बड़े अंतर से भारत की आर्थिक रूप से सबसे मजबूत राजनीतिक पार्टी बनी हुई है. वित्तीय आंकड़ों से यह पता चलता है कि भाजपा के पास भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तुलना में काफी ज्यादा नकदी भंडार, सालाना इनकम और कुल संपत्ति है. आइए जानते हैं कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियों के पास कितना पैसा है.
भाजपा का बैंक बैलेंस
रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा का घोषित बैंक बैलेंस ₹10,107.2 करोड़ है. इसी के साथ कांग्रेस का बैंक बैलेंस ₹133.97 करोड़ है. इसका मतलब है कि भाजपा का नकदी भंडार कांग्रेस की तुलना में लगभग 75 गुना बड़ा है.
भाजपा ने कांग्रेस से कहीं ज्यादा कमाई की
लोकसभा चुनाव चक्र को कवर करने वाले वित्तीय वर्ष के दौरान भाजपा ने ₹6,769.14 करोड़ की कुल इनकम दर्ज की है. रिपोर्ट के मुताबिक यह सभी छह राष्ट्रीय राजनीतिक दलों की संयुक्त इनकम का 85.03% है. भाजपा की इनकम भी पिछले साल के मुकाबले करीब 56% बढ़ी है. कांग्रेस ने कुल इनकम ₹918.28 करोड़ घोषित की है. यह राष्ट्रीय पार्टियों की संयुक्त इनकम का 11.53% है. पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इसकी इनकम में लगभग 25% की गिरावट आई है.
भाजपा का पैसा कहां से आता है?
भाजपा का फाइनेंस काफी हद तक कंपनियों और व्यक्तियों से मिलने वाले स्वैच्छिक दान पर निर्भर है. रिपोर्ट के मुताबिक ₹6,124.85 करोड़ या फिर इसकी कुल इनकम का 90.4% स्वैच्छिक योगदान के जरिए आता है. बाकी का ₹634 करोड़ जो इसकी इनकम का 9.3% है, बैंक जमा पर ब्याज के जरिए से कमाया जाता है.
कांग्रेस पब्लिक कलेक्शन पर ज्यादा निर्भर
कांग्रेस को कंपनी और व्यक्तियों से भी दान मिलता है लेकिन यह उसकी कुल इनकम का एक छोटा सा हिस्सा है. पार्टी ने स्वैच्छिक योगदान से ₹522.13 करोड़ या फिर अपनी इनकम का 56.8% बताया है. इसकी कमाई का एक बड़ा हिस्सा ₹350.12 करोड़ कूपन बिक्री और सार्वजनिक संग्रह के जरिए आता है.
भाजपा ने कांग्रेस को मिले चंदे से ज्यादा ब्याज कमाया
दोनों पक्षों के बीच काफी ज्यादा अंतर में से एक वित्तीय भंडार से उत्पन्न इनकम है. अपने बड़े बैंक बैलेंस की वजह से भाजपा ने साल के दौरान अकेले बैंक ब्याज से ₹634 करोड़ कमाए. यह ब्याज आय कांग्रेस को स्वैच्छिक योगदान के जरिए से मिले ₹522.13 करोड़ से ज्यादा थी.

भाजपा ने चुनाव प्रचार पर लगभग चार गुना ज्यादा खर्च किया
रिपोर्ट से एक और बात पता चलती है कि भाजपा ने चुनाव प्रचार और मीडिया विज्ञापन पर ₹3,335.36 करोड़ खर्च किए. वहीं कांग्रेस ने ₹896.22 करोड़ खर्च किए. कुल मिलाकर भाजपा का प्रचार खर्च कांग्रेस की तुलना में लगभग 3.7 गुना ज्यादा था.
कुल सालाना एक्सपेंस
अभियान लागत, प्रशासन, कर्मचारियों के खर्च और दूसरे परिचालन गतिविधि को शामिल करते हुए भाजपा ने कुल वार्षिक एक्सपेंस ₹3,774.58 करोड़ बताया. इस अवधि के दौरान कांग्रेस ने ₹1,111.94 करोड़ का कुल खर्च बताया. भाजपा ने अपनी सालाना इनकम का 55.76% खर्च किया. इसके उलट कांग्रेस ने अपनी सालाना इनकम से लगभग 21% ज्यादा खर्च किया.

प्रशासनिक एक्सपेंस
भाजपा ने पार्टी कार्यालय और कर्मचारियों के वेतन सहित प्रशासनिक खर्चों पर ₹323.05 करोड़ खर्च किए. कांग्रेस ने इसी श्रेणी के तहत ₹159.68 करोड़ की सूचना दी.
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दोनों पार्टियों की कुल संपत्ति
पार्टियों की घोषित संपत्ति में कार्यालय भवन, भूमि, फिक्स्ड डिपॉजिट, निवेश और दूसरी वित्तीय हिस्सेदारी शामिल हैं. भाजपा ने कुल घोषित संपत्ति ₹12,171.17 करोड़ और देनदारी सिर्फ ₹15.43 लाख बताई. यह उसके संपत्ति आधार की तुलना में काफी कम कर्ज का संकेत देता है.
कांग्रेस ने लगभग ₹1,351 करोड़ की संपत्ति घोषित की. इसमें पार्टी की संपत्ति, निवेश और दूसरी वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं.
ऑडिट रिपोर्ट से पता चलता है कि नकदी भंडार, सालाना इनकम, अभियान खर्च और कुल संपत्ति के मामले में भाजपा के पास फिलहाल कांग्रेस की तुलना में काफी बड़ा वित्तीय आधार है. रिपोर्ट्स इनकम के अलग-अलग तरीकों के मॉडल पर भी संकेत देती हैं. इनमें भाजपा मुख्य रूप से स्वैच्छिक दान और निवेश इनकम पर निर्भर है जबकि कांग्रेस दान के साथ-साथ पब्लिक कलेक्शन और कूपन बिक्री पर भी काफी ज्यादा निर्भर रहती है.
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