एक्सप्लोरर

जब बिहार में होती थी बूथ कैप्चरिंग, कैसे नतीजों का ऐलान करता था चुनाव आयोग?

पुराने लोग  देश में पहली बार बूथ कैप्चरिंग (Booth Capturing) की खास घटना को जरूर याद करते हैं. ये वो दौर था जब चुनाव लोकतंत्र का उत्सव नहीं बल्कि डर और दहशत बन चुका था.

बिहार में जैसे ही चुनाव का मौसम आता है, राजनीतिक हलचल तेज हो जाती है. हर नुक्कड़-गली, चाय की टपरी, और पान की दुकान पर बस एक ही चर्चा होती है कि कौन जीतेगा और इस बार किसकी सरकार बनेगी. लेकिन इन बहसों के बीच, पुराने लोग  देश में पहली बार बूथ कैप्चरिंग (Booth Capturing) की खास घटना को जरूर याद करते हैं. ये वो दौर था जब चुनाव लोकतंत्र का उत्सव नहीं बल्कि डर और दहशत बन चुका था. आज हमारे पास EVM, सुरक्षा बल, मीडिया, और सोशल मीडिया है. अब अगर कहीं गड़बड़ी हो, तो तुरंत आवाज उठाई जा सकती है. लेकिन आज हम आपको उस दौरान की कहानी बता रहे हैं जब बिहार में बूथ कैप्चरिंग होती थी. जानते हैं कि उस वक्त चुनाव आयोग नतीजों का ऐलान कैसे करता था? 
 
जब बिहार में होती थी बूथ कैप्चरिंग

आज हम बड़ी आसानी से वोट डालते हैं. सुरक्षा बल तैनात रहते हैं, कैमरे लगे होते हैं, और हर गड़बड़ी पर तुरंत कार्रवाई होती है. हालांकि, आज से करीब 68 साल पहले 1957 में जब देश आजादी के शुरुआती दौर से गुजर रहा था, तब बिहार में बूथ लूट यानी बूथ कैप्चरिंग का पहला मामला सामने आया था. यह घटना बिहार के बेगूसराय जिले के रचियाही गांव में हुई थी. जहां कुछ बाहुबलियों ने मतदान केंद्र पर कब्जा कर लिया था, फर्जी वोट डाले थे और विरोध करने वालों की पिटाई की थी. 

भारत में पहला आम चुनाव 1951 में हुआ था. तब जनता ने पहली बार वोट डालकर लोकतंत्र का एक्सपीरियंस किया. लेकिन 1957 में जब दूसरा चुनाव हुआ, तब बिहार में लोकतंत्र को हथियारों के बल पर कुचलने की कोशिश की गई. बेगूसराय जिले का रचियाही इलाका, जो तब बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था, उस समय चर्चा में आ गया जब यहां पहली बार खुलेआम बूथ कैप्चरिंग हुई. 

चुनाव आयोग कैसे करता था नतीजों का ऐलान?  

1957 के चुनाव में पोलिंग बूथों पर कोई विशेष सुरक्षा नहीं थी, न कोई CCTV कैमरा, न कोई केंद्रीय बल (CRPF), शिकायत दर्ज कराने का कोई सिस्टम भी नहीं था. इसलिए जब बूथ पर ये कांड होता था, तो उस समय लोगों को इसकी जानकारी अगले दिन अखबारों से मिलती थी. चुनाव आयोग भी इस मुद्दे पर खास कुछ नहीं कर पाता था, और नतीजे उसी तरह घोषित कर दिए जाते थे, 1957 की इस घटना ने बिहार में राजनीति की दिशा ही बदल दी. इसके बाद माफिया नेताओं के प्रभाव में चुनाव आने लगे 1970 के दशक में तो यह सिलसिला और खतरनाक हो गया. इस घटना के बाद धीरे-धीरे देश में चुनाव सुधारों की बात होने लगी. लेकिन बिहार में बूथ कैप्चरिंग जैसे अपराध कई सालों तक जारी रहे. 

वहीं, 1957 की घटना के बाद चुनाव आयोग ने सुरक्षाबलों की तैनाती पर जोर देना शुरू किया. धीरे-धीरे केंद्रीय बलों की मौजूदगी जरूरी हो गई. EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) लाने का फैसला भी इसी प्रकार की गड़बड़ियों को रोकने के लिए हुआ. VVPAT, CCTV कैमरे, और फ्लाइंग स्क्वॉड जैसे तकनीकी उपायों का प्रयोग शुरू हुआ. 

यह भी पढ़ें: CM Became PM Of India: प्रधानमंत्री बनने से पहले सीएम रह चुके ये नेता, जानें पीएम मोदी के अलावा लिस्ट में कौन-कौन से नाम?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Gold Price Crash: सोने के दाम में कब आई थी सबसे बड़ी गिरावट, जान लें गोल्ड का इतिहास
सोने के दाम में कब आई थी सबसे बड़ी गिरावट, जान लें गोल्ड का इतिहास
Mukesh Ambani Wealth: मुकेश अंबानी के पास कितनी दौलत, जानें उससे कितने टन खरीद सकते हैं सोना?
मुकेश अंबानी के पास कितनी दौलत, जानें उससे कितने टन खरीद सकते हैं सोना?
Work From Home: अगर 2000 लोगों के ऑफिस में हो जाए टोटली वर्क फ्रॉम होम, एक महीने में कितना बच जाएगा पैसा? जानें हिसाब-किताब
अगर 2000 लोगों के ऑफिस में हो जाए टोटली वर्क फ्रॉम होम, एक महीने में कितना बच जाएगा पैसा? जानें हिसाब-किताब
India Gold Rules: क्या आम लोगों का सोना जमा करवा सकती है सरकार, इस देश में हो चुका है ऐसा
क्या आम लोगों का सोना जमा करवा सकती है सरकार, इस देश में हो चुका है ऐसा

वीडियोज

Sansani: दिल्ली में 'दहशत' का नया चेहरा ! | Crime News | Delhi News | Crime News Hindi
UP News: Noida में दिल दहला देने वाला हादसा! खेलते-खेलते मासूम पर गिरा भारी लोहे का गेट, मौत!
PM Modi on Gold | Bharat Ki Baat: PM के 'सेविंग प्लान' पर कैसा 'संग्राम'? | Gold Price | PM Modi
Janhit | Tamil Nadu New CM: ये है साउथ का नया 'पावर कपल'? | Vijay | Trisha | TVK
PM modi on Gold | Sandeep Chaudhary: PM की बचत अपील का सबसे सटीक विश्लेषण | LPG-Oil Crisis

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Assam CM Oath Ceremony: हिमंता बिस्व सरमा आज लेंगे सीएम पद की शपथ, ये चार विधायक बनेंगे मंत्री, कहां और कैसे देखें Live
हिमंता बिस्व सरमा आज लेंगे सीएम पद की शपथ, ये चार विधायक बनेंगे मंत्री, कहां और कैसे देखें Live
पीएम मोदी की अपील पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, 'लोगों को लग रहा है कि क्या फिर...'
पीएम मोदी की अपील पर AIMIM नेता वारिस पठान बोले, 'लोगों को लग रहा है कि क्या फिर...'
Priyansh Arya ने मैच की पहली गेंद पर छक्का जड़ रचा इतिहास, जानें IPL में कितनी बार हुआ ऐसा
प्रियांश आर्य ने मैच की पहली गेंद पर छक्का जड़ रचा इतिहास, जानें IPL में कितनी बार हुआ ऐसा
'रणवीर सिंह को 5 और वैनिटी वैन दे दो', गौरव गेरा ने किया 'धुरंधर' एक्टर को डिफेंड, फराह खान का ऐसा था रिएक्शन
'रणवीर सिंह को 5 और वैनिटी वैन दे दो', गौरव गेरा ने किया 'धुरंधर' एक्टर को डिफेंड, फराह खान का ऐसा था रिएक्शन
मिडिल ईस्ट में शांति की आखिरी उम्मीद खत्म! यूएस ने ठुकराया ईरान का ऑफर, होर्मुद बंद से तेल की कीमतों में आग
मिडिल ईस्ट में शांति की आखिरी उम्मीद खत्म! यूएस ने ठुकराया ईरान का ऑफर, होर्मुद बंद से तेल की कीमतों में आग
होर्मुज से धड़ाधर पाकिस्तान लेकर आ रहा तेल टैंकर, क्यों इस्लामाबाद पर इतना मेहरबान हुआ ईरान?
होर्मुज से धड़ाधर पाकिस्तान लेकर आ रहा तेल टैंकर, क्यों इस्लामाबाद पर इतना मेहरबान हुआ ईरान?
कितने साल होती है सोलर पैनल की लाइफ, कैसे तय होती है इसकी एक्सपायरी डेट?
कितने साल होती है सोलर पैनल की लाइफ, कैसे तय होती है इसकी एक्सपायरी डेट?
Summer Care Tips: खून सूखना-जलन या सूजन... ज्यादा गर्मी से हमारे शरीर पर क्या पड़ता है असर, यह कितनी खतरनाक?
खून सूखना-जलन या सूजन... ज्यादा गर्मी से हमारे शरीर पर क्या पड़ता है असर, यह कितनी खतरनाक?
Embed widget