Asia Cup 2025: एशिया कप की ट्रॉफी में कितना लगा है सोना, कितनी होती है चांदी की मात्रा?
Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 की ट्रॉफी सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि इसकी धातु और डिजाइन भी खास है. सोने और चांदी की परतें इसे खास बनाती हैं. चलिए जानें कि इसमें सोने और चांदी की मात्रा कितनी है.

Asia Cup 2025: पाकिस्तान ने एशिया कप 2025 के सेमीफाइनल में गुरुवार रात बांग्लादेश को मात देकर फाइनल में एंट्री कर ली है. इसके साथ ही क्रिकेट प्रेमियों का सबसे बड़ा इंतजार खत्म होने वाला है, क्योंकि अब फाइनल में भारत और पाकिस्तान की टीमों का मुकाबला तय हो सकता है. अगर ऐसा रहा तो यह हाईवोल्टेज मुकाबला 28 सितंबर को दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. चलिए जानें कि एशिया कप की ट्रॉफी में कितना सोना और चांदी लगा है.
एशिया कप 2025 की ट्रॉफी
एशिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट न सिर्फ एक खेल है, बल्कि इसकी ट्रॉफी भी चर्चा का विषय रही है. हालांकि, ट्रॉफी की सटीक धातु सामग्री और वजन के बारे में आधिकारिक जानकारी सीमित है. एशिया कप क्रिकेट ट्रॉफी न केवल एशियाई क्रिकेट की प्रतिष्ठा का प्रतीक है, बल्कि इसकी धातु सामग्री और डिजाइन भी विशेष महत्व रखते हैं. हालांकि, ट्रॉफी में सोने और चांदी की सटीक मात्रा के बारे में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके निर्माण और डिजाइन से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं.
ट्रॉफी की धातु
एशिया कप ट्रॉफी का निर्माण सोने की परत चढ़ी हुई धातु से किया गया है, इसके ऊपर चांदी की परत लगी हुई है. इसका मतलब है कि ट्रॉफी की बाहरी सतह पर सोने की परत चढ़ाई गई है, जबकि इसकी मुख्य संरचना चांदी की है. हालांकि, सोने और चांदी की सटीक मात्रा के बारे में कोई आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह माना जाता है कि ट्रॉफी की भव्यता और चमक को देखते हुए इसमें महत्वपूर्ण मात्रा में चांदी और सोने की परत शामिल है.
कैसी है डिजाइन
2019 में एशिया कप ट्रॉफी का नया डिजाइन पेश किया गया था, जिसे लंदन के प्रसिद्ध सिल्वरस्मिथ थॉमस लाइट द्वारा तैयार किया गया था. इस ट्रॉफी की ऊंचाई 78 सेंटीमीटर और चौड़ाई 42 सेंटीमीटर है और इसका वजन लगभग 15 किलोग्राम है. इसका डिजाइन कमल के फूल से प्रेरित है, जो एशिया में शांति, एकता और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है. इसमें कमल की पंखुड़ियां एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) के पांच उप-संघों का प्रतिनिधित्व करती हैं. ट्रॉफी के आधार पर विजेता देशों के नाम उकेरे गए हैं, जो ट्रॉफी के मुख्य भाग से अलग किए जा सकते हैं.
कैसे बनी थी ट्रॉफी
इस ट्रॉफी के निर्माण में लगभग 400 घंटे का समय लगा था, जिसमें 12 विभिन्न कारीगरों ने भाग लिया था. इसकी जटिलता और कारीगरी इसे एक प्रतिष्ठित पुरस्कार बनाती है. एशिया कप ट्रॉफी न केवल एक खेल पुरस्कार है, बल्कि यह एशियाई क्रिकेट की समृद्धि और गौरव का प्रतीक भी है. इसकी धातु सामग्री, डिजाइन और प्रतीकात्मकता इसे खास बनाती है और यह विजेता टीम के लिए एक अमूल्य धरोहर के रूप में रहती है.
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Source: IOCL
























