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इस देश के रडार सिस्टम से नहीं बच सकते हैं अमेरिका के B-2 बॉम्बर, देता है सीधी टक्कर

Radar System For America B-2 Bomber: अमेरिका का बी-2 बॉम्बर स्टील्थ फाइटर जेट है, जो कि बहुत शक्तिशाली है और यह रडार से बचने में भी सक्षम है. चलिए जानें कि किस देश के रडार से ये बच नहीं सकते हैं.

हर देश अपनी सैन्य शक्तियों को ऊंचाई पर ले जाना चाहता है. इसके लिए वो भिन्न-भिन्न तरीके के हथियार और फाइटर जेट्स में इन्वेस्ट करते हैं. आजकल स्टील्थ फाइटर जेट एक ऐसी तकनीक है, जो कि किसी भी देश की सैन्य शक्ति में अहम रोल निभाती है. ये विमान न सिर्फ रडार से बचने की क्षमता रखते हैं, बल्कि सुपर अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से भी लैस होते हैं. इसके अलावा इनमें एआई और सुपरक्रूज जैसे फीचर्स भी होते हैं. अमेरिकी के बी-2 स्टील्थ बॉम्बर की बात करें तो यह अमेरिकी वायुसेना में अपनी तरह का खास हथियार है, जो कि करीब तीन दशक से अमेरिकी स्टील्थ तकनीक की रीढ़ रहा है. इसमें दुश्मन के एयर डिफेंस को भेदने की अभेद्य क्षमता तो है ही साथ ही साथ यह स्टील्थ होने की वजह से किसी भी देश के रडार को चकमा देकर निकल सकता है.

हालांकि अब ऐसी प्रणाली विकसित हो चुकी है, जिसके जरिए ये स्टील्थ विमान भी दुश्मन देश को चकमा नहीं दे पाएंगे. चलिए जानते हैं कि वो प्रणाली किस देश के पास है और अमेरिका के बी-2 बॉम्बर आखिर उसे क्यों नहीं बच पाएंगे. 

किसके पास हैं स्टील्थ फाइटर जेट्स

इस वक्त अमेरिका, चीन और रूस के पास स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं. इन्हीं देशों के पास एंटी स्टील्थ रडार तकनीक भी है, जो कि स्टील्थ विमानों का पता लगाने और उनको ट्रैक करने में सक्षम है, जो कि आमतौर पर रडार की पकड़ से बचने के लिए डिजाइन किए गए हैं. भारत भी अपनी वायुसेना की ताकत को मजबूत करने के लिए एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना शुरू की है. इसकी शुरुआती लागत करीब 15,000 करोड़ रुपये के आसपास है. इसके जरिए भारत अपने स्टील्थ फाइटर जेट्स खुद देश में बना रहा है. 

किस देश के रडार से नहीं बच सकता बी-2 बॉम्बर

रूस और चीन के अलावा भारत के पास भी स्वदेशी सूर्या VHF रडार सिस्टम है. रिपोर्ट की मानें तो ये विमान स्टील्थ विमानों के पता लगाने में सक्षम हैं. इसे भारत की वायु रक्षा प्रणाली के लिए विकसित किया गया है. यह दुश्मन के घातक स्टील्थ विमानों के लिए एक खतरा है. इसके अलावा भारतीय वायुसेना का इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) भी F-35B जैसे स्टील्थ विमानों का पता लगाने में सक्षम है.  

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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