8वें पे कमीशन में किस लेवल के कर्मचारियों की ज्यादा होगी मौज? जान लें सही जवाब
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर और नया सैलरी मैट्रिक्स लागू होने से ऊंचे पदों वाले अधिकारियों की सैलरी में बड़ा उछाल आएगा, वहीं लेवल 1 से 5 के निचले स्तर के कर्मचारियों के वेतन में भी सुधार होगा.

केंद्र सरकार के करीब 48 लाख कर्मचारियों और 65 से 69 लाख पेंशनर्स को 8वें पे कमीशन का बेसब्री से इंतजार है. नवंबर 2025 में गठित इस आयोग की अध्यक्षता पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं, और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. हालांकि अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इसे लेकर लगातार अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं. ऐसे में सबसे दिलचस्प सवाल यही बन गया है कि आखिर इस वेतन बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा फायदा किस लेवल के कर्मचारियों को मिलने वाला है.
निचले लेवल के कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत
लेवल-1 और लेवल-2 जैसे सबसे निचले पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों की मौजूदा न्यूनतम सैलरी करीब 18,000 रुपये है. अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से इनकी सैलरी बढ़कर 26,000 से 34,000 रुपये के बीच पहुंच सकती है, यानी शुरूआती सैलरी में करीब दोगुने तक का उछाल आ सकता है. चूंकी यह वर्ग पहले से ही सबसे कम सैलरी पर काम कर रहा है, इसलिए प्रतिशत के लिहाज से इनकी जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव महसूस होगा, क्योंकि रोजमर्रा के खर्च और बचत, दोनों पर इसका असर साफ दिखेगा.
ऊंचे लेवल के कर्मचारियों को मिलेगा ज्यादा पैसा
वहीं अगर बात वास्तविक रुपये में बढ़ोतरी की हो, तो लेवल 6,7 या उससे ऊपर के कर्मचारियों को कहीं ज्यादा फायदा मिलेगा. एक अनुमान के मुताबिक लेवल 6 या 7 के फ्रेश रिक्रूट की सैलरी भत्तों के साथ 80 हजार से 1.10 लाख प्रति महीने तक पहुंच सकती है, जो प्राइवेट सेक्टर की कई मिड लेवल नौकरियों के बराबर या उनसे बेहतर मानी जा रही है.
चूंकि HRA और TA जैसे भत्ते भी बेसिक सैलरी के प्रतिशत के आधार पर तय होते हैं, इसलिए ज्यादा बेसिक सैलरी वाले सीनियर कर्मचारियों को इन भत्तों में भी बड़ा फायदा मिलता है, जिससे उनकी कुल सैलरी में इजाफा रुपयों के हिसाब से सबसे ज्यादा होगा.
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पेंशनर्स के लिए भी खास प्रावधान
सिर्फ मौजूदा कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स को भी इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, मौजूदा न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है, जो फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से बढ़कर 22,500 से 25,200 रुपये तक पहुंच सकती है. इसके अलावा कुछ पेंशनर संगठनों ने न्यूनतम पेंशन को आखिरी सैलरी से 67 प्रतिशत तक रखने और 90 साल से ज्यादा उम्र के पेंशनर्स के लिए इसे बढ़ाकर पूरी आखिरी सैलरी के बराबर करने का प्रस्ताव भी रखा है.
कुल मिलाकर किसे मिलेगी ज्यादा मौज?
अगर सीधे शब्दों में कहें, तो प्रतिशत के हिसाब से सबसे निचले लेवल के कर्मचारियों की जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव आ सकता है, क्योंकि उनकी सैलरी लगभग दोगुनी हो सकती है. लेकिन अगर असली रुपयों में बढ़ोतरी को नापा जाए, तो सीनियर और ऊंचे लेवल के अधिकारियों को सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है, क्योंकि उनकी बेसिक सैलरी पहले से ही ज्यादा है और उसी अनुपात में भत्ते भी बढ़ते हैं. यानी दोनों ही वर्गों के लिए यह वेतन आयोग अपने-अपने तरीके से राहत लेकर आने वाला है, असली तस्वीर आयोग की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो पाएगी.
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