कांग्रेस को जिस 24 अकबर रोड मुख्यालय को खाली करने का मिला नोटिस, वहां जमीन की कीमत कितनी?
24 Akbar Road Land Value: हाल ही में कांग्रेस को 24 अकबर रोड पर स्थित अपने मुख्यालय को खाली करने का नोटिस मिल चुका है. आइए जानते हैं यहां पर जमीन की कीमत कितनी है.

- कांग्रेस को 24 अकबर रोड मुख्यालय खाली करने का नोटिस मिला।
- लुटियंस दिल्ली स्थित जमीन की बाजार कीमत ₹500-800 करोड़ अनुमानित।
- सर्किल रेट ₹345 करोड़, बाजार कीमत सर्किल रेट से अधिक।
- आर्थिक मूल्य के साथ-साथ बंगले का राजनीतिक महत्व भी अधिक।
24 Akbar Road Land Value: कांग्रेस को 24 अकबर रोड पर स्थित अपने पुराने हेडक्वार्टर को खाली करने का नोटिस मिल चुका है. खाली करने की डेडलाइन 28 मार्च है. इसी बीच लोगों का ध्यान इस बात पर जा रहा है कि आखिर जहां कांग्रेस का मुख्यालय है उस जमीन की कीमत कितनी है? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
लुटियंस दिल्ली में प्राइम लोकेशन
24 अकबर रोड पर स्थित बंगला राजधानी के सबसे मशहूर इलाकों में से एक है. इसे अक्सर लुटियंस जोन भी कहा जाता है. इसे एडविन लुटियंस ने डिजाइन किया था. इस इलाके में बड़े-बड़े राजनीतिक नेता, दूतावास और कीमती सरकारी प्रॉपर्टीज हैं. यह इसे भारत के सबसे महंगे रियल एस्टेट इलाकों में से एक बनाता है.
जमीन की अनुमानित बाजार कीमत
हालांकि हाल ही में कोई आधिकारिक मूल्यांकन सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है लेकिन पिछले सौदों और मौजूदा बाजार के रुझानों के आधार पर अनुमान बताते हैं कि इस इलाके में जमीन की कीमत 10 लाख रुपये से 15 लाख रुपये प्रति वर्ग गज के बीच है. 24 अकबर रोड बंगले का कुल क्षेत्रफल लगभग 1.1 एकड़ है. इन आंकड़ों के आधार पर जमीन की बाजार कीमत ₹500 करोड़ से ₹800 करोड़ के बीच होने का अनुमान है.
क्या है सर्किल रेट?
दिल्ली सरकार के नियमों के मुताबिक लुटियंस जोन श्रेणी A में आता है. यहां शहर के सबसे ऊंचे सर्किल रेट लागू होते हैं. मौजूदा निर्धारित दर लगभग ₹7.74 लाख प्रति वर्ग मीटर है. लगभग 4451 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्रफल के साथ जमीन की कम से कम सरकारी कीमत लगभग 345 करोड़ रुपये बैठती है.
बाजार कीमत सर्किल रेट से ज्यादा क्यों?
अकबर रोड, पृथ्वीराज रोड और अमृता शेरगिल मार्ग जैसे प्रीमियम इलाकों में असल सौदों की कीमत अक्सर सर्किल रेट से 20% से 50% ज्यादा होती है. ऐसा इस इलाके की खास पहचान, जमीन की सीमित उपलब्धता और राजनीतिक संस्थाओं से आने वाली भारी मांग की वजह से होता है. ऐसी प्रॉपर्टीज़ की असली बाजार कीमत आमतौर पर सरकारी अनुमानों से काफ़ी ज़्यादा होती है
अपनी आर्थिक कीमत के अलावा 24 अकबर रोड का राजनीतिक महत्व भी काफी ज्यादा है. दरअसल दशकों तक यह कांग्रेस का मुख्यालय रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस पार्टी इस बंगले का किराया मौजूदा नियमों के हिसाब से चुका रही है. हालांकि ऐसी सरकारी संपत्तियों के आवंटन पर अब बारीकी से नजर रखी जा रही है.
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