सिर्फ सिंगर नहीं थीं आशा भोसले: ‘माई’ में किया ऐसा रोल, बिना ग्लिसरीन रो पड़ी थीं खुद
दिग्गज सिंगर आशा भोसले का कल निधन हो गया. जिससे पूरी इंडस्ट्री शोक में है. आशा भोसले सिर्फ एक महान सिंगर ही नहीं थी, बल्कि उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में भी कमाल कर दिया था.

बॉलीवुड की दिग्गज सिंगर आशा भोसले के निधन से उनके चाहने वाले दुखी हैं. 92 साल की उम्र में कल, 12 अप्रैल को उनका निधन हो गया. उन्होंने 12000 से ज्यादा गाने अलग-अलग भाषाओं में गाए हैं, और उनकी तूती विदेशों में भी बोलती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि आशा ताई ने एक्टिंग की दुनिया में भी हाथ आजमाया था. उन्होंने पर्दे पर इतना भावुक रोल प्ले किया था कि दर्शक रोने के लिए मजबूर हो गए थे.
आशा भोसले ने की थी एक्टिंग
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा संगीत इतिहास में सबसे ज्यादा बार रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता पाने वाली आशा भोसले ने मराठी फिल्म माई में एक मां का किरदार निभाया था. इस फिल्म में सिंगर ऐसी मां बनी थी जो अल्जाइमर की बीमारी से पीड़ित है और चीजों को याद नहीं रख पाती. फिल्म में उनका बेटा (राम कपूर) उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ने का फैसला लेते हैं, जबकि बेटी (पद्मिनी कोल्हापुरे) उनका ध्यान रखती है.
फिल्म जिदंगी के ताने-बाने और बुजुर्गों के प्रति बच्चों के बदलते रवैये को पर्दे पर बखूबी दिखाती है. यह फिल्म आशा ताई के लिए बहुत खास थी, क्योंकि उनकी यह डेब्यू फिल्म थी और उन्हें फिल्म की कहानी इतनी मार्मिक लगी कि उन्होंने सिंगिंग के साथ-साथ एक्टिंग करने का भी फैसला कर लिया.

माई के किरदार ने आशा भोसले को किया था इमोशनल
उन्होंने साल 2013 में दिए इंटरव्यू में बताया था कि माई के किरदार ने उन्हें भावुक कर दिया था और यह किरदार उनके जीवन की वास्तविकता के भी काफी करीब है. खास बात यह थी आशा जी ने फिल्म के किसी भी इमोशनल सीन के लिए रोने के लिए ग्लिसरीन का इस्तेमाल नहीं किया था. उनकी आंखों में खुद-ब-खुद आंसू आ जाते थे.
उन्होंने कहा था, मैं किरदार में खुद को इतना झोंक देती थी कि भावनाएं खुद-ब-खुद आ जाती थीं. फिल्म माई से पहले सिंगर की बेटी ने साल 2012 में आत्महत्या की थी, इस दर्द से वह निकल भी नहीं पाई थीं कि 2015 में उनके बेटे का कैंसर की बीमारी से निधन हो गया था.

























