पंकज धीर के निधन के बाद बेटे ने शेयर किया भावुक पोस्ट, कहा- मैंने अपने साथी को खो दिया
Nikitin Dheer Emotional Post: मशहूर एक्टर पंकज धीर के निधन के दस दिन बीत जाने के बाद, उनके बेटे निकितिन धीर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया. इस पोस्ट में उन्होंने दिल से लिखा लंबा नोट.

15 अक्टूबर को एक्टर पंकज धीर का 68 साल की उम्र में निधन हो गया, जिन्हें दर्शकों ने खासतौर पर महाभारत में कर्ण का किरदार निभाने के लिए याद किया. अब उनके निधन के 10 दिन बाद, उनके बेटे निकितिन धीर ने सोशल मीडिया पर पहला पोस्ट किया है.
इस पोस्ट में उन्होंने एक लंबा और भावुक नोट लिखा, जिसमें अपने पिता के साथ बिताए पलों और उनसे मिली सीखों का ज़िक्र किया. निकितिन ने अपने पिता को सिर्फ एक पिता ही नहीं बल्कि अपने सबसे अच्छे दोस्त भी बताया.
निकितिन धीर ने पिता को किया याद
निकितिन धीर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें वे अपने दिवंगत पिता पंकज धीर की अस्थियां विसर्जित करते दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो में उन्होंने अपने पिता की कुछ पुरानी यादगार तस्वीरें भी साझा की हैं. अपने पोस्ट में निकितिन ने भावुक नोट लिखा कि उन्हें पिता को श्रद्धांजलि देने के दौरान फैंस और सेलेब्स से मिलने वाले प्यार के लिए बेहद आभार है.
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उन्होंने अपनी भावनाओं को काबू में रखने की कोशिश करते हुए लिखा, "जन्म के बाद केवल मृत्यु निश्चित है." उन्होंने आगे कहा, “15 अक्टूबर 2025 को मैंने अपने पिता, अपने गुरु और अपने सबसे अच्छे दोस्त को खो दिया. वह कुछ समय से बीमार थे, और इसने हमारे परिवार को गहराई से झकझोर दिया.”
मुझे उनके बेटे होने पर पहले से कहीं ज्यादा गर्व है
अपने नोट में निकितिन ने आगे लिखा, “आज मुझे उनके बेटे होने पर पहले से कहीं ज्यादा गर्व महसूस हो रहा है. वे सबसे अद्भुत पिता थे. उन्होंने मुझे धैर्य, चरित्र, निष्ठा और दृढ़ता का महत्व सिखाया, और यह भी बताया कि अपने सपनों का पीछा कैसे करना है, भले ही दुनिया आपको गलत समझे. जो भी जीवन के सबक उन्होंने मुझे दिए, मैं उन्हें हमेशा याद रखूंगा और वे मेरे लिए हमेशा एक स्टार बने रहेंगे.”
निकितिन धीर और उनके परिवार ने ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन आश्रम में स्वामी चिदानंद शास्त्री के मार्गदर्शन में अपने दिवंगत पिता की अस्थियां विसर्जित कीं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. अपने नोट के अंत में निकितिन ने स्वामी चिदानंद का भी दिल से आभार व्यक्त किया.
Source: IOCL





















