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​Army Schools: क्यों आम स्कूलों से अलग होते हैं आर्मी स्कूल, कौन सी चीज उन्हें बनाती है बेहद खास

​आर्मी स्कूल में 12वीं क्लास तक की पढ़ाई कराई जाती है. इन स्कूलों में पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों पर भी खासा जोर दिया जाता है, जो इन्हें अन्य स्कूलों से अलग बनाती है.

शिक्षा पर सबका अधिकार है...सभी माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करना चाहते हैं. ताकि उनके बच्चे बड़े होकर कामयाब बनें और उनका नाम रोशन करें. आज हम आपको देश की सेवा में तैनात आर्मी, नेवी व एयरफोर्स के जवानों व अधिकारियों के बच्चों के लिए बनाए गए आर्मी स्कूल से जुड़ी खास जानकारी देने जा रहे हैं... आइए जानते हैं आर्मी स्कूलों में आम लोगों के बच्चों को कैसे दाखिला मिलता है और इन स्कूलों की क्या विशेषताएं हैं, जो उन्हें आम स्कूलों से खास बनाती हैं.

देशभर के सैनिक स्कूलों में दाखिला आल इंडिया सैनिक स्‍कूल एंट्रेंस एग्‍जाम (AISSEE) के जरिए होता है. इस प्रवेश परीक्षा का आयोजन प्रत्येक वर्ष किया जाता है. इसी परीक्षा के जरिए आर्मी स्कूलों के 6वीं और 9वीं क्लास में दाखिला प्रदान किया जाता है. दाखिले के समय छात्रों की उम्र की बात करें कक्षा 6 में दाखिला लेते समय विद्यार्थी की उम्र 10 से 12 साल के बीच होनी चाहिए. जबकि 9वीं क्लास में एडमिशन के लिए आयु 13 साल से 15 साल के मध्य होनी चाहिए. स्कूल में छात्रों का दाखिला एग्जाम में उनके परफार्मेंस व मेडिकल फिटनेस को देखकर किया जाता है.

ये है विशेषता

एक्सपर्ट्स की मानें तो सैनिक स्कूल छात्र के चरित्र, नेतृत्व कौशल और अनुशासन की भावना को विकसित करने पर जोर देने के लिए जाने जाते हैं. सैनिक स्कूल छात्रों को एक अद्वितीय सैन्य-शैली का प्रशिक्षण प्रदान करते हैं जो आम तौर पर सामान्य स्कूलों में नहीं मिलता है. प्रशिक्षण में ड्रिल, शारीरिक प्रशिक्षण व अन्य सैन्य-संबंधित गतिविधियां शामिल हैं. सैनिक स्कूल विशेष रूप से सशस्त्र बलों में करियर के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए स्थापित किए गए हैं. स्कूल छात्रों को एक पूर्ण शिक्षा और शारीरिक फिटनेस प्रशिक्षण प्रदान करते हैं जो सेना के लिए आवश्यक है.

विभिन्न गतिविधियां होती हैं आयोजित

एईसी ट्रेनिंग कॉलेज एंड सेंटर से रिटायर ब्रिगेडियर समर वीर सिंह बताते हैं कि सैनिक स्कूल छात्रों को व्यक्तिगत विकास के लिए कई मौके प्रदान करते हैं. इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों पर जोर दिया जाता है. जोकि छात्रों को उनकी प्रतिभा और रुचियों को विकसित करने में मदद करती हैं. इन स्कूलों में 12वीं क्लास तक की पढ़ाई होती है. आर्मी स्कूल में आर्मी पर्सनल्स के अलावा आम नागरिकों के बच्चे भी पढ़ाई कर सकते हैं.

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