एक्सप्लोरर

UPSC Exam 2026: UPSC परीक्षा केंद्रों पर अब होगी फेस रिकॉग्निशन, और कड़े हुए नियम

परीक्षा में सही उम्मीदवार ही बैठे और किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो. इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए यूपीएससी ने अब अपने सभी परीक्षा केंद्रों पर फेस रिकॉग्निशन प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है.

यूपीएससी  देश की सबसे प्रतिष्ठित और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का संचालन करता है, जिनमें लाखों उम्मीदवार हर साल भाग लेते हैं. इन परीक्षाओं में शामिल होकर उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) जैसी उच्च सेवाओं में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं. ऐसे में यह सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि परीक्षा में सही उम्मीदवार ही बैठे और किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो. 

इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, यूपीएससी ने अब अपने सभी परीक्षा केंद्रों पर फेस रिकॉग्निशन प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है. इसका मतलब है कि अब परीक्षा में प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवारों की चेहरे की पहचान परीक्षा केंद्र पर की जाएगी. यह कदम आयोग की परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है. 

UPSC फेस ऑथेंटिकेशन क्यों लागू कर रहा है?

यूपीएससी हर साल कई जरूरी भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता है, और इन परीक्षाओं में देशभर से लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं. अब तक उम्मीदवारों की पहचान मुख्य रूप से डॉक्यूमेंट और आईडी कार्ड के जरिए होती थी. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि चेहरे की पहचान प्रणाली इस प्रक्रिया को और मजबूत और सुरक्षित बनाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य सही उम्मीदवार की पहचान यानी यह सुनिश्चित करना कि परीक्षा में वही व्यक्ति शामिल हो, जिसने आवेदन किया है. फर्जीवाड़ा रोकना, किसी और की जगह किसी उम्मीदवार को परीक्षा में बैठने से रोकना. भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखना. मैन्युअल जांच कम करना. अब पहचान प्रक्रिया ज्यादा ऑटोमेटिक होगी और लंबी लाइनों या मैन्युअल जांच में समय नहीं लगेगा. 
 
फेस रिकॉग्निशन कैसे काम करती है?

फेस रिकॉग्निशन तकनीक पूरी तरह एआई-आधारित है. इसका तरीका बहुत आसान है. उम्मीदवार ने जब यूपीएससी के लिए आवेदन किया था, तो उसने अपनी फोटो अपलोड की थी. परीक्षा के दिन एंट्री गेट पर लगे कैमरे के सामने उम्मीदवार खड़ा होगा. सिस्टम उस व्यक्ति की लाइव फोटो को आवेदन की फोटो से मिलाएगा. अगर फोटो मैच कर जाती है, तो उम्मीदवार को परीक्षा कक्ष में एंट्री की अनुमति मिल जाएगी. यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ 8-10 सेकंड में पूरी हो जाती है और मैन्युअल की जरूरत नहीं होती, अधिकारियों का कहना है कि यह प्रणाली सामान्य परीक्षा-दिवस की परिस्थितियों में सुचारू रूप से काम करेगी और उम्मीदवारों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. 

पायलट परीक्षण और अनुभव

यूपीएससी ने इस प्रणाली को पूरी तरह लागू करने से पहले एनडीए और सीडीएस परीक्षाओं में पायलट प्रोजेक्ट किया था. इसे 14 सितंबर, 2025 को गुरुग्राम के चुनिंदा केंद्रों पर टेस्ट किया गया. पायलट टेस्ट में उम्मीदवारों की लाइव फोटो को आवेदन की फोटो से डिजिटल रूप से मिलाया गया. सत्यापन प्रक्रिया ने केवल 8-10 सेकंड समय लिया. इस प्रयोग से पता चला कि सुरक्षा और प्रवेश प्रक्रिया दोनों में सुधार हुआ. इसका नतीजा यह हुआ कि आयोग ने इसे सभी UPSC भर्ती परीक्षाओं में लागू करने का फैसला लिया. 

परीक्षा के दिन उम्मीदवारों को क्या तैयार करना होगा?

अब फेस रिकॉग्निशन अनिवार्य हो चुका है, इसलिए उम्मीदवारों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. जैसे  पंजीकरण के समय अपलोड की गई फोटो और वास्तविक चेहरे में काफी हद तक मेल होना चाहिए, पहले की तरह ID, एडमिट कार्ड जैसी जरूरी चीजें साथ रखें,  प्रवेश बिंदु पर कैमरे के सामने खड़े होकर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करें. परीक्षा केंद्र को यह सुनिश्चित करना होगा कि कैमरे और इंटरनेट कनेक्टिविटी सही स्थिति में हों, ताकि देरी न हो. 

यह भी पढ़ें : सेना में अफसर बनने के लिए कौन सा एग्जाम देना होता है, कैसे होती है पढ़ाई? जानें सबकुछ

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

UPSC CSE एग्जाम का रिजल्ट जल्द होगा जारी, इस तरह कर सकेंगे नतीजे चेक
UPSC CSE एग्जाम का रिजल्ट जल्द होगा जारी, इस तरह कर सकेंगे नतीजे चेक
RRB Group D 2026: रेलवे में 22 हजार नौकरियों का सुनहरा मौका! आरआरबी ग्रुप डी के लिए बढ़ी आखिरी तारीख
रेलवे में 22 हजार नौकरियों का सुनहरा मौका! आरआरबी ग्रुप डी के लिए बढ़ी आखिरी तारीख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
​NPCIL में ​काम करने का गोल्डन चांस, कई ट्रेड में निकली वैकेंसी; जानें कैसे करें आवेदन
​NPCIL में ​काम करने का गोल्डन चांस, कई ट्रेड में निकली वैकेंसी; जानें कैसे करें आवेदन
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: 😧Hanumant का License जब्त गाड़ी और नौकरी दोनों गए हाथ से, अब क्या करेगी Vasudha?
Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बीजेपी ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, देखें और कौन-कौन शामिल
BJP ने जारी की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा, देखें लिस्ट
खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त
खामेनेई के प्रतिनिधि से इमरान मसूद ने की मुलाकात, बोले- दुश्मन की मौत पर भी बोलते हैं, ईरान तो हमारा दोस्त
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
जंग के बीच UAE में फंसे भारतीयों के लिए इंडिया ने जारी की एडवाइजरी, जानें दूतावास ने आखिर क्या कहा?
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
‘कम से कम दो साल के लिए टीम से बाहर होने चाहिए', शाहिद अफरीदी ने किस पाकिस्तानी खिलाड़ी को लेकर दिया बयान
द केरला स्टोरी 2 की इलीगल ब्रॉडकॉस्टिंग पर लगाई रोक, मद्रास HC का केबल ऑपरेटरों को आदेश
द केरला स्टोरी 2 की इलीगल ब्रॉडकॉस्टिंग पर लगाई रोक, मद्रास HC का केबल ऑपरेटरों को आदेश
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
'अब इजरायल को अपना माई-बाप मान लें, नेतन्याहू ही...', PAK एक्सपर्ट को मुस्लिम देशों से क्यों करनी पड़ी ये अपील?
क्या दिल्ली में पढ़ रहीं दूसरे राज्य की लड़कियों को मिलेगा लखपति बिटिया का फायदा, जानें नियम?
क्या दिल्ली में पढ़ रहीं दूसरे राज्य की लड़कियों को मिलेगा लखपति बिटिया का फायदा, जानें नियम?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या इजरायली प्रेसिडेंट नेतन्याहू कौन ज्यादा पढ़-लिखा? जानकर नहीं होगा यकीन
Embed widget