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QS Sustainability Rankings 2026 में 9 भारतीय यूनिवर्सिटियां ​टॉप 700 में​ पहुंचीं​, IIT दिल्ली ​बना नंबर वन भारतीय संस्थान

भारत ने QS World University Rankings: Sustainability 2026 में ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है. देश की कुल 9 यूनिवर्सिटियों ने टॉप 700 में जगह बनाई.जानते हैं ​लिस्ट में और कौन-कौन से संस्थान हैं.

देश के हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट ने QS World University Rankings: Sustainability 2026 में पकड़ बनाई है. इस लिस्ट में भारत की 9 यूनिवर्सिटियों ने टॉप 700 में जगह बनाई है. इस लिस्ट में IIT दिल्ली इस बार भी भारत का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा. संस्थान ने 205वीं रैंक हासिल की है.

इस बार की रैंकिंग में 100 से ज्यादा भारतीय विश्वविद्यालय शामिल हुए, जिससे भारत दुनिया में चौथे नंबर पर रहा है. QS की रिपोर्ट के मुताबिक कुल 103 भारतीय संस्थानों में से 32 की रैंकिंग में सुधार हुआ. जबकि 15 की रैंकिंग पहले जैसी ही रही साथ ही 30 संस्थानों की रैंकिंग गिरी है.  

भारत की कई यूनिवर्सिटियों ने Earth Sciences, Climate Studies और Environmental Programs में बेहद मजबूत स्कोर किया है. इससे साफ है कि भारत पर्यावरण और विज्ञान शिक्षा को लेकर आगे बढ़ रहा है.

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टॉप 700 में पहुंचे भारत के 9 विश्वविद्यालय

IITs का प्रदर्शन

IIT Delhi और IIT Kharagpur Employability और Outcomes कैटेगरी में टॉप 100 में पहुंचे. आईआईटी दिल्ली ने 93वां स्थान हासिल किया और आईआईटी खड़गपुर 96 वें नंबर पर. इसके अलावा IIT Bombay पर्यावरण प्रभाव कैटेगरी में एक स्थान ऊपर जाकर 100वें स्थान पर आया. IIT Kharagpur पर्यावरण स्थिरता में 49वीं रैंक पर रहा है.

इस साल रैंकिंग में कुल 2000 विश्वविद्यालय और 106 देशों से शामिल हुए. सबसे ज्यादा विश्वविद्यालय अमेरिका से रहे. अमेरिका के 240 संस्थानों ने इसमें हिस्सा लिया. दूसरे नंबर पर चीन है जहां के 163 संस्थान प्रतिभागी रहे. यूके के 109, भारत की तरफ से 103 इंस्टीटूट्स इस बार शामिल हुए थे और फ्रांस के 76 संस्थान शामिल रहे.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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