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60 फीसदी नंबर वालों के लिए खुशखबरी, हर साल मिलेगी हजारों रुपये की स्कॉलरशिप

पूर्वोत्तर भारत के 8 राज्यों के मेधावी छात्रों को NEC मेरिट स्कॉलरशिप के तहत हर साल 20 हजार से 30 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है.

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  • पूर्वोत्तर के छात्रों के लिए NEC मेरिट स्कॉलरशिप उपलब्ध.
  • डिप्लोमा से पीएचडी तक ₹20,000 से ₹30,000 प्रति वर्ष.
  • आवेदन हेतु 60% अंक और ₹8 लाख वार्षिक आय.
  • नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर करें ऑनलाइन आवेदन.

अगर आप अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम या त्रिपुरा के रहने वाले हैं और आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की तलाश में हैं, तो नॉर्थ ईस्टर्न काउंसिल (NEC) मेरिट स्कॉलरशिप आपके लिए सुनहरा मौका साबित हो सकती है. इस योजना के तहत छात्रों को हर साल 20 हजार रुपये से लेकर 30 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे अपनी पढ़ाई बिना किसी आर्थिक परेशानी के जारी रख सकें.

हायर एजुकेशन की बढ़ती लागत के बीच यह स्कॉलरशिप हजारों छात्रों का सहारा बन रही है. खास बात यह है कि यह योजना केवल स्कूल या कॉलेज स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी कर रहे छात्रों को भी इसका लाभ मिलता है. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र इस स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करते हैं.

किसे मिलती है कितनी राशि?

NEC मेरिट स्कॉलरशिप के तहत पढ़ाई के स्तर के अनुसार अलग-अलग राशि दी जाती है. डिप्लोमा कोर्स करने वाले छात्रों को सालाना 20,000 रुपये मिलते हैं. ग्रेजुएशन या डिग्री कोर्स में पढ़ रहे छात्रों को 22,000 रुपये प्रति वर्ष दिए जाते हैं. वहीं पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को 25,000 रुपये और एमफिल या पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को 30,000 रुपये प्रति वर्ष की सहायता राशि मिलती है.

यह राशि सीधे छात्रों की पढ़ाई से जुड़े खर्चों को कम करने में मदद करती है. कई छात्र किताबें, अध्ययन सामग्री, हॉस्टल फीस और अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए इसी सहायता का उपयोग करते हैं.

कौन कर सकता है आवेदन?

इस स्कॉलरशिप का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं. सबसे पहले आवेदक का पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों में से किसी एक का स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसमें अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं.

इसके अलावा छात्र को पिछली योग्यता परीक्षा में कम से कम 60 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे. यानी यह स्कॉलरशिप उन छात्रों को दी जाती है जिन्होंने पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया हो.

परिवार की आय भी तय सीमा में होनी चाहिए

स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्र के माता-पिता या अभिभावक की कुल वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. सरकार का उद्देश्य ऐसे मेधावी छात्रों की मदद करना है जो आर्थिक रूप से कमजोर या मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं और आगे की पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं.

मान्यता प्राप्त संस्थान में होना चाहिए दाखिला

आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान में दाखिला होना जरूरी है. डिप्लोमा, डिग्री, पोस्ट ग्रेजुएशन, एमफिल और पीएचडी जैसे कोर्स में पढ़ रहे छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. बिना मान्यता वाले संस्थान में पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलेगा.

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ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

NEC मेरिट स्कॉलरशिप के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जाता है. इच्छुक छात्रों को भारत सरकार के नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर जाकर आवेदन करना होगा. सबसे पहले छात्रों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना होगा.

इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे. इनमें आधार कार्ड, बोनाफाइड सर्टिफिकेट, आय प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं. सभी जानकारी सही तरीके से भरने के बाद आवेदन पत्र ऑनलाइन जमा किया जा सकता है.

हर साल करना होगा आवेदन

इस स्कॉलरशिप की एक खास बात यह है कि केवल नए छात्रों को ही नहीं, बल्कि पहले से लाभ ले रहे छात्रों को भी हर साल नवीनीकरण (Renewal) के लिए आवेदन करना पड़ता है. इसलिए जो छात्र पहले से इस योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें समय रहते अपना रिन्यूअल फॉर्म भरना चाहिए.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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