हिजाब बैन और सैन्य महिला अधिकारियों के मुकदमे लड़ने वाली वी. मोहना कौन? वकील से सीधे बनेंगी SC की जज
जस्टिस मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में 12वीं महिला जज होंगी और बार से सीधे नियुक्त होने वाली दूसरी महिला जज हैं. जस्टिस एम. फातिमा बीवी 1989 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त की गई पहली महिला थीं.

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (2 जून, 2026) को एक और महिला जज वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है. कल कॉलेजियम की सिफारिश को सरकार की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति ने भी नियुक्ति पर मुहर लगा दी है. वी. मोहना दूसरी महिला जज होंगी, जिनकी बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति होगी. उनसे पहले साल 2018 में जस्टिस इंदु मल्होत्रा बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट की जज बनी थीं. पांच सालों में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में किसी महिला जज की नियुक्ति होने वाली है. आज वी. मोहना के साथ चार और जज सुप्रीम कोर्ट में पद की शपथ लेंगे.
जस्टिस मोहना की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की संख्या दो हो जाएगी. कई महीनों से जस्टिस बी. वी. नागरत्ना सुप्रीम कोर्ट की इकलौती महिला जज थीं. जस्टिस नागरत्ना 31 अगस्त 2021 से सुप्रीम कोर्ट की जज हैं. जस्टिस नागरत्ना 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए देश की मुख्य न्यायाधीश (CJI) भी बनेंगी. 2021 के बाद अब सुप्रीम कोर्ट में एक और महिला जज की नियुक्ति होगी.
जस्टिस मोहना की उम्र 59 साल है और वह जून 2031 में रिटायर होंगी. उन्होंने साल 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन की और तब से वह वकालत कर रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने 2015 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता नामित किया था. जस्टिस मोहना ने कई हाई-प्रोफाइल मामलों में पैरवी की है, जिनमें सशस्त्र बलों में महिला अधिकारियों से जुड़ी सेवा शर्तें, वरिष्ठ नागरिकों के संपत्ति अधिकार और कर्नाटक में हिजाब प्रतिबंध से संबंधित मामले शामिल हैं. वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में ऐसे दो अन्य जज हैं, जिन्हें बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया है, जिनमें जस्टिस पी. एस. नरसिम्हा और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन शामिल हैं.
जस्टिस मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में 12वीं महिला जज होंगी और बार से सीधे नियुक्त होने वाली दूसरी महिला जज हैं. जस्टिस एम. फातिमा बीवी 1989 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त की गई पहली महिला थीं. हाईकोर्ट के जज के रूप में सेवा करने के बाद उन्हें पदोन्नत किया गया था.
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जस्टिस इंदु मल्होत्रा के न्यायाधीश रहने के दौरान एक समय सुप्रीम कोर्ट में तीन महिला जज थीं, जिनमें जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस इंदिरा बनर्जी शामिल थीं. जस्टिस इंदु मल्होत्रा ने 27 अप्रैल 2018 को बार से सीधे सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली. वह मार्च 2021 में रिटायर हुईं.
पिछले महीने सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को 34 से बढ़ाकर, सीजेआई सहित 38 करने के लिए एक कानून में संशोधन करते हुए एक अध्यादेश जारी किया था. पहले से ही जज के दो पद खाली थी और जजों की सख्या बढ़ने के बाद खाली पदों की कुल संख्या छह हो गई थी. हालांकि, अब सिर्फ एक ही पद खाली रह गया है क्योंकि जस्टिस मोहना के अलावा चार और जजों की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति होगी.
मुंबई हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चन्द्रशेखर, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शील नागू, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और जम्मू कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण पल्ली को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में पदोन्नत किया गया.
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