एक्सप्लोरर

कक्षा 8 की NCERT किताब में कई बड़े बदलाव, जानें इतिहास के किस चैप्टर में क्या बदला

NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की नई किताब में इतिहास के कई अहम चैप्टर अपडेट किए हैं.बंटवारे, कांग्रेस की भूमिका, सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े कंटेंट में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. यहां जानिए पूरी जानकारी.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • NCERT ने आठवीं की नई सामाजिक विज्ञान किताब जारी की है.
  • बंटवारे, सावरकर और बोस से जुड़े इतिहास अध्याय बदले.
  • कांग्रेस भूमिका, भारत छोड़ो आंदोलन के विवरण भी संशोधित.
  • यह किताब 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होगी.

NCERT ने कक्षा 8 की सोशल साइंस की नई किताब जारी कर दी है. इस बार इतिहास के कई हिस्सों में बदलाव किए गए हैं. खास तौर पर भारत के बंटवारे, कांग्रेस की भूमिका, वीडी सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े चैप्टर को नए तरीके से लिखा गया है. यह किताब अब 2026-27 के शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई जाएगी.

इतिहास के कई चैप्टर में बदलाव

नई किताब में आजादी की लड़ाई से जुड़े कई हिस्सों को पहले के मुकाबले अलग तरीके से लिखा गया है. कुछ पुरानी बातें हटाई गई हैं तो कुछ नई जानकारी भी जोड़ी गई है. हालांकि NCERT ने यह साफ नहीं बताया कि इतिहास वाले चैप्टर में ये बदलाव क्यों किए गए.

बंटवारे पर क्या बदला

नई किताब में कहा गया है कि भारत का बंटवारा सिर्फ दो समुदायों के बीच मतभेद की वजह से नहीं हुआ.इसमें यह भी लिखा गया है कि कांग्रेस ने भी बड़े स्तर पर बंटवारे का विरोध किया था और उस समय पूरे देश में इस फैसले पर एक जैसी राय नहीं थी.साथ ही यह भी बताया गया है कि बंटवारे को स्वीकार करना सही फैसला था या नहीं, इस पर आज भी अलग-अलग राय है.

कुछ पुरानी बातें हटा दी गईं

पहले वाली किताब में लिखा था कि बंटवारे के समय हुई हिंसा के दौरान कांग्रेस के नेता खुद को बेबस महसूस कर रहे थे. नई किताब से इस हिस्से को हटा दिया गया है. हालांकि महात्मा गांधी के हिंसा पर दुख जताने वाले विचार अभी भी किताब में रखे गए हैं.

सावरकर और अरविंद घोष का भी जिक्र

नई किताब में अब अरविंद घोष और वीडी सावरकर का भी जिक्र जोड़ा गया है.इसमें बताया गया है कि अरविंद घोष ने 1908 में और वीडी सावरकर ने 1925 में स्वराज की मांग उठाई थी.पहले इस हिस्से में केवल मौलाना हसरत मोहानी, जवाहरलाल नेहरू और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जिक्र था.

यह भी पढ़ें - Education Report Card: स्कूलों की ग्रेडिंग में देश का एक भी जिला टॉप पर नहीं, दिल्ली से हरियाणा तक की पूरी रिपोर्ट

नेताजी वाले चैप्टर में बदलाव

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े हिस्से में भी बदलाव किया गया है. पहले किताब में एडोल्फ हिटलर और नाजी विचारधारा का जिक्र था. नई किताब में इनका नाम हटा दिया गया है. अब सिर्फ इतना लिखा गया है कि नेताजी ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में ब्रिटेन के विरोधी देशों से मदद लेने की कोशिश की थी.

भारत छोड़ो आंदोलन में क्या नया है

भारत छोड़ो आंदोलन वाले चैप्टर में भी बदलाव किया गया है. पहले गांधी, नेहरू और सरदार पटेल जैसे नेताओं के नाम लिखे गए थे. अब इसकी जगह लिखा गया है कि कांग्रेस का लगभग पूरा नेतृत्व गिरफ्तार कर लिया गया था. साथ ही राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण की भूमिका को भी विस्तार से बताया गया है.

NCERT का कहना है कि किताबों में समय-समय पर मिलने वाले सुझावों और विशेषज्ञों की राय के आधार पर बदलाव किए जाते हैं. संस्था के मुताबिक, छात्रों को बेहतर और अपडेटेड जानकारी देने के लिए जरूरत पड़ने पर किताबों को संशोधित किया जाता है. हालांकि इतिहास वाले अध्याय में किए गए बदलावों पर NCERT ने अलग से कोई टिप्पणी नहीं की है.

यह भी पढ़ें - NCERT 8वीं की नई सोशल साइंस किताब जारी, न्यायपालिका चैप्टर में हुए बड़े बदलाव

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

UPSC में 3 बार फेल, 8 साल नौकरी नहीं, फिर मिला 17 लाख का पैकेज
UPSC में 3 बार फेल, 8 साल नौकरी नहीं, फिर मिला 17 लाख का पैकेज
यूपी में ADO पंचायत भर्ती के नियम बदले, उम्र सीमा 40 साल; UPSSSC कराएगा परीक्षा
यूपी में ADO पंचायत भर्ती के नियम बदले, उम्र सीमा 40 साल; UPSSSC कराएगा परीक्षा
इंडियन कोस्ट गार्ड में नौकरी का मौका, 6 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन
इंडियन कोस्ट गार्ड में नौकरी का मौका, 6 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन
ECIL में अप्रेंटिस पद के लिए आई वैकेंसी, 310 सीटों पर भर्ती
ECIL में अप्रेंटिस पद के लिए आई वैकेंसी, 310 सीटों पर भर्ती
Advertisement

वीडियोज

Premanand Maharaj के आश्रम का गुमनाम 'शैतान' ! | Sansani
Mountain Traffic: वीकेंड पर पहाड़ों में महाजाम! मनाली से बदरीनाथ तक ट्रैफिक का तांडव
Smit Machchhar | Fly Dubai: कॉकपिट में 'आतंकी पायलट' का 'बड़ा मकसद' क्या था ! | Netanyahu | Oman
Premanand Maharaj: वृंदावन का आश्रम या लापतागंज? | ABP News
Sandeep Chaudhary| SIR Controversy: ‘सत्याग्रह’ से क्या साधेंगे Rahul Gandhi? विश्लेषकों का विश्लेषण
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'इस्तीफा दें और बैलेट पेपर से चुनाव में...', BJP का CM रेवंत रेड्डी को चैलेंज
'इस्तीफा दें और बैलेट पेपर से चुनाव में...', BJP का CM रेवंत रेड्डी को चैलेंज
बिहार कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजेश राठौड़ साइड, अजय पासवान को बड़ी जिम्मेदारी
बिहार कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजेश राठौड़ साइड, अजय पासवान को बड़ी जिम्मेदारी
6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से पहला ODI खेलेगी टीम इंडिया, हार्दिक पांड्या की जगह खेलेगा ये सूरमा
6 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया से पहला ODI खेलेगी टीम इंडिया, हार्दिक पांड्या की जगह खेलेगा ये सूरमा
'भारत में अब पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती', संजय दत्त का बयान वायरल
'भारत में अब पहले जैसी शांति महसूस नहीं होती', संजय दत्त का बयान वायरल
135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी हटाने की तैयारी, SC ने लिया संज्ञान
135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरियट लाइब्रेरी हटाने की तैयारी, SC ने लिया संज्ञान
चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का आरोप, उदयनिधि स्टालिन पर केस दर्ज
चुनाव प्रचार में बच्चे के इस्तेमाल का आरोप, उदयनिधि स्टालिन पर केस दर्ज
एक ही पौधे में उगाएं आलू और टमाटर, जानें कैसे होती है ऐसी खेती?
एक ही पौधे में उगाएं आलू और टमाटर, जानें कैसे होती है ऐसी खेती?
घर पर बनाएं कटहल के कोफ्ते की सब्जी, उंगलियां चाट-चाटकर खाएंगे लोग
घर पर बनाएं कटहल के कोफ्ते की सब्जी, उंगलियां चाट-चाटकर खाएंगे लोग
Embed widget