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इन 5 देशों में सबसे बेहतर है वर्क लाइफ बैलेंस, जानें यहां ऑफिस में कैसे होता है काम?

दुनिया के वो 5 देश जहां नौकरी के साथ-साथ जिंदगी भी आराम से जी जाती है यहाँ जानिए, कैसे ऑफिस सिस्टम और सरकारी सुविधाएं मिलकर लोगों की लाइफ को तनाव-मुक्त बनाते हैं....

आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी नौकरी अच्छी चले और उसकी निजी जिंदगी भी खुशहाल रहे कई देशों में काम का दबाव इतना ज्यादा होता है कि लोग अपने लिए समय ही नहीं निकाल पाते लेकिन दुनिया में कुछ देश ऐसे हैं जहां सरकार और संस्थान मिलकर कर्मचारियों को इतना आरामदायक माहौल देते हैं कि काम कभी बोझ नहीं लगता छुट्टियों स्वास्थ्य सेवाओं काम के घंटे और वेतन सब कुछ इंसान की सुविधा के अनुसार तय किया गया है इसी कारण वर्ष 2025 की एक वैश्विक रिपोर्ट में पांच देशों को वर्क जीवन संतुलन का चैंपियन बताया गया है जाने कि ये देश इतने खास क्यों माने जाते हैं.

न्यूजीलैंड

न्यूजीलैंड को दुनिया में सबसे बेहतरीन वर्क जीवन संतुलन वाला देश माना जाता है यहां लोग काम के मुकाबले जिंदगी को ज्यादा महत्व देते हैं पूरे सप्ताह में लगभग तैंतीस घंटे काम होता है यानी रोज करीब छह से सात घंटे कई जगह घर से काम करने और लचीले समय की सुविधा भी मिलती है अगर कोई कर्मचारी बीमार हो जाए तो उसे वेतन का अस्सी से सौ फीसदी तक मिलता रहता है यहां स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा हिस्सा सरकार संभालती है इसलिए इलाज का खर्च बहुत कम आता है यहां बीस दिन की तय छुट्टियां मिलती हैं और किसी कर्मचारी को अतिरिक्त काम के लिए मजबूर नहीं किया जाता है सबसे बड़ी बात शाम के बाद किसी कर्मचारी को मजबूरी में काम से जुड़ा फोन नहीं उठाना पड़ता इसलिए यहां के लोग मानसिक रूप से शांत रहते हैं सप्ताहांत परिवार और प्राकृतिक जगहों के बीच बिताया जाता है यहां नौकरी है लेकिन नौकरी के लिए जिंदगी नहीं गंवानी पड़ती.

आयरलैंड

आयरलैंड तेजी से आगे बढ़ने वाला देश है लेकिन यहां विकास का मतलब सिर्फ पैसा नहीं बल्कि खुशहाल जीवन भी है काम के घंटे सीमित रखे गए हैं और तय समय से अधिक काम कराने पर कड़े नियम लागू हैं स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग निःशुल्क हैं सरकार ऐसा तंत्र चलाती है कि इलाज के कारण किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति खराब न हो माता और पिता दोनों को लंबा अवकाश मिलता है जिससे परिवार में नए सदस्य के आने पर नौकरी पर असर नहीं पड़ता कार्यालय का वातावरण शांत और सहयोगी होता है कर्मचारियों को पूरा सम्मान दिया जाता है इसी कारण आयरलैंड वर्क जीवन संतुलन में दुनिया का प्रमुख देश माना जाता है.

बेल्जियम

बेल्जियम में काम के घंटे बिल्कुल स्पष्ट होते हैं तय समय से ज्यादा काम करवाना कानून के खिलाफ है यहां का स्वास्थ्य बीमा मॉडल भी बहुत अच्छा है जिसमें इलाज का खर्च सरकार और नागरिक मिलकर वहन करते हैं ताकि किसी पर बोझ न पड़े मातृत्व और पितृत्व दोनों प्रकार की छुट्टियां उपलब्ध हैं ताकि माता पिता अपने बच्चे की देखभाल आराम से कर सकें कार्यालय का माहौल शांत होता है और लोग सप्ताह का काफी समय परिवार और अपने शौक को देते हैं इसी कारण बेल्जियम यूरोप में वर्क जीवन संतुलन का बड़ा नाम है.

जर्मनी

जर्मनी अनुशासन के लिए जाना जाता है यहां कार्यालयों में भी वही व्यवस्था लागू रहती है समय पर काम पूरा करो और समय पर घर जाओ स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी मजबूत है कि बीमारी का खर्च किसी के लिए चिंता नहीं बनता यहां कार्यालय के बाहर काम नहीं करने का सिद्धांत बहुत गंभीरता से माना जाता है छुट्टी वाले दिन ईमेल या कॉल का जवाब मांगना गलत माना जाता है कर्मचारियों को पूरी इज्जत दी जाती है इसलिए यहां लोग बहुत संतुलित जीवन जीते हैं.

नॉर्वे

नॉर्वे दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में शामिल है और इसका मुख्य कारण यहां का अद्भुत वर्क जीवन संतुलन है यहां किसी पर काम का अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाता काम पूरा हो गया तो घर जाओ नहीं हुआ तो अगले दिन करो समाज में असमानता बहुत कम है इसलिए लोगों में तनाव भी कम है स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं यहां सरकार परिवार स्वास्थ्य शिक्षा और मानसिक शांति पर बड़ी नीतियां बनाती है इसलिए नॉर्वे को दुनिया का सबसे मानव अनुकूल देश कहा जाता है.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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