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ग्रेजुएशन की डिग्री चाहिए तो यहां लगा दें 10 पेड़, सरकार ने खुद बनाया यह है नियम

Philippines Graduation Rules: इस देश में आपको ग्रेजुएशन की डिग्री पाने के लिए छात्रों को 10 पेड़ लगाना जरूरी है. जानें सरकार ने क्यों तय किया है नियम.

ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते. लेकिन अगर आपको कहा जाए आप 10 पेड़ लगा देंगे. तो आपको ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाएगी. तब आप क्या कहेंगे. पेड़ों की घटती संख्या को देखते हुए एक देश में ऐसा अनोखा नियम बनाया गया है. जहां ग्रैजुएशन की डिग्री पाने के लिए छात्रों को कम से कम 10 पेड़ लगाना जरूरी है. सरकार ने इसे आधिकारिक रूप से लागू किया है.

ताकि युवा पढ़ाई के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें.इस नियम के तहत छात्र यूनिवर्सिटी से डिग्री तभी हासिल कर सकते हैं जब वह पौधारोपण का प्रमाण दें. इसके पीछे मकसद है हर साल लाखों नए पेड़ लगाना और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करना. यह कदम शिक्षा को सिर्फ किताबी नहीं, ज़मीनी स्तर पर ज़िम्मेदार भी बना रहा है.

फिलीपींस में ग्रेजुएशन के लिए लगाओ 10 पेड़ 

दुनिया के अलग-अलग देशों में ग्रेजुएशन की डिग्री के लिए अलग-अलग रूल बनाए गए हैं. लेकिन अगर फिलीपींस में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करना है तो सिर्फ एग्जाम पास करना काफी नहीं. 10 पेड़ भी लगाने होंगे. वहां की सरकार ने एक अनोखा कानून लागू किया है. जिसके तहत हर छात्र को डिग्री के लिए पौधारोपण करना अनिवार्य है.

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इसका मकसद देश में तेजी से घटते फाॅरेस्ट एरिया को बचाना है. पहले जहां कुल फाॅरेस्ट कवर 70% था, अब वो सिर्फ 20% रह गया है. इसे देखते हुए सरकार ने हर साल 175 मिलियन से ज्यादा पेड़ लगाने का लक्ष्य तय किया है. पेड़ लगाना अब वहां डिग्री पाने की शर्त बन चुका है. बिना इस काम को पूरा किए आप डिग्री हासिल नहीं कर सकते हैं. 

साल 2019 में पास हुआ था नियम

फिलीपींस की संसद ने साल 2019 में  'Graduation Legacy for the Environment Act' को सर्वसम्मति से पास किया था. इस कानून के तहत अब कॉलेज, हाई स्कूल और स्कूल स्तर के छात्रों को ग्रेजुएशन या प्रमोशन से पहले कम से कम 10 पेड़ लगाने होंगे. 

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सरकार ने इसके लिए मैनग्रोव जंगलों, सैन्य इलाकों और शहरी क्षेत्रों को चिन्हित किया है जहां पौधारोपण किया जाएगा. इन पेड़ों की देखरेख की जिम्मेदारी स्थानीय सरकारी एजेंसियों को दी गई है. इस नियम का उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है. 

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