Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनम वांगचुक के स्कूल का क्या नाम है, यहां कैसे मिलता है एडमिशन?
Sonam Wangchuk Hunger Strike: कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में सोनम वांगचुक 22 दिनों से अनशन पर हैं. एक दिन पहले पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया था.

Sonam Wangchuk Hunger Strike: देशभर में इन दिनों सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक चर्चा में हैं. कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में वह बीते 22 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे हैं. एक दिन पहले पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था. सोनम वांगचुक की इस भूख हड़ताल के बीच लोग उनके शिक्षा मॉडल और उस स्कूल के बारे में भी जानना चाहते हैं, जिसे उन्होंने लद्दाख में शुरू करने में जरूरी भूमिका निभाई थी. ऐसे में आइए जानते हैं कि सोनम वांगचुक के स्कूल का क्या नाम है और यहां एडमिशन कैसे मिलता है.
सोनम वांगचुक के स्कूल का क्या नाम है ?
सोनम वांगचुक के शिक्षा संस्थान का नाम SECMOL (Students Educational and Cultural Movement of Ladakh) है. यह लद्दाख के फेय (Phey) गांव में स्थित है. इसकी शुरुआत 1988 में लद्दाख के कुछ कॉलेज छात्रों ने मिलकर की थी, जिनमें सोनम वांगचुक भी शामिल थे. यह संस्थान पारंपरिक स्कूलों से बिल्कुल अलग तरीके से शिक्षा देता है और व्यावहारिक सीखने पर ज्यादा जोर देता है.
यहां क्या पढ़ाया जाता है?
SECMOL में सामान्य स्कूलों की तरह केवल किताबों पर आधारित पढ़ाई नहीं होती है. यहां छात्रों को प्रैक्टिकल साइंस, सामाजिक मुद्दों की समझ, पब्लिक स्पीकिंग, बागवानी, पशुओं और पेड़ों की देखभाल, लद्दाखी संस्कृति, लोकगीत और पारंपरिक एक्टिविटी से जुड़ी कई चीजें सिखाई जाती हैं. यहां का उद्देश्य सिर्फ परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि छात्रों में लाइफ से जुड़ी स्किल्स और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करना है.
स्कूल की खासियत क्या है?
इस संस्थान का कैंपस करीब 20 एकड़ में फैला हुआ है और पूरा परिसर सोलर एनर्जी से संचालित होता है. यहां कैंपस की कई जिम्मेदारियां खुद छात्र संभालते हैं. पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें रोजाना अलग-अलग काम दिए जाते हैं.
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यहां एडमिशन कैसे मिलता है?
स्कूल की वेबसाइट के अनुसार, यहां 10वीं में फेल, ड्रॉपआउट या 10वीं पास करने के बाद पढ़ाई में कुछ साल का गैप रखने वाले छात्र एडमिशन ले सकते हैं. हालांकि आवेदन करने वाले छात्र को लद्दाखी भाषा आनी जरूरी होती है. दिव्यांग छात्र, अनाथ बच्चे और अकेली मां की संतान जैसे आवेदकों को विशेष प्राथमिकता भी दी जाती है. जरूरतमंद छात्रों के लिए स्पॉन्सरशिप की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है.
पढ़ाई का खर्च कितना है?
SECMOL में पढ़ाई के लिए कोई ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है. छात्रों से सिर्फ खाने के लिए हर महीने 2,000 रुपये लिए जाते हैं. इसके अलावा रहने, पढ़ाई और अन्य सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं. बदले में छात्रों को कैंपस के रोजमर्रा के कामों और जिम्मेदारियों में एक्टिव भागीदारी निभानी होती है.
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