NEET OMR विवाद- NTA जांच में AI से बनाई गई फर्जी शीट का खुलासा, छेड़छाड़ के दावे खारिज
ओएमआर शीट विवाद का एनटीए ने जांच पूरी कर दी है. एजेंसी का कहना है कि जिन मामलों में उम्मीदवारों में ओएमआर शीट में गड़बड़ी और अंकों में बड़े अंतर का आरोप लगाया था.

NEET OMR Sheet Controversy: री नीट यूजी 2026 के रिजल्ट के बाद सामने आए ओएमआर शीट विवाद की एनटीए ने जांच पूरी कर दी है. एजेंसी का कहना है कि जिन मामलों में उम्मीदवारों में ओएमआर शीट में गड़बड़ी और अंकों में बड़े अंतर का आरोप लगाया था. जांच में उनमें से एक ओएमआर सीट एआई की मदद से तैयार की गई फर्जी शीट निकली, जबकि दूसरे मामले में दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ किए जाने की पुष्टि हुई है. इसके बाद एनटीए ने साफ किया की परीक्षा प्रक्रिया को बदनाम करने के लिए फर्जी या एआई से तैयार दस्तावेज जमा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
रिजल्ट जारी होने के बाद महाराष्ट्र के पुणे में एक छात्र ने दावा किया कि उसे दो अलग-अलग ओएमआर शीट मिली है. छात्र के अनुसार एक ओएमआर शीट उसने 13 जुलाई की रात एनटीए की वेबसाइट से डाउनलोड की थी, जबकि दूसरी 15 जुलाई को ईमेल के माध्यम से मिली. दोनों शीट पर उसका नाम था, लेकिन दोनों में दर्ज उत्तर अलग-अलग थे. छात्र के पिता का दावा था कि पहले ओएमआर शीट को आधिकारिक आंसर-की से मिलाने पर उनके बेटे के 707 अंक बन रहे थे, जबकि घोषित परिणाम में उसे केवल 217 अंक मिले. इस तरह महाराष्ट्र के बीड जिले के एक दूसरे छात्र ने आरोप लगाया कि उसे आधिकारिक स्कोरकार्ड में 95 अंक दिए गए, जबकि अंतिम आंसर-की के आधार पर उसके 522 अंक बनने चाहिए थे.
जांच में क्या आया सामने?
एनटीए ने दोनों मामलों की जांच के बाद कहा कि पुणे की छात्र की ओर से प्रस्तुत ओएमआर शीट पूरी तरह एआई की मदद से तैयार की गई थी. वहीं बीड के छात्र के मामले में एजेंसी ने पाया कि प्रस्तुत डॉक्यूमेंट के साथ छेड़छाड़ की गई थी. एजेंसी के अनुसार जांच में सामने आया कि डॉक्यूमेंट मूल ओएमआर शीट से मेल नहीं खाते थे.
एनटीए ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
जांच पूरी होने के बाद एनटीए ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर बयान जारी करते हुए कहा कि एजेंसी सभी शिकायतों की लगातार निगरानी और जांच कर रही है. एनटीए ने छात्रों और पेरेंट्स से केवल मूल ओएमआर शीट ही जांच के लिए प्रस्तुत करने की अपील की है. एजेंसी ने कहा कि अगर कोई शिकायत फर्जी या एआई से तैयार ओएमआर शीट के आधार पर की जाती है, तो संबंधित शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती हैं. इस बात के बीच कांग्रेस ने भी एक उम्मीदवार की मार्कशीट में गठित गड़बड़ी का आरोप लगाया है. पार्टी ने दावा किया है कि एक अभ्यर्थी की ओएमआर शीट किसी दूसरे उम्मीदवार की शीट से बदल दी गई और इस मामले को लेकर केंद्र सरकार तथा शिक्षा मंत्रालय पर सवाल उठाए थे.
कई राज्यों से सामने आए थे शिकायतों के मामले
ओएमआर विवाद केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहा, कर्नाटक सहित कुछ दूसरे राज्यों से भी उम्मीदवारों ने आरोप लगाए कि उनके अंतिम परिणाम में दिए गए अंक अंतिम आंसर की के आधार पर निकाले गए अंकों से मेल नहीं खाते हैं. कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया कि उनके अंक कम होने से उनकी ऑल इंडिया रैंक में भी बड़ा बदलाव आया. प्रभावित छात्रों ने एनटीए से स्पष्टीकरण और मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की.
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