दुबई की यूनिवर्सिटी का बड़ा फैसला, स्प्रिंग ब्रेक के बाद कुछ छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लास
दुबई की मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी ने स्प्रिंग ब्रेक के बाद पढ़ाई को लेकर नई व्यवस्था घोषित की है. 23 मार्च से कैंपस पर कक्षाएं शुरू होंगी, लेकिन जो छात्र वापस नहीं आ पाएंगे उनके लिए 5 अप्रैल तक ऑनलाइन क्लास की सुविधा दी जाएगी.

दुनिया के कई देशों में बदलती परिस्थितियों के बीच शिक्षा व्यवस्था भी लगातार नए तरीके अपना रही है. इसी कड़ी में दुबई की एक यूनिवर्सिटी ने स्प्रिंग ब्रेक के बाद पढ़ाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है. यूनिवर्सिटी ने घोषणा की है कि छुट्टियों के बाद कक्षाएं दो तरीके से चलेंगी कैंपस पर भी और ऑनलाइन भी. दुबई की मिडिलसेक्स यूनिवर्सिटी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए यह जानकारी दी. यूनिवर्सिटी ने बताया कि जिन छात्र-छात्राओं के लिए कैंपस लौटना संभव नहीं होगा, वे कुछ समय तक ऑनलाइन क्लास के जरिए पढ़ाई जारी रख सकेंगे.
स्प्रिंग ब्रेक के बाद शुरू होंगी कक्षाएं
यूनिवर्सिटी के अनुसार स्प्रिंग ब्रेक खत्म होने के बाद 23 मार्च से कैंपस पर कक्षाएं फिर से शुरू करने की योजना है. यानी जिन छात्र-छात्राओं के लिए यूनिवर्सिटी आना संभव है, वे सीधे कैंपस में पढ़ाई कर सकेंगे. लेकिन जिन छात्रों को किसी कारण से उस समय तक दुबई लौटने में परेशानी हो रही है, उनके लिए ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी रखा गया है. यह सुविधा 23 मार्च से 5 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी.
पहले आई थी अलग जानकारी
दरअसल शुक्रवार सुबह यूनिवर्सिटी की ओर से एक पोस्ट जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था कि 23 मार्च से 5 अप्रैल तक सभी कक्षाएं पूरी तरह ऑनलाइन होंगी. इस घोषणा के बाद कई छात्रों और अभिभावकों के बीच सवाल उठने लगे कि क्या कैंपस पूरी तरह बंद रहेगा. बाद में यूनिवर्सिटी ने एक नया अपडेट जारी कर स्थिति साफ कर दी. नई जानकारी में बताया गया कि कैंपस पर कक्षाएं तय समय से शुरू होंगी, लेकिन जिन छात्रों के लिए आना संभव नहीं होगा, उन्हें ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा दी जाएगी.
छात्रों को दिया गया जरूरी निर्देश
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से कहा है कि वे अपनी ऑनलाइन क्लास नियमित रूप से अटेंड करें और समय-समय पर अपने स्टूडेंट ईमेल और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट देखते रहें. प्रशासन ने यह भी कहा कि आगे की स्थिति के अनुसार जरूरत पड़ने पर नई जानकारी जारी की जा सकती है.
छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा सबसे जरूरी
यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में कहा कि छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है. यही कारण है कि पढ़ाई को जारी रखने के साथ-साथ सावधानी बरतने के लिए यह मिश्रित व्यवस्था अपनाई गई है. इस फैसले का मकसद यह है कि पढ़ाई भी प्रभावित न हो और छात्रों को सुरक्षित माहौल भी मिले.
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क्यों लिया गया यह फैसला
दरअसल संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में पिछले कुछ समय से चल रहे संकट के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है. हालात को देखते हुए सरकार ने पहले ही स्कूलों और यूनिवर्सिटियों की छुट्टियों में बदलाव किया था. सरकार ने 4 मार्च को घोषणा की थी कि स्प्रिंग ब्रेक को पहले शुरू किया जाएगा. पहले यह छुट्टी 16 मार्च से 29 मार्च तक तय थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 9 मार्च से ही लागू कर दिया गया. यह फैसला पूरे देश के सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों पर लागू किया गया था.
23 मार्च से सामान्य व्यवस्था
सरकार की ओर से पहले ही बताया गया था कि छुट्टियां खत्म होने के बाद 23 मार्च से फिर से पढ़ाई और कार्यालय का काम शुरू हो जाएगा. हालांकि कई संस्थान हालात को देखते हुए अलग-अलग व्यवस्थाएं अपना रहे हैं. कुछ जगहों पर पूरी तरह कैंपस क्लास शुरू होंगी, जबकि कुछ संस्थान ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प भी दे रहे हैं.
पहले भी लागू की गई थी ऑनलाइन पढ़ाई
इससे पहले भी देश में कुछ समय के लिए डिस्टेंस लर्निंग यानी ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ाया गया था. इसका उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई जारी रखने का मौका देना था. शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा प्रक्रिया को रोकना नहीं है, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार उसे आगे बढ़ाना है.
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Source: IOCL
























