CBSE ने बदला पोस्ट रिजल्ट प्रोसेस, अब कक्षा 10 के छात्रों को पहले मिलेगी स्कैन कॉपी
CBSE ने कक्षा 10 की दोनों बोर्ड परीक्षा के लिए पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया में बदलाव किया. जो छात्र रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है, उन्हें पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10 की मुख्य बोर्ड परीक्षा और सेकंड बोर्ड परीक्षा 2026 के लिए के छात्रों के लिए पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. अब जो छात्र अपने रिजल्ट से संतुष्ट नहीं है, उन्हें सबसे पहले अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करनी होगी. इसके बाद ही वे अंकों के वेरिफिकेशन या उत्तरों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे.
बोर्ड ने 5 अगस्त को जारी नोटिस में बताया कि पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी. आपको बता दें कि मुख्य बोर्ड परीक्षा का परिणाम 15 अप्रैल 2026 को घोषित किया था, जबकि सेकंड बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट 18 जुलाई 2026 को जारी हुआ था. पोस्ट रिजल्ट सुविधाओं के लिए सभी आवेदन केवल ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे.
तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया
सीबीएसई ने इस बार भी पोस्ट रिजल्ट प्रक्रिया को तीन चरणों में रखा है. सबसे पहले छात्र अपने मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करेंगे. इसके बाद अगर उन्हें किसी प्रकार की गलती दिखाई देती है, तो वह अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. वेरिफिकेशन के बाद भी अगर किसी उत्तर के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति रहती है तो संबंधित प्रश्नों के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया जा सकेगा. बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्कैन कॉपी लिए बिना छात्र सीधे वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन नहीं कर सकते हैं.
5 अगस्त से शुरू हुई स्कैन कॉपी की आवेदन प्रक्रिया
छात्र 5 अगस्त से 9 अगस्त 2026 तक अपने मूल्यांकित उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए प्रति विषय 300 रुपये फीस निर्धारित की गई है. सीबीएसई ने छात्रों को सलाह दी है कि स्कैन कॉपी प्राप्त करने के बाद उसे ध्यान से देखें और उसके बाद ही यह तय करें कि उन्हें वेरिफिकेशन या री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन करना है या नहीं.
16 अगस्त से शुरू होंगे वेरिफिकेशन और री-इवैल्युएशन आवेदन
उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी देखने के बाद छात्र 16 अगस्त से 19 अगस्त 2026 तक वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और री-इवैल्युएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे. वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स के लिए 300 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका और री-इवैल्युएशन के लिए 100 रुपये प्रति प्रश्न जमा करना होगा. अगर कोई छात्र दोनों सुविधाओं का लाभ लेना चाहता है, तो उसे दोनों प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग फीस देनी होगी.
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वेरिफिकेशन में क्या-क्या जांचा जाएगा?
सीबीएसई के अनुसार वेरिफिकेशन के दौरान यह देखा जाएगा कि कहीं किसी उत्तर का मूल्यांकन छूट तो नहीं गया, अंकों का कुल जोड़ सही किया गया है या नहीं और उत्तर पुस्तिका से अंतिम अंक दर्ज करते समय कोई गलती तो नहीं हुई है. अगर वेरिफिकेशन के बाद भी छात्र संतुष्ट नहीं होता तो वह केवल उन्हीं प्रश्नों के मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेगा, जिन्हें उसने चुना होगा. इसके अलावा बोर्ड ने साफ किया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अगर अंक बढ़ते हैं, घटते हैं या पहले जैसे ही रहते हैं, तो वहीं अंतिम माने जाएंगे. अगर री-इवैल्युएशन के बाद अंकों में बदलाव होता है, तो छात्र को पहले जारी की गई मार्कशीट और सर्टिफिकेट वापस जमा करने होंगे. इसके बाद सीबीएसई नई मार्कशीट और प्रमाण पत्र जारी करेगा.
ऐसे करें आवेदन
- पोस्ट रिजल्ट सुविधा का लाभ लेने के लिए छात्रों को सबसे पहले सीबीएसई की वेबसाइट पर जाएं.
- यहां पोस्ट रिजल्ट या वेरीफिकेशन लिंक पर क्लिक कर लॉगिन करें.
- अब संबंधित प्रक्रिया का चयन का आवेदन फॉर्म भरें.
- इसके बाद ऑनलाइन फीस जमा करें.
- लास्ट में फॉर्म सबमिट करके कंफर्मेशन पेज डाउनलोड करके रख लें.
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