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Paytm: विजय शेखर शर्मा को नहीं मिला सेबी का कोई नया नोटिस, पेटीएम ने निवेशकों को दिलाया भरोसा 

Vijay Shekhar Sharma: कंपनी ने कहा है कि जिस नोटिस की बात की जा रही है, उसके बारे में हमने पहले भी जानकारी दी थी. सेबी ने कंपनी से पूछा है कि आईपीओ के समय विजय शेखर शर्मा कर्मचारी थे या प्रमोटर.

Vijay Shekhar Sharma: फिनटेक कंपनी पेटीएम (Paytm) के फाउंडर एवं सीईओ विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma) को सेबी (SEBI) का नोटिस मिलने की खबर सोमवार को सामने आने के बाद निवेशकों में हड़कंप मच गया था. इसके चलते पेटीएम के शेयरों में लगभग 5 फीसदी की बड़ी गिरावट हुई है. अब कंपनी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि यह नया नोटिस नहीं है. हमने इस नोटिस के बारे में 31 मार्च और 30 जून को समाप्त हुई तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए भी जानकारी दी थी. कंपनी ने स्टेकहोल्डर्स को भरोसा दिलाया है कि वह सभी नियमों और निर्देशों का पूरी पारदर्शिता से पालन कर रही है. 

आईपीओ के दौरान सही जानकारी न देने के लिए मिला नोटिस 

पेटीएम सीईओ को नोटिस की जानकारी मिलने के बाद इसकी पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications) का स्टॉक 24.85 रुपये लुढ़ककर बीएसई पर 530 रुपये पर बंद हुआ. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि सेबी ने विजय शेखर शर्मा के अलावा कंपनी के कई डायरेक्टर्स को भी नोटिस जारी किया है. ये सभी नवंबर, 2021 में आए पेटीएम के आईपीओ में शामिल थे. रिपोर्ट के मुताबिक, ये नोटिस तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और प्रमोटर से जुड़े नियमों का सही से पालन न करने के चलते दिया गया है. भारतीय रिजर्व बैंक से मिले इनपुट के आधार पर यह जांच शुरू की गई थी. 

जिस नोटिस की रिपोर्ट्स में बात की जा रही वह है पुराना 

पेटीएम ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि हाल ही में आई मीडिया रिपोर्ट्स में जिस नोटिस की बात की जा रही है, वह पुराना है. हमने पहले भी इस बारे में जानकारी दी थी. पेटीएम ने सभी स्टेकहोल्डर्स को भरोसा दिलाया कि यह कोई नया विकास नहीं है. हम नोटिस मिलने के बाद से ही लगातार सेबी के संपर्क में हैं. साथ ही समय-समय पर सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध करते रहते हैं. पिछले वित्त वर्ष के नतीजों पर भी इस मसले का कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ा था. हम सभी जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं. 

सेबी ने पूछा- आईपीओ के समय विजय शेखर शर्मा कर्मचारी थे या प्रमोटर

सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि विजय शेखर शर्मा और नवंबर, 2021 में बोर्ड डायरेक्टर रहे कई लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच इस आधार पर की गई है कि आईपीओ के लिए डॉक्यूमेंट फाइल करते समय विजय शेखर शर्मा को कंपनी का कर्मचारी माना जाए या फिर प्रमोटर. आईपीओ के समय उनके पास मैनेजमेंट कंट्रोल था. सेबी के नियमों के अनुसार, विजय शेखर शर्मा एम्पलॉय स्टॉक ऑप्शंस (ESOPs) के लिए योग्य नहीं थे. पेटीएम पेमेंट्स बैंक (Paytm Payments Bank) पर आरबीआई के बैन के बाद कंपनी के समक्ष यह दूसरा बड़ा मामला खड़ा हो गया है.

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