सरकार ने राज्यों को बांटे 109019 करोड़, यूपी और बिहार को मिला सबसे ज्यादा पैसा
केंद्र ने राज्य सरकारों के लिए 1,09,019 करोड़ रुपये की एडवांस किस्त जारी की है ताकि राज्यों को वित्तीय मजबूती मिले . इससे उन्हें विकास कार्यों को रफ्तार देने में मदद मिलेगी.

- केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ दिए.
- यह राशि त्योहारी सीजन के लिए अग्रिम किस्त है.
- राज्यों को दोहरा वित्तीय लाभ मिलेगा, पूंजीगत खर्च बढ़ेगा.
केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 1,09,019 करोड़ रुपये की कर हिस्सेदारी (Tax Devolution) की अग्रिम किस्त जारी करने का फैसला लिया है. यह कदम राज्य सरकारों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि फेस्टिव सीजन के दौरान कैश फ्लो काफी बढ़ जाता है. सरकार की इस मदद से राज्य सरकारों को अपने विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं को गति देने में मदद मिलेगी.
कर हिस्सेदारी क्या है?
सरकार देश भर से GST, इनकम टैक्स, कॉर्पोरेट टैक्स- के रूप में जो रकम वसूलती है, उसका एक तय हिस्सा सभी राज्यों के बीच बांटना होता है, जो अभी 41% है. यह पैसा सामान्य तौर पर हर महीने किस्तों में दिया जाता है.
वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि कर हिस्सेदारी की यह अतिरिक्त किस्त आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है ताकि राज्य पूंजीगत खर्च में तेजी ला सकें और अपने विकास या कल्याणकारी कार्यों से जुड़े खर्चों के लिए फंड जुटा सकें. बता दें कि सरकार की तरफ से दी गई यह अग्रिम किस्त सामान्य मासिक किस्त के अलावा अतिरिक्त पैसा है. इसका मतलब है कि नवंबर के महीने में राज्यों को डबल वित्तीय मदद मिल गई है, जिससे वे बिना किसी वित्तीय दबाव के काम कर सकें.
👉 Union Government releases tax devolution of ₹1,09,019 crore to State Governments, as one advance instalment of tax devolution in view of upcoming festive season and to enable States to accelerate capital spending and finance their development/ welfare related expenditure Read more ➡️ https://t.co/UTgp6eu6T8
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) October 31, 2026
महीने भर में डबल मुनाफा
केंद्र सरकार ने आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए 31 अक्टूबर 2026 की रात को ही 1,09,019 करोड़ रुपये की एक अतिरिक्त/एडवांस किस्त जारी कर दी है. चूंकि पैसा अक्टूबर महीने की आखिरी तारीख को रिलीज हुआ है इसलिए यह नवंबर की शुरुआत में ही राज्यों के खजाने में जुड़ जाएगा.
इसके अलावा, नवंबर के मध्य में राज्यों की जो सामान्य मासिक टैक्स हिस्सेदारी आती है, वह अपने तय समय पर आएगी. यानी कि इस महीने राज्यों को डबल फंड का फायदा हो रहा है. इसका मकसद ही यही है कि राज्य सरकारें अपना पूंजीगत खर्च बढ़ा सकें और अपने कर्मचारियों को वेतन या बोनस समय पर दे सकें.
किस राज्य को मिला सबसे ज्यादा पैसा?
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस 1,09,019 करोड़ की विशेष अग्रिम किस्त में से सबसे ज्यादा पैसा उत्तर प्रदेश को मिला है, जबकि सबसे कम पैसा सिक्किम को दिया गया है. उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये मिले हैं, जो कुल राशि का लगभग 17.6% हिस्सा है. वहीं, कम आबादी और छोटे भौगोलिक क्षेत्र वाले पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम को सबसे कम 365 करोड़ रुपये मिले.
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