Property News: रैपिड रेल बनने से गाजियाबाद घर लेने वालों के लिए बना हॉट डेस्टिनेशन, जानें क्या बेहतर रहेगी लोकेशन
अगर आप दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अगर घर लेना चाह रहे हैं तो आपके लिए क्या कुछ बेहतर हो सकता है, इस बारे में हमने रियल स्टेट एक्सपर्ट्स से जानना चाहा.

हर किसी का सपना ये होता है कि एक अपना घर हो. वे मेहनत कर पाय-पाय जमा करते हैं ताकि छत के सपने को पूरा कर पाएं. हालांकि, कई लोग निवेश के उद्देश्य और मुनाफे को देखते हुए भी इस तरह के फैसले लेते हैं. ऐसे में अगर आप दिल्ली-एनसीआर के आसपास घर लेने का प्लान कर रहे हैं तो जरूर है कि अच्छी तरह से सोच-विचार कर लें.
दरअसल, अगर आप दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अगर घर लेना चाह रहे हैं तो आपके लिए क्या कुछ बेहतर हो सकता है, इस बारे में हमने रियल स्टेट एक्सपर्ट्स से जानना चाहा.
इस बारे में बात करते हुए केडब्ल्यू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन का कहना है, रैपिड रेल के बनने से मेरठ रोड और राज नगर एक्सटेंशन एक डेस्टिनेशन के रूप में पूरे एनसीआर से जुड़ गया है. पूरे एनसीआर में गाजियाबाद आज भी सबसे एफोर्डेबल घर ऑफर कर रहा है. राज नगर एक्सटेंशन में घर के रेडी टू मूव और अंडर कंस्ट्रक्शन, दोनों, ऑप्शन मिल सकते हैं जहां हर वर्ग के बजट में घर मिल सकता है जिसका बजट 60 से 90 लाख हो सकता है.
रेडी टू मूड, बेहतर कनेक्टिविटी
इधर, इस बारे में रेनॉक्स ग्रुप के एमडी शैलेन्द्र शर्मा का कहना है कि गाजियाबाद रहने के लिहाज से लोगों के लिए बेहतर जगह हो सकती है. लेकिन कुछ चीजों का उन्हें जरूर ध्यान रखना चाहिए. उन्होंने कहा, "एनएच 9 के बनने से क्रॉसिंग रिपब्लिक की कनेक्टिविटी बढ़िया हो गई है. आशा है कि नोएडा एक्सटेंशन से फ्लाईओवर से जुड़ने के बाद इस लोकेशन पर प्रॉपर्टी की डिमांड और रिटर्न दोनों बढ़ेंगे. हाइवे से सटे और रेडी टू मूव के ऑप्शन देखने वाले के लिए ये लोकेशन बेस्ट है जहां प्रॉपर्टी 80 से 120 लाख में मिल सकती है."
हालांकि, ये जरूर है कि लोग जब घर लेते हैं तो वे अपनी जरूरतों के हिसाब से वन रुम, टू रूम या फिर थ्री रुम सेट की प्लानिंग करते हैं. इसलिए सबसे अहम होता है कि आपका बजट क्या है और उसमें कितने रूम आ सकते हैं. इसके बाद लोकेशन और कनेक्टिविटी काफी अहम होता है. लोगों ये कोशिश रहती है कि जहां पर भी वे घर ले रहे हैं तो फिर वहां से कनेक्टिविटी के क्या कुछ साधन हैं. क्या वहां आसपास मेट्रो है या नहीं?
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