बुरी खबर: पाकिस्तान में भुखमरी की कगार पर एक करोड़ लोग, तनाव के बीच आयी चौंकाने वाली रिपोर्ट
World Bank Report On Pakistan: वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शाहबाज शरीफ की सरकार वार्षिक बजट घाटने के अपने लक्ष्य को भी पूरा करने में विफल रही है और इससे जीडीपी के मुकाबले पाकिस्तान का ऋण का बोझ और बढ़ने का अनुमान है.

World Bank Report On Pakistan: जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद हर मोर्चे पर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के लिए बुरी खबर सामने आ रही है. एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान के वृद्धि दर के कम रहने का अनुमान लगाया है तो वहीं दूसरी तरफ वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान को बड़ी चेतावनी दी है. वर्ल्ड बैंक ने वार्निंग देते हुए कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में करीब एक करोड़ लोगों के सामने भुखमरी का संकट पैदा होगा. इसके साथ ही, गरीबी के स्तर में भी तेजी के साथ इजाफा होगा.
पाकिस्तान में गरीबी बढ़ने की चेतावनी से पहले वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में वहां की आर्थिक रफ्तार को 2.7 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था. इसकी वजह वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान में कड़ी आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार माना है.
भुखमरी की कगार पर 1 करोड़ लोग
एक्सप्रेस ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शाहबाज शरीफ की सरकार वार्षिक बजट घाटा (Annual Fiscal Deficit) के अपने लक्ष्य को भी पूरा करने में विफल रही है और इससे जीडीपी के मुकाबले पाकिस्तान का ऋण का बोझ और बढ़ने का अनुमान है.
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ल्ड बैंक ने कहा कि मौसम की वजह से पाकिस्तान का पूरा कृषि उत्पाद प्रभावित होगा और प्रमुख फसलें जैसे- चावल, बाजरा की फसलें बुरी तरह से प्रभावित होंगी. इसमें आगे कहा गया है कि करीब 1 करोड़ लोग पाकिस्तान में (अधिकतर ग्रामीण इलाकों में) भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे.
और बढ़ेगी पाकिस्तान में गरीबी
यहां पर ये गौर करने वाली बात ये है कि वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने फिर से उन मुद्दों पर केन्द्रीय किया है, जिस पर अमूमन अधिकारियों की बैठक में कोई चर्चा नहीं होती है. ये मुद्द हैं- अनाज की कमी, गरीबी, बेरोजगारी और दैनिक मजबूरी की में गिरावट. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रमुख सेक्टर जैसे कृषि, मैन्युफैक्चरिं और अन्य कम मजदूरी वाली सेवाओं पर नकारात्मक असर रहेगा, जिसकी वजह से दैनिक मजदूरी भी नहीं बढ़ पाएगी.
वर्ल्ड बैंक ने पाकिस्तान के लिए एक और चेतावनी जारी करते हुए कहा कि उसकी आबादी का करीब दो फीसदी यानी 19 लाख लोग मौजूदा वित्तीय वर्ष में गरीबी रेखा के नीचे चली जाएगी. इतना ही नहीं, पाकिस्तान में रोजगार-से-जनसंख्या अनुपात 49.7% है, जो विशेष रूप से ये जाहिर करता है कि युवाओं और महिलाओं में श्रम बाजार की भागीदारी बहुत ही कम है."
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Source: IOCL























