मिडिल ईस्ट टेंशन के बीच क्रूड ऑयल उछलकर फिर 100 डॉलर के पार, होर्मुज पर रोक ने बढ़ाई चिंता
ईरान अब भी अपने रुख पर कायम है और उसने अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ऐसे में निवेशक सतर्क हो गए हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि तेहरान का अमेरिका के साथ बातचीत कर युद्ध समाप्त करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है.

Crude Oil Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के जल्द खत्म होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं. इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद फिर से तेजी लौट आई है. पिछले सत्र में भारी गिरावट के बाद क्रूड ऑयल एक बार फिर 100 डॉलर के पार पहुंच गया है. ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.13 डॉलर यानी 1.1 प्रतिशत बढ़कर 103.35 डॉलर प्रति बैरल हो गई है.
क्रूड ऑयल में फिर तेजी
दूसरी ओर, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड की कीमत भी 1.08 डॉलर यानी करीब 1.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 91.40 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई है. बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई थी, लेकिन वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के चलते फिर से तेजी देखने को मिल रही है.
गौरतलब है कि इससे पहले तेल की कीमतों में गिरावट तब आई थी, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की योजना को टालने और प्रतिबंधों में कुछ ढील देने का संकेत दिया था.
जिद पर अड़ा ईरान
हालांकि, ईरान अब भी अपने रुख पर कायम है और उसने अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है. ऐसे में निवेशक सतर्क हो गए हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया है कि तेहरान का अमेरिका के साथ बातचीत कर युद्ध समाप्त करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है.
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान सैन्य रूप से पीछे नहीं हटता है, तो वॉशिंगटन की ओर से कार्रवाई और तेज की जा सकती है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने भी इस संबंध में जानकारी दी है.
अमेरिका की ओर से युद्ध खत्म करने के लिए ईरान को 15 सूत्रीय एजेंडा भेजा गया था, जिसमें यूरेनियम भंडार को खत्म करने और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर रोक लगाने जैसे प्रमुख प्रस्ताव शामिल थे. हालांकि, ईरान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया. ईरान के सैन्य प्रवक्ता ने अमेरिका के शांति प्रयासों को महज एक मजाक करार देते हुए 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर संदेह जताया और इसकी मंशा पर सवाल उठाए.
Source: IOCL




























