अमेरिका में बड़े निवेश के लिए तैयार अडानी ग्रुप, पिछले साल लगा था धोखाधड़ी का यह बड़ा आरोप
Gautam Adani: गौतम अडानी के चार करीबी लोगों का हवाला देते हुए फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि अडानी ग्रुप अमेरिका में बड़े निवेश के प्लान को रीएक्टिवेट कर दिया है.

Gautam Adani: भारत के दूसरे सबसे रईस गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप अमेरिका में फिर से बड़ा निवेश करने का प्लान बना रहा है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप न्यूक्लियर एनर्जी, यूटिलिटीज और पूर्वी तट पर स्थित एक बंदरगाह जैसे कई सेक्टरों में फिर से निवेश करने की योजना बना रहा है. जबकि पिछले साल अमेरिका में गौतम अडानी पर कई गंभीर आरोप लगे थे. अमेरिका में गौतम अडानी सहित 8 लोगों पर 2200 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिश्वतखोरी का आरोप लगा था. अब ट्रंप के फॉरेन करप्ट प्रैक्टिसेस एक्ट 1977 पर रोक लगाने से अडानी ग्रुप को बड़ी राहत पहुंची है और ये फिर से अमेरिका में निवेश की तैयारी कर रहे हैं.
अडानी ने किया था अमेरिका में निवेश का वादा
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अडानी ने वादा किया था कि वह अमेरिका में 10 अरब डॉलर का निवेश करेंगे, जिससे 15,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है. हालांकि, इसके कुछ समय बाद ही अडानी समेत आठ लोगों पर धोखाधड़ी का आरोप लगा, तो निवेश पर बात आगे नहीं बढ़ पाई. न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में 24 अक्टूबर 2024 को इस पर केस भी दर्ज हुआ. अब फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से बताया गया है, ट्रंप के सत्ता में आने के बाद हमने अपने कुछ प्लान रीएक्टिवेट कर दिए हैं. हालांकि, किसी प्रोजेक्ट का जिक्र नहीं किया गया. पहले अडानी ग्रुप टेक्सास में पेट्रोकेमिकल में निवेश का प्लान बना रहा था. साथ ही कई अमेरिकी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग के बारे में भी बातचीत चल रही थी.
अडानी ग्रुप पर क्या आरोप लगा था?
गौतम अडानी समेत उनके भतीजे सागर अडानी, विनीत एस जैन, रंजीत गुप्ता, साइरिल कैबेनिस, सौरभ अग्रवाल, दीपक मल्होत्रा और रूपेश अग्रवाल पर अमेरिका में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा था. यूनाइटेड स्टेट्स अटॉर्नी ऑफिस का कहना था कि गौतम अडानी ने भारत में सोलर एनर्जी से जुड़ा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को 265 मिलियन डॉलर (करीब 2200 करोड़ रुपए) की रिश्वत दी या देने का प्लान बना रहे थे. रिश्वत के पैसे जुटाने के लिए इन लोगों ने अमेरिकी निवेशकों के साथ-साथ बैंकों से भी झूठ बोला. चूंकि मामला अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अन्य फर्म से जुड़ा हुआ था, जिसमें अमेरिकी निवेशकों के पैसे लगे थे और अमेरिका का कानून कहता है कि यहां के निवेशकों के पैसे से रिश्वत देना अपराध है इसलिए मामला अमेरिका में दर्ज हुआ. हालांकि, अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को बेबुनियाद कहा था.
ये भी पढ़ें:
इंतजार हुआ खत्म! टेस्ला की भारत में एंट्री लगभग तय, यहां खुलने जा रहा कंपनी का पहला शोरूम
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























