एक्सप्लोरर

रामचरितमानस में भारतीय संस्कृति का प्रवाह है, ध्रुवीकरण के लिए राजनीति सही नहीं

रामचरितमानस सिर्फ अवधि का ही नहीं हिन्दी का महाकाव्य है. ये सिर्फ उत्तर भारतीय जनमानस का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत का एक ऐसा महाकाव्य है, जिसे लोग  महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति ही नहीं मानते, बल्कि उसकी श्रेणी एक धार्मिक कृति की हो गई है. उसके साथ केवल साहित्य का मामला नहीं हैं, बल्कि ये संस्कृति से जुड़ा मामला है.

रामचरितमानस एक सांस्कृतिक कृति है. इस बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए. किसी भाषा की कोई कृति केवल साहित्यिक कृति नहीं होती, बल्कि उसमें उस देश-समाज का, राष्ट्र की संस्कृति भी प्रवाहित होती है. ये कहना चाहिए कि भारतीय संस्कृति का प्रवाह रामचरितमानस में होता है. उसको उसी रूप में देखा जाना चाहिए.

रामचरितमानस का विरोध सही नहीं

आप उसको सिर्फ धार्मिक एंगल देकर और कुछ छिटपुट चीजों को लेकर अंतर्विरोधी बातें करके किसी चीज को कमतर नहीं बता सकते. हमारे समाज में रामचरितमानस और तुलसीदास का बहुत ही सम्मान है. तुलसीदास को हमलोग महाकवि के रूप में देखते हैं. उनका दर्जा कहीं किसी से कमतर नहीं है.

रामचरितमानस से जनमानस का विश्वास जुड़ा है

आजतक किसी कृति को वो दर्जा हासिल नहीं हुआ है, जो रामचरितमानस को हासिल है और न ही मध्यकाल और आधुनिक काल में उतनी महत्वपूर्ण कृति कोई और दिखाई देती है. भारतीय जनमानस का इसमें विश्वास और आस्था है. भारत के लोग पूरे मनोयोग से रामचरितमानस को पढ़ते हैं. उसमें अपना बहुत कुछ पाते हैं. पूरे भारत की वो एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कृति है. इस पर कुछ भी टिप्पणी से पहले ये बात ध्यान में रखी जानी चाहिए. वाद-विवाद तो होते रहते हैं और कौन-सी ऐसी चीज नहीं है, जिस पर वाद-विवाद नहीं किया जा सकता है.

राजनीतिक फायदे के लिए टिप्पणी सही नहीं

इस पर जो भी बयान दिया जा रहा है, वो सब चीजें राजनीति के हिसाब से हो रहा है. ऐसे लोगों से भी दिल से पूछा जाए, तो वे लोग भी रामचरितमानस के बारे में ऐसा नहीं कहेंगे. दिल से वो उस तरह से राय नहीं रखते होंगे. सिर्फ राजनीति के नाते इस तरह के विवाद को जन्म दिया जा रहा है. ये सिर्फ राजनीति में ध्रुवीकरण की कोशिश है.

महाकाव्य में धर्म, दर्शन और अध्यात्म सब है

रामचरितमानस में कई तरह के छंद हैं, संस्कृत में भी हैं. तुलसीदास शुरुआत ही संस्कृत के श्लोक से करते हैं. तुलसीदास ने उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में बोली जाने वाली अवधि को रामचरितमानस के जरिए किस ऊंचाई पर पहुंचा दिया, ये हम लोगों के लिए गर्व की बात है. भाषा के महत्व को देखा जाना चाहिए. संस्कृति, संवेदना और शिल्प को देखा जाना चाहिए. हमलोग उसका शुद्ध राजनीतिक पाठ नहीं करते हैं और ऐसा करना भी नहीं चाहिए. रामचरितमानस को हमेशा ही एक सांस्कृतिक कृति और कल्चरल क्रीएशन के रूप में देखा जाना चाहिए. संस्कृति में बहुत सारी चीजें समाविष्ट हैं. रामचरितमानस केवल एक साहित्यिक कृति नहीं है. ये सांस्कृतिक कृति है, जिसमें धर्म, दर्शन और अध्यात्म सब कुछ है. 

[नोट- उपरोक्त दिए गए विचार लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं. ये जरूरी नहीं कि एबीपी न्यूज़ ग्रुप इससे सहमत हो. इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है.] 

View More

ओपिनियन

Sponsored Links by Taboola
25°C
New Delhi
Rain: 100mm
Humidity: 97%
Wind: WNW 47km/h

टॉप हेडलाइंस

अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
झगड़े में पत्नी को ‘बांझ’ कहना क्रूरता नहीं, HC का फैसला
झगड़े में पत्नी को ‘बांझ’ कहना क्रूरता नहीं, HC का फैसला
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट

वीडियोज

Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला
TMKOC के पुराने Episodes आज भी क्यों हैं Hit? Asit Modi ने बताया Comedy का Secret

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
झगड़े में पत्नी को ‘बांझ’ कहना क्रूरता नहीं, HC का फैसला
झगड़े में पत्नी को ‘बांझ’ कहना क्रूरता नहीं, HC का फैसला
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
राष्ट्रपति के संबोधन की PM मोदी ने की तारीफ, बोले- उनके विचार राष्ट्र...
राष्ट्रपति के संबोधन की PM मोदी ने की तारीफ, बोले- उनके विचार राष्ट्र...
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
लॉन्च हो गया Google Gemini 3.7 Flash! जानें क्या-क्या बदला
लॉन्च हो गया Google Gemini 3.7 Flash! जानें क्या-क्या बदला
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
Embed widget