ADAS वाली कार में न करें ये गलती, उल्टा असर हो सकता है असर
एडीएएस कार में ड्राइवर की मदद करता है, लेकिन इसे ऑटोपायलट समझना खतरनाक हो सकता है. कैमरा और सेंसर की सफाई, खराब मौसम और ड्राइवर की सतर्कता से जुड़ी जरूरी बातें जानें.

आजकल कारों में सेफ्टी फीचर्स तेजी से बढ़ रहे हैं. इनमें एडीएएस यानी एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम भी शामिल है. यह तकनीक कैमरा, रडार और दूसरे सेंसर की मदद से ड्राइवर को सड़क पर संभावित खतरे के बारे में आगाह खरती है. कुछ सिस्टम लेन में गाड़ी रखने, आगे की गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने या टक्कर का खतरा होने पर ब्रेकिंग में सहायता कर सकते हैं. लेकिन एडीएएस को ऑटोपायलट समझना बड़ी गलती है. कार मैन्युफैक्चरर भी साफ करते हैं कि यह ड्राइवर की मदद के लिए है और ड्राइवर की जगह नहीं लेता है. इसलिए सिस्टम चालू होने पर भी सड़क पर पूरा ध्यान रखना जरूरी है.
जरूरत से ज्यादा भरोसा न करें
एडीएएस का इस्तेमाल करते समय ड्राइवर को मोबाइल फोन देखने, सड़क से नजर हटाने या स्टीयरिंग पर नियंत्रण छोड़ने जैसी गलती न करें .अलग अलग कारों में एडीएएस के फीचर और उनकी क्षमता अलग हो सकती है, इसलिए अपनी कार की जानकारी के लिए मैन्युफैक्चरर की चेतावनी जरूर पढ़ें. सिस्टम किसी स्थिति को सही तरीके से पहचान न कर सके तो ड्राइवर को खुद ब्रेक लगाना या गाड़ी मोड़ना पड़ सकता है. खासकर मोड़, चढ़ाई उतराई, अचानक लेन बदलने या सामने वाहन के तेजी से आने जैसी स्थिति में सिस्टम की पहचान सीमित हो सकती है. सुरक्षित दूरी बनाए रखना और ट्रैफिक पर लगातार नजर रखना ड्राइवर की जिम्मेदारी है.
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इन दो चीजों को रखें साफ
एडीएएस के कई फीचर कैमरा और सेंसर पर निर्भर करते हैं. विंडशील्ड पर लगा कैमरा अगर गंदा हो, उस पर नमी या कोई चिपकी हुई चीज हो, तो पहचानने की क ताकत पर असर पड़ सकता है. इसी तरह बारिश, बर्फ, घना कोहरा, तेज रोशनी या सेंसर के सामने गंदगी होने पर कुछ ड्राइवर असिस्ट फीचर सीमित या बंद हो सकते हैं. इसलिए कैमरा और सेंसर वाले हिस्सों को साफ रखना जरूरी है. अगर कार में कैमरा, रडार या ड्राइवर असिस्ट सिस्टम से जुड़ी चेतावनी दिखाई दे, तो उसे नजरअंदाज न करें. सफाई के बाद भी समस्या रहे तो ऑफिशल सर्विस सेंटर पर जांच करवाना बेहतर होता है.
इन जगहों का ख्याल रखें
बारिश, कोहरा और कम दिखने वाले जगह में एडीएएस की कुछ सुविधाओं की क्षमता पर असर हो सकता है. घुमावदार सड़क पर कैमरा या सेंसर सामने मौजूद वाहन, बाइक या पैदल शख्स को देर से पहचान सकते हैं. इसी तरह अचानक लेन बदलने वाला वाहन तुरंत सिस्टम की पहचान सीमा में नहीं आ सकता. इसलिए ऐसे हालात में स्पीड कम रखना, पर्याप्त ब्रेकिंग दूरी बनाए रखना और सड़क पर पूरा ध्यान देना जरूरी है, सावधानी रखें. एडीएएस सुरक्षा में मदद कर सकता है, लेकिन यह दुर्घटना से बचने की गारंटी नहीं देता. इसका सही इस्तेमाल तभी है जब तकनीक और ड्राइवर दोनों अपनी भूमिका निभाएं
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