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गलत समय पर Hazard Light का गलत इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी, जानें सही तरीका

Hazard Light Uses: बारिश या धुंध में कई लोग चलती गाड़ी में हैजर्ड लाइट जला देते हैं, जो गलत है. ये हादसे का कारण बन सकता है. आइए जानें इसका सही इस्तेमाल कब और कैसे करना चाहिए.

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण ड्राइविंग के दौरान लापरवाही और गलत संकेतों का उपयोग है. अक्सर देखा जाता है कि कई ड्राइवर बिना वजह हेजर्ड लाइट्स (Hazard Lights) का इस्तेमाल करते हैं, जिससे न केवल सड़क पर भ्रम की स्थिति बनती है बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है. हेजर्ड लाइट्स का सही इस्तेमाल सड़क सुरक्षा के लिए उतना ही जरूरी है जितना सीट बेल्ट लगाना या ट्रैफिक सिग्नल का पालन करना. इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि इन्हें कब जलाना चाहिए और किन परिस्थितियों में नहीं. 

हेजर्ड लाइट्स क्या होती हैं

  • हेजर्ड लाइट्स को आम तौर पर "इमरजेंसी लाइट्स" भी कहा जाता है. ये लाइट्स कार के आगे और पीछे दोनों ओर एक साथ ब्लिंक करती हैं, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य व्हीकल ड्राइवर्स को यह संकेत मिलता है कि आपकी कार किसी इमरजेंसी कंडीशन में है. डैशबोर्ड पर मौजूद लाल त्रिकोण के निशान वाला बटन दबाते ही ये लाइट्स चालू हो जाती हैं.

कब जलानी चाहिए हेजर्ड लाइट्स

  • अगर आपकी कार अचानक सड़क पर खराब हो जाती है या टायर पंक्चर हो जाता है, तो हेजर्ड लाइट्स ऑन करना सबसे पहला कदम होना चाहिए. इससे पीछे आने वाले व्हीकलों को पता चल जाता है कि आपकी गाड़ी स्थिर है और वे समय रहते ब्रेक लगा सकते हैं या दिशा बदल सकते हैं. इसी तरह, अगर किसी दुर्घटना के बाद आपकी कार सड़क के बीच या किनारे पर खड़ी रह गई है, तो हेजर्ड लाइट्स जलाने से पीछे आने वाले व्हीकलों को पहले से चेतावनी मिलती है कि आगे कोई बाधा है. इससे दूसरी लेन में जाना या गति धीमी करना आसान हो जाता है.

कब नहीं जलानी चाहिए हेजर्ड लाइट्स

  • दरअसल, कई ड्राइवर बारिश, धुंध या कम विजिबिलिटी में भी हेजर्ड लाइट्स ऑन कर देते हैं, लेकिन यह एक बड़ी गलती है. ऐसा करने से दूसरे ड्राइवर भ्रमित हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि आपकी गाड़ी रुक गई है या अचानक ब्रेक लगाने वाली है. ऐसे मौसम में सही तरीका है कि आप फॉग लैंप्स और लो-बीम हेडलाइट्स का इस्तेमाल करें, जिससे विजिबिलिटी बनी रहती है और दिशा का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसी तरह टनल से गुजरते समय भी हेजर्ड लाइट्स ऑन करना गलत है. यह कोई इमरजेंसी नहीं होती, और इससे पीछे चल रहे व्हीकलों को गलत संकेत मिलता है. इस स्थिति में सिर्फ हेडलाइट्स ऑन रखनी चाहिए ताकि विजिबिलिटी बनी रहे.

  • बता दें कि हेजर्ड लाइट्स का गलत इस्तेमाल न केवल दूसरों को भ्रमित करता है बल्कि सड़क पर दुर्घटना की संभावना भी बढ़ा देता है. इन्हें केवल तभी जलाएं जब आपकी कार किसी आपात या असामान्य स्थिति में हो. 

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