सेकंड हैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर लेने का है प्लान? इन बातों को नजरअंदाज किया तो पड़ सकता है भारी
पुराना इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना फायदेमंद हो सकता है, लेकिन बिना जांच के लेना रिस्की है. आइए जानते हैं कि सेकंड-हैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय क्या-क्या सावधानी जरूरी है.

भारत में इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है. पेट्रोल के बढ़ते दाम और कम चलाने का खर्च लोगों को ईवी की तरफ आकर्षित कर रहा है. अब बाजार में सेकंड हैंड यानी पुराना इलेक्ट्रिक स्कूटर भी आसानी से मिलने लगा है. ऐसे में कई लोग सोचते हैं कि नया स्कूटर लें या पुराना खरीदना भी ठीक रहेगा. अगर सही तरीके से जांच की जाए तो पुराना इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदना गलत फैसला नहीं है. लेकिन पेट्रोल स्कूटर के मुकाबले इसमें कुछ खास पार्ट्स होते हैं, जिनकी जांच करना बहुत जरूरी है. अगर बिना जांच के खरीद लिया तो बाद में खर्च ज्यादा हो सकता है. इसलिए आइए जानते हैं कि सेकंड-हैंड इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदते समय क्या-क्या सावधानी जरूरी है.
बैटरी की हालत जरूर जांचें
इलेक्ट्रिक स्कूटर का सबसे जरूरी हिस्सा उसकी बैटरी होती है. सबसे पहले यह देखें कि बैटरी ठीक से चार्ज हो रही है या नहीं. एक बार फुल चार्ज करने के बाद यह कितनी दूरी तय करती है, इसका अंदाजा जरूर लगाएं. अगर बैटरी जल्दी खत्म हो रही है, तो समझ लें कि उसकी सेहत ठीक नहीं है. चार्जिंग पोर्ट और केबल भी ध्यान से देखें. कहीं कट या जंग तो नहीं लगी है. बैटरी बदलना काफी महंगा पड़ सकता है, इसलिए इस हिस्से को नजरअंदाज न करें. अगर संभव हो तो बैटरी की वारंटी के बारे में भी पूछ लें.
मोटर और वायरिंग सिस्टम की जांच करें
बैटरी के बाद मोटर दूसरा अहम हिस्सा है. टेस्ट राइड जरूर लें और चलाते समय ध्यान दें कि कोई अजीब आवाज तो नहीं आ रही. अगर स्कूटर झटके दे रहा है या स्पीड अचानक कम ज्यादा हो रही है, तो यह समस्या का संकेत हो सकता है. वायरिंग सिस्टम भी ठीक होना चाहिए. फर्श के नीचे या मोटर के पास पानी के निशान न हों, क्योंकि पानी से इलेक्ट्रिक पार्ट्स खराब हो सकते हैं. अगर संभव हो तो अधिकृत सर्विस सेंटर से सर्विस रिकॉर्ड निकलवाएं. इससे पता चलेगा कि स्कूटर की समय पर सर्विस हुई है या नहीं.
स्मार्ट फीचर्स और जरूरी कागज देखें
अगर स्कूटर में स्मार्ट डिस्प्ले या मोबाइल ऐप कनेक्टिविटी है, तो उसमें दिख रहे फॉल्ट अलर्ट और हेल्थ रिपोर्ट जरूर देखें. इससे अंदर की समस्या का पता चल सकता है. टायर, ब्रेक पैड और लाइट की हालत भी जांच लें, क्योंकि ये पार्ट्स समय के साथ घिसते हैं. सबसे आखिर में रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस पेपर जरूर चेक करें. यह सुनिश्चित करें कि आप असली मालिक से ही स्कूटर खरीद रहे हैं. सही कागज होने से आगे चलकर कोई कानूनी परेशानी नहीं होगी.
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Source: IOCL























