टोल प्लाजा पर लंबी लाइन लगी तो नहीं लगेगा टोल, जानें सच्चाई
क्या टोल प्लाजा पर 100 मीटर लंबी लाइन होने या 3 मिनट रुकने पर टोल फ्री हो जाता है? जानिए NHAI द्वारा जारी किया गया आधिकारिक सच और टोल नियमों से जुड़े सभी मिथक की पूरी जानकारी.

हमारे देश में जब से सोशल मीडिया का जमाना आया है. इसके बाद से कोई भी खबर बहुत तेजी से वायरल हो जाता है. खबर सही है या गलत इसको कोई नहीं देखता केवल खबर पढ़ने के बाद लोग उसे ही सच मान लेते हैं. कुछ ऐसी ही एक खबर अभी बहुत तेजी से फैल रही है और वह है अगर किसी टोल प्लाजा पर गाड़ियों की कतार 100 मीटर से ज्यादा लंबी हो जाए या फिर किसी ड्राइवर को टोल बूथ पार करने में 3 मिनट से ज्यादा का समय लगे तो उसे बिना कोई टोल टैक्स दिए मुफ्त में जाने का अधिकार है.
इस खबर के वायरल होने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पर आधिकारिक रूप से अपना बयान दिया है. अगर आप भी अक्सर एक्सप्रेसवे या नेशनल हाईवे पर कार चलाते हैं तो आपके लिए इस वायरल खबर और सरकारी नियमों का पूरा सच जानना बेहद जरूरी है. चलिए समझते हैं NHAI के असली नियम.
NHAI ने क्या कहा?
बता दें कि, वायरल हुए खबर पर NHAI ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर #MythvsFact सीरीज के तहत पोस्ट शेयर करते हुए साफ लिखा है कि, नेशनल हाईवे फीस रूल्स 2008 के तहत ऐसा कोई नियम मौजूद नहीं है जिसमें 100 मीटर से लंबी कतार होने पर टैक्स माफ किया जाए.
नियमों के अनुसार, नेशनल हाईवे पर चलने वाली हर गाड़ी को निर्धारित यूजर फीस देना अनिवार्य है. टोल में छूट या माफी केवल उन्हीं चुनिंदा श्रेणियों (जैसे एम्बुलेंस, वीआईपी, या स्थानीय पास धारक) को मिलती है जिनका स्पष्ट रूप से सरकारी नियमों में उल्लेख किया गया है और जिन्हें टोल प्लाजा पर बोर्ड लगाकर प्रदर्शित किया जाता है.

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100 मीटर पीली पट्टी नियम क्या है?
जानकारी दें दे कि, साल 2021 में NHAI ने टोल प्लाजा पर जाम से निपटने और गाड़ियों की सर्विस टाइम को प्रति वाहन 10 सेकंड के भीतर रखने के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की थीं. इसके तहत हर टोल बूथ की लेन में 100 मीटर की दूरी पर एक पीली पट्टी खींचने का निर्देश दिया गया था.
यह पीली पट्टी केवल टोल ऑपरेटरों के लिए एक आंतरिक मानक के रूप में बनाई गई है ताकि वे समझ सकें कि ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है और उन्हें तेजी से गाड़ियां क्लियर करनी हैं. इसे किसी यात्री के लिए मुफ्त यात्रा का कानूनी अधिकार नहीं माना जा सकता.
क्या सच में टोल माफ हो जाता है?
वहीं, 100 मीटर की लाइन की तरह ही इंटरनेट पर एक और अफवाह काफी चर्चित में है कि अगर टोल बूथ पर 3 मिनट से अधिक समय तक रुकना पड़े तो फास्टैग से पैसे नहीं कटेंगे. NHAI ने इस दावे को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया है.
क्योंकि, फास्टैग आधारित ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन सिस्टम आने के बाद ज्यादातर टोल प्लाजा पर गाड़ियों का रुकने का समय घटकर कुछ सेकंड ही रह गया है. अगर सर्वर डाउन होने या किसी तकनीकी खराबी की वजह से देरी होती भी है तो भी बिना टोल चुकाए जाने का कोई सामान्य प्रावधान मौजूद नहीं है.

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क्या हो सकती है कार्रवाई?
आपको बता दें कि, अगर कोई वाहन चालक इंटरनेट पर चल रही इन अफवाहों को सच मानकर टोल प्लाजा पर बिना टैक्स चुकाए बैरियर तोड़कर या जबरदस्ती निकलने की कोशिश करता है तो यह कानून का सीधा उल्लंघन है. NHAI और स्थानीय प्रशासन ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाते हैं.
ऐसा करने पर गाड़ी के मालिक पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. जबकि पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है और वाहन के फास्टैग को हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है. इसलिए यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अनहोनी और कानूनी पचड़े से बचने के लिए नियमों का पालन करना ही समझदारी है.
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