लॉन्च से पहले Tata Sierra EV ने 50 डिग्री में पार किया दुनिया का सबसे मुश्किल रास्ता, जानें खासियत
Tata Sierra EV: जिस रास्ते पर Sierra EV को चलाया गया, वहां आमतौर पर सिर्फ मॉडिफाइड V8 इंजन वाली ताकतवर पेट्रोल या डीजल गाड़ियां ही सफलतापूर्वक पहुंच पाती हैं. आइए डिटेल्स जानते हैं.

टाटा मोटर्स ने अपनी जल्द लॉन्च होने वाली इलेक्ट्रिक कार Tata Sierra EV को UAE के मशहूर लीवा रेगिस्तान में उतारा, जहां भीषण गर्मी, ऊंचे रेतीले टीले और कठिन रास्तों के बीच इस कार ने शानदार प्रदर्शन किया. कंपनी के मुताबिक, यह टेस्ट इस बात का सबूत है कि नई Sierra EV सिर्फ रोजाना इस्तेमाल के लिए नहीं, बल्कि एडवेंचर और ऑफ-रोडिंग के लिए भी पूरी तरह तैयार है.
लीवा रेगिस्तान दुनिया के सबसे कठिन रेगिस्तानी इलाकों में गिना जाता है. यहां गर्मियों में हवा का तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जबकि रेत की सतह 60 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा गर्म हो सकती है. ऐसे हालात में किसी भी कार की कैपेसिटी का असली टेस्ट होता है. टाटा मोटर्स ने Sierra EV को चलाकर उसकी मजबूती, परफॉर्मेंस और तकनीक का प्रदर्शन किया. कार ने ऊंचे रेतीले टीलों और चुनौतीपूर्ण रास्तों को बिना किसी परेशानी के पार कर लिया.
गाड़ी में मिलता है कितना टॉर्क?
Tata Sierra EV में करीब 500Nm का टॉर्क मिलने की बात कही गई है. इलेक्ट्रिक मोटर का यह हाई टॉर्क कार को शुरुआत से ही जबरदस्त ताकत देता है, जिससे रेतीले रास्तों और खड़ी चढ़ाई पर भी कार आसानी से आगे बढ़ती है. इसके अलावा इसमें इंटेलिजेंट ऑल-व्हील ड्राइव (AWD) सिस्टम दिया गया है, जो जरूरत के हिसाब से चारों पहियों तक पावर पहुंचाता है. इससे फिसलन वाली रेत पर भी कार की पकड़ मजबूत बनी रहती है और ड्राइवर को बेहतर कंट्रोल मिलता है.
जिस रास्ते पर Sierra EV को चलाया गया, वहां आमतौर पर सिर्फ मॉडिफाइड V8 इंजन वाली ताकतवर पेट्रोल या डीजल गाड़ियां ही सफलतापूर्वक पहुंच पाती हैं. खास बात यह रही कि Sierra EV किसी मॉडिफिकेशन के बिना, अपने प्रोडक्शन मॉडल के रूप में इस चुनौती को पूरा करने में सफल रही. इसका बेहतर पावर-टू-वेट रेशियो और इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम इसे कठिन ऑफ-रोड परिस्थितियों में भी सक्षम बनाता है.
गाड़ी के कैसे हैं फीचर्स?
ऑफ-रोडिंग को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए Sierra EV में कई आधुनिक फीचर्स भी दिए गए हैं. इसमें बूस्ट मोड मौजूद है, जो जरूरत पड़ने पर ज्यादा पावर देता है. वहीं एनर्जी एनालिटिक्स सिस्टम ड्राइवर को बैटरी की स्थिति, ऊर्जा की खपत और कार की परफॉर्मेंस से जुड़ी जरूरी जानकारी लगातार देता रहता है. इससे मुश्किल सफर के दौरान भी ड्राइवर बेहतर फैसले ले सकता है.
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