एक्सप्लोरर

सीट बेल्ट बनी बड़ी मुसीबत, 15 लाख ट्रक हुए रिकॉल

Stellantis Recall: स्टेलेंटिस ने दुनिया भर में करीब 15 लाख रैम 1500 ट्रकों को वापस बुलाया है. सीट बेल्ट में आई एक खराबी के कारण कंपनी को यह बड़ा कदम उठाना पड़ा है.

Stellantis Recall: ऑटोमोबाइल सेक्टर से एक बेहद ही बड़ी खबर सामने आई है. जिसे सुन सभी के होश उड़ गए हैं. क्योंकि, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी स्टेलेंटिस ने अपने लोकप्रिय रैम 1500 पिकअप ट्रकों को वापस बुलाने का फैसला किया है. बता दें कि, कंपनी करीब 15 लाख ट्रकों को बाजार से रिकॉल कर रही है जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ा आंकड़ा है. इतने बड़े पैमाने पर ट्रकों को वापस बुलाने के पीछे की सबसे मुख्य वजह गाड़ी की सीट बेल्ट में आई एक गंभीर तकनीकी खराबी को बताया जा रहा है. 

बता दें कि, सुरक्षा के लिहाज से सीट बेल्ट किसी भी वाहन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है और इसी में कमी निकलना कंपनी के लिए चिंता का विषय बन गया है. कंपनी का कहना है कि वे अपने ग्राहकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं कर सकते. इसीलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा कदम उठाया गया है. यह खबर आते ही ऑटो इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है क्योंकि रैम 1500 कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली और भरोसेमंद गाड़ियों में से एक है. चलिए खबर को बेहद अच्छे से समझते हैं.

सीट बेल्ट में क्या है खराबी?

आपको बता दें कि, तकनीकी रूप से देखा जाए तो रैम 1500 ट्रकों के सीट बेल्ट मैकेनिज्म में एक खास तरह की गड़बड़ी पाई गई है. जांच के दौरान पता चला कि हादसे के वक्त सीट बेल्ट जिस तरह से ड्राइवर और पैसेंजर को अपनी जगह पर कसकर रखती है वह फंक्शन सही से काम नहीं कर रहा है. कई मामलों में सीट बेल्ट का प्री-टेंशनर सही समय पर लॉक नहीं हो पाता. 

इसका सीधा मतलब यह है कि अगर गाड़ी की किसी दूसरी चीज या वाहन से टक्कर होती है तो सीट बेल्ट इंसान को उस मजबूती से नहीं रोक पाएगी जैसा उसे रोकना चाहिए. इस वजह से आगे बैठे लोगों के डैशबोर्ड या स्टेयरिंग व्हील से टकराने का जोखिम काफी हद तक बढ़ जाता है. इसी तकनीकी गड़बड़ी को देखते हुए कंपनी ने तुरंत रिकॉल नोटिस जारी कर दिया.


सीट बेल्ट बनी बड़ी मुसीबत, 15 लाख ट्रक हुए रिकॉल

यह भी पढ़ें: Auto Awards में छाईं ये 3 धांसू कारें, जानें किसने जीता खिताब?

किन मॉडल्स पर पड़ेगा असर?

स्टेलेंटिस कंपनी की तरफ से दी गई ताजा जानकारी के मुताबिक इस रिकॉल का असर रैम 1500 के कुछ खास मैन्युफैक्चरिंग इयर्स के मॉडल्स पर सबसे ज्यादा पड़ा है. पिछले कुछ सालों में बने और बेचे गए ट्रकों को इस जांच के दायरे में शामिल किया गया है. इनमें से ज्यादातर ट्रक उत्तरी अमेरिका, कनाडा और कुछ अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चलाए जा रहे हैं. 

वहीं, कंपनी ने अपने सभी प्रभावित ग्राहकों को पहचानना शुरू कर दिया है ताकि उन्हें जल्द से जल्द सर्विस सेंटर बुलाकर इस दिक्कत को दूर किया जा सके. अगर आपके पास भी रैम सीरीज का यह मॉडल मौजूद है तो आपको तुरंत कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी डीलरशिप से संपर्क करके अपनी गाड़ी की स्थिति चेक करवा लेनी चाहिए.


सीट बेल्ट बनी बड़ी मुसीबत, 15 लाख ट्रक हुए रिकॉल

क्या है आगे की तैयारी?

बता दें कि, इतनी बड़ी संख्या में गाड़ियों को रिकॉल करने के बाद अब कंपनी पूरी तरह से एक्शन मोड में आ चुकी है. कंपनी ने साफ किया है कि वे इस खराबी को पूरी तरह से मुफ्त में ठीक करके देंगे. कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर्स पर प्रभावित ट्रकों के सीट बेल्ट असेंबली और उससे जुड़े सॉफ्टवेयर की जांच की जाएगी. अगर किसी गाड़ी का पार्ट खराब निकलता है तो उसे बिना कोई पैसा लिए नए पार्ट से रिप्लेस कर दिया जाएगा. 

जबकि कंपनी अपने ग्राहकों को ईमेल, मैसेज और कॉल के जरिए सीधे सूचित कर रही है. इसके साथ ही सर्विस सेंटर्स पर भीड़ न हो और लोगों को ज्यादा इंतजार न करना पड़े इसके लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाड़ियों को वर्कशॉप में बुलाया जा रहा है.

क्या होगा ब्रांड पर असर?

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में गाड़ियों का रिकॉल होना कोई नई बात नहीं है लेकिन जब आंकड़ा 15 लाख तक पहुंच जाता है तो ब्रांड के इमेज पर असर पड़ना लाजिमी है. रैम 1500 स्टेलेंटिस का एक बहुत ही मजबूत और प्रीमियम प्रोडक्ट है. इस रिकॉल की वजह से कंपनी को न केवल वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि ग्राहकों के भरोसे को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती होगी. 

हालांकि, दूसरी तरफ कई विशेषज्ञों का मानना है कि खराबी पता चलते ही खुद गाड़ियों को वापस बुलाना कंपनी की जिम्मेदारी और सुरक्षा के प्रति उसकी संजीदगी को दर्शाता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी कितनी जल्दी इन 15 लाख ट्रकों की समस्या को सुलझाकर अपने ग्राहकों को राहत पहुंचा पाती है.

यह भी पढ़ें: बस थोड़ा-सा इंतजार, Royal Enfield ला रही ये शानदार बाइक्स

हिमांशु सिंह पिछले साढ़े तीन साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. फिलहाल वह ABP News में ऑटो बीट पर कार्यरत हैं. ऑटो सेक्टर में उन्हें नई कारों और बाइक्स के लॉन्च, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, फीचर्स, माइलेज, टेक्नोलॉजी और ऑटो मार्केट से जुड़ी खबरों की अच्छी जानकारी है. वह ऑटो से जुड़ी हर जरूरी और नई जानकारी आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के खबरों को समझ सकें.

ABP News से पहले हिमांशु DNP India, Sports Wiki और Hawk E Commerce के साथ काम कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने स्पोर्ट्स, राजनीति और वायरल खबरों पर भी काम किया. अलग-अलग बीट्स पर काम करने की वजह से उन्हें कई तरह की खबरों को समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने का अनुभव मिला.

हिमांशु की कोशिश रहती है कि उनकी खबरें सरल, भरोसेमंद और सीधे लोगों से जुड़ी हों. उन्हें ऐसी खबरों पर काम करना पसंद है, जिनका असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है. डिजिटल मीडिया की अच्छी समझ होने की वजह से वह ट्रेंडिंग और जरूरी खबरों को तेजी से पाठकों तक पहुंचाते हैं.

काम के अलावा हिमांशु को क्रिकेट खेलना, स्टैंडअप कॉमेडी करना और नई जगहों पर घूमना पसंद है. उनका मानना है कि नई जगहों को देखना और नए लोगों से मिलना सोच को बेहतर बनाता है, जिसका फायदा उनके काम में भी मिलता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

कितनी देर हवा में उड़ सकती है मस्क की फ्लाइंग कार, भारत में कैसे चलेगी?
कितनी देर हवा में उड़ सकती है मस्क की फ्लाइंग कार, भारत में कैसे चलेगी?
1.27 लाख रुपये में क्रूज कंट्रोल वाली बाइक, Hero ने दिया बड़ा सरप्राइज
1.27 लाख रुपये में क्रूज कंट्रोल वाली बाइक, Hero ने दिया बड़ा सरप्राइज
Petrol जैसी Power, CNG का खर्च, XUV 3XO ZNG कितनी दमदार?
Petrol जैसी Power, CNG का खर्च, XUV 3XO ZNG कितनी दमदार?
एक बार चार्ज पर 1100 km का सफर, इस SUV की बंपर डिमांड
एक बार चार्ज पर 1100 km का सफर, इस SUV की बंपर डिमांड
Advertisement

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'उनका भी मौलिक अधिकार', बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर रोक की मांग पर SC की अहम टिप्पणी
'उनका भी मौलिक अधिकार', बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर रोक की मांग पर SC की अहम टिप्पणी
अनंत सिंह के 9 लोगों की हत्या वाले बयान पर BJP की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
अनंत सिंह के 9 लोगों की हत्या वाले बयान पर BJP की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
'जेलर 2' ने रिलीज के दूसरे ही दिन बनाया साल 2026 का इतना बड़ा रिकॉर्ड, बनी तमिल की 5वीं सबसे बड़ी फिल्म
'जेलर 2' ने रिलीज के दूसरे दिन बनाया 2026 का बड़ा रिकॉर्ड, बनी तमिल की 5वीं सबसे बड़ी फिल्म
लालकृष्ण आडवाणी की अब कैसी है तबियत? हॉस्पिटल से आया हेल्थ अपडेट
लालकृष्ण आडवाणी की अब कैसी है तबियत? हॉस्पिटल से आया हेल्थ अपडेट
48 साल का क्रिकेटर बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर, अजीत अगरकर की लेगा जगह!
48 साल का क्रिकेटर बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर, अजीत अगरकर की लेगा जगह!
कर्ज के लिए मोहताज पाक बनेगा IMF-वर्ल्ड बैंक का अध्यक्ष, 1953 के बाद पहली बार मौका
कर्ज के लिए मोहताज पाक बनेगा IMF-वर्ल्ड बैंक का अध्यक्ष, 1953 के बाद पहली बार मौका
6 हफ्तों से ज्यादा खुजली और चकत्ते? हो सकती है बड़ी बीमारी 
6 हफ्तों से ज्यादा खुजली और चकत्ते? हो सकती है बड़ी बीमारी 
किसानों की सबसे ज्यादा कमाई कहां, जानें यूपी-पंजाब जैसे राज्यों का हाल
किसानों की सबसे ज्यादा कमाई कहां, जानें यूपी-पंजाब जैसे राज्यों का हाल
Embed widget