Rear End Car Accident Traffic Rules: चलती सड़क या जाम में पीछे से कार में हो जाए टक्कर तो किसकी ज्यादा गलती, कौन भरेगा हर्जाना?
Rear End Car Accident Traffic Rules :सड़क पर गाड़ी चलाते समय अचानक पीछे से टक्कर लगना भी काफी आम है. जब कोई वाहन अचानक पीछे से टकरा जाता है.

Rear End Car Accident Traffic Rules : सड़क पर रोजाना हजारों वाहन चलते हैं और इसी वजह से सड़क दुर्घटनाएं या छोटे-बड़े हादसे भी रोजाना होते रहते हैं. इसके अलावा सड़क पर गाड़ी चलाते समय अचानक पीछे से टक्कर लगना भी काफी आम है या जाम में पीछे से कार में टक्कर हो जाना भी आम है. जब कोई वाहन अचानक पीछे से टकरा जाता है तो अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि हमेशा पीछे वाली गाड़ी का चालक ही गलती करता है और वह जिम्मेदार है, लेकिन हर केस ऐसा नहीं होता है. ऐसे में आइए आज जानते हैं कि चलती सड़क या जाम में पीछे से कार में टक्कर हो जाए तो किसकी ज्यादा गलती है, कौन हर्जाना भरेगा और ट्रैफिक रूल्स क्या हैं.
सबसे आम सड़क दुर्घटना कौन सी है?
पीछे से टक्कर सबसे आम सड़क दुर्घटना है. जब कोई वाहन सीधे पीछे से किसी अन्य वाहन से टकराता है, इसे Rear-End Collision कहा जाता है. दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 30 प्रतिशत सड़क हादसे इसी के कारण होते हैं.
पीछे से कार में टक्कर में किसकी ज्यादा गलती है?
चलती सड़क या ट्रैफिक जाम में अगर पीछे से किसी कार में टक्कर हो जाए तो अक्सर लोग मान लेते हैं कि गलती हमेशा पीछे वाली कार चालक की होती है, लेकिन असल में ऐसा हर बार सही नहीं होता है. पीछे वाली कार आमतौर पर जिम्मेदार मानी जाती है क्योंकि ट्रैफिक नियम के अनुसार हर चालक को सुरक्षित दूरी बनाए रखनी होती है और ध्यान से चलना होता है, लेकिन कई बार सामने वाली कार की अचानक ब्रेकिंग, खराब ब्रेक लाइट, बिना संकेत के लेन बदलना, या सड़क पर अचानक खड़ा हो जाना जैसी परिस्थितियां भी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं. इसके अलावा अगर पीछे वाला चालक तेज स्पीड से चल रहा था, बहुत करीब था, या ध्यान नहीं दे रहा था तो उसकी गलती भी सामने आएगी. इसलिए पूरे मामले की जांच, पुलिस रिपोर्ट, गवाहों और सड़क की परिस्थितियों के आधार पर होती है.
कौन हर्जाना भरेगा?
सड़क पर पीछे से टक्कर होने पर कौन हर्जाना भरेगा, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि कौन ज्यादा जिम्मेदार था. अगर पीछे वाला ड्राइवर सावधानी नहीं रखता है, जैसे बहुत करीब गाड़ी चलाना, तेज गाड़ी चलाना या ध्यान नहीं देना तो आमतौर पर वहीं गाड़ी वाला हर्जाना देता है जिसने सावधानी नहीं बरती है. वहीं अगर सामने वाला ड्राइवर अचानक ब्रेक मार देता है, ब्रेक लाइट खराब होती है, या गाड़ी सड़क पर खड़ी कर देता है जिसकी वजह से हादसा होता है तो सामने वाला ड्राइवर भी जिम्मेदार हो सकता है और हर्जाना देना पड़ सकता है. कई बार दोनों ड्राइवरों की बराबर गलती भी पाई जाती है. इसलिए यह तय करने के लिए पुलिस रिपोर्ट, गवाह, तस्वीरें और सड़क की स्थिति की जांच होती है.
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ट्रैफिक रूल्स क्या हैं?
1. हमेशा आगे वाली गाड़ी से पूरी दूरी रखें, जिससे अचानक ब्रेक लगाने पर टकराव न हो.
2. सड़क और इलाके के हिसाब से तय स्पीड में ही गाड़ी चलाएं.
3. अपनी लेन में रहें और बिना संकेत दिए लेन न बदलें.
4. ट्रैफिक लाइट का पालन करें और अपनी गाड़ी की ब्रेक लाइट और इंडिकेटर सही रखें.
5. सीट बेल्ट पहनना और हेलमेट का यूज करना जरूरी है.
6. ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का यूज करना या ध्यान हटाना बहुत खतरनाक है.
7. शराब पीकर गाड़ी न चलाएं और हमेशा वैध कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदें.
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Source: IOCL























