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सरकारी वाहन का पीयूसी न होने पर कितना होता है चालान? जानें नियम

बिना वैध पीयूसी के वाहन चलाने पर कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये तक का चालान कट सकता है. यह नियम सिर्फ निजी गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी वाहनों पर भी लागू होता है.

भारत में वाहन चलाने के लिए बस ये जरूरी नहीं है कि आपको बस गाड़ी चलाने आए, बल्कि आपको गाड़ी चलाने के साथ-साथ सारे जरूरी दस्तावेज भी जरूरी होते हैं. जिसमें एक कागज होता है पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल यानी पीयूसी सर्टिफिकेट भी शामिल होता है. चाहे गाड़ी निजी हो या सरकारी, हर वाहन के लिए यह सर्टिफिकेट होना जरूरी है. आपको बता दें कि ये कागज इतना जरूरी होता है कि अगर किसी वाहन के पास वैध पीयूसी नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस उसका चालान काट सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में पूरी जानकारी कि पीयूसी न होने पर कितना जुर्माना लगता है और इससे जुड़े नियम क्या कहते हैं.

पीयूसी न होने पर कितना लगता है चालान?

बिना वैध पीयूसी के वाहन चलाने पर कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये तक का चालान कट सकता है. यह नियम सिर्फ निजी गाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि सरकारी वाहनों पर भी लागू होता है, क्योंकि सड़क पर चलने वाली हर गाड़ी को प्रदूषण के तय मानकों में रहना जरूरी होता है. कई लोग सोचते हैं कि पीयूसी की वैधता खत्म होने के बाद उन्हें कुछ दिनों की छूट मिल जाती है, लेकिन नियम के मुताबिक ऐसा बिल्कुल नहीं है.  पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता खत्म होने के बाद वाहन चलाने की एक दिन भी छूट नहीं दी जाती. इसलिए वैधता खत्म होते ही तुरंत नया पीयूसी बनवा लेना चाहिए, वरना कभी भी चेकिंग के दौरान भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है.

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पीयूसी न होने के और भी नुकसान

सिर्फ चालान ही नहीं, पीयूसी न होने पर कई और परेशानियां भी झेलनी पड़ सकती हैं. अक्सर लोग यह सोचते हैं कि पीयूसी न होने पर सिर्फ भारी चालान ही कट सकता है, लेकिन इसके अलावा भी कुछ बड़े नुकसान झेलने पड़ सकते हैं जिनके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी होती है. जैसे अगर किसी हादसे में गाड़ी शामिल होती है और उस समय पीयूसी वैध नहीं है, तो इंश्योरेंस क्लेम मिलने में दिक्कत आ सकती है. इसके अलावा कुछ शहरों में अब पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले भी पीयूसी चेक किया जाने लगा है. यानी पीयूसी सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि रोजमर्रा की गाड़ी चलाने के लिए बेहद जरूरी दस्तावेज बन चुका है.

पीयूसी की वैधता और नए नियम

आमतौर पर नई गाड़ी खरीदने पर पहला पीयूसी सर्टिफिकेट एक साल तक वैध रहता है, उसके बाद हर छह महीने में इसे रिन्यू कराना पड़ता है. हालांकि सरकार अब इसमें बदलाव करने की तैयारी में है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने प्राइवेट BS6 गाड़ियों के लिए पीयूसी की वैलिडिटी को मौजूदा एक साल से बढ़ाकर सीधे तीन साल करने का प्रस्ताव रखा है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में गाड़ी मालिकों को बार-बार पॉल्यूशन सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन जब तक यह नया नियम पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक हर वाहन मालिक को अपनी गाड़ी का पीयूसी समय पर बनवाते रहना चाहिए, ताकि चालान से बचा जा सके और गाड़ी सभी नियमों के दायरे में चले.

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About the author संजना सिंह

संजना सिंह वाराणसी की रहने वाली हैं और उन्होंने पत्रकारिता एवं जनसंचार में मास्टर्स की पढ़ाई Galgotias University से और बैचलर्स की पढ़ाई महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी से की है. उन्हें कंटेंट राइटिंग के साथ-साथ न्यूज एंकरिंग, वीडियो एडिटिंग और फोटोग्राफी का भी अनुभव है. वह आसान, रोचक और लोगों से जुड़ी भाषा में कंटेंट और खबरें लिखने में रुचि रखती हैं.

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