हाइड्रोजन से ट्रेन चलेगी और कार भी, जानें CNG से कितनी सस्ती और पावरफुल है यह गैस?
Hydrogen Fuel: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर चलने को तैयार. जानिए सीएनजी के मुकाबले कितनी पावरफुल और सस्ती है हाइड्रोजन गैस और कैसे काम करती है यह ग्रीन टेक्नोलॉजी.

Hydrogen Fuel: अपने देश में प्रदुषण बहुत ही तेजी से फैल रहा है. देश के कई बड़े शहरों में प्रदुषण बहुत ही हाई लेवल पर है. जिसके चलते अब सरकार इसे कम करने के लिए एथेनॉल और अब हाइड्रोजन फ्यूल की खपत को बढ़ा रही है. बता दें कि, एथेनॉल अब पुरे देश में मिल रहा है. जबकि हाइड्रोजन फ्यूल से भी कारें जल्द चलती दिखेंगी. लेकिन इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है देश की इस पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी मिल गई है.
हम पहले इन गाड़ियों को चलाने के लिए पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पर निर्भर थे. लेकिन अब हाइड्रोजन को भविष्य के सबसे तगड़े और सस्ते फ्यूल के रूप में देखा जा रहा है. तो चलिए आज इस खबर में जानतें हैं कि, हाइड्रोजन गैस सीएनजी से कितनी ज्यादा पावरफुल है और कितनी सस्ती पड़ेगी.
चलने जा रही है भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन
बता दें कि, भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन हरियाणा के जींद से सोनीपत के बीच करीब 89 किलोमीटर का सफर तय करेगी. यह ट्रेन रोजाना दो राउंड ट्रिप लगाएगी यानी हर दिन कुल 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. इस 10-कोच वाली ट्रेन की सबसे खास बात इसकी तकनीक है. जिसमें बाहर की ऑक्सीजन और ट्रेन में स्टोर की गई हाइड्रोजन गैस के बीच एक केमिकल रिएक्शन कराया जाता है.
इस रिएक्शन से जो बिजली पैदा होती है उससे ट्रेन की मोटर चलती है. इस पूरी प्रक्रिया में धुएं या किसी जहरीली गैस की जगह केवल पानी की भाप बाहर निकलती है, जो इसे 100% प्रदूषण मुक्त बनाती है.
यह भी पढ़ें: सड़क पर नहीं, हवा में दौड़ेगी बस, नितिन गडकरी ने बताया भारत के ट्रांसपोर्ट का भविष्य
सीएनजी से कितनी ज्यादा पावरफुल है हाइड्रोजन?
अब बात करते हैं किस फ्यूल में कितना दम है. जब बात ताकत और परफॉर्मेंस की आती है तो हाइड्रोजन गैस सीएनजी और डीजल के मुकाबले कोसों आगे खड़ी नजर आती है. वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार केवल 1 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन से उतनी ही ऊर्जा और पावर मिलती है जितनी करीब 4.5 किलोग्राम डीजल या लगभग 3 से 4 किलोग्राम सीएनजी जलाने पर मिलती है.
इसका मतलब यह हुआ कि हाइड्रोजन का एनर्जी आउटपुट बहुत ज्यादा है, जिससे ट्रेन और भारी कारों को बेहतरीन पिकअप और शानदार टॉप स्पीड मिलती है. कम फ्यूल में ज्यादा दूरी तय करने की इसी खूबी के कारण इसे दुनिया का सबसे कुशल और शक्तिशाली ईंधन माना जा रहा है.
क्या CNG से सस्ता पड़ेगा हाइड्रोजन?
आपको जानकारी के लिए बता दें कि, शुरुआत में हाइड्रोजन गैस को बनाने और उसके सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन की लागत थोड़ी ज्यादा है. लेकिन जब इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा तो यह सीएनजी से भी काफी किफायती साबित होगी. क्योंकि, हाइड्रोजन को पानी से अलग करके आसानी से बनाया जा सकता है. इसलिए इसके लिए हमें किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में जैसे-जैसे इसके रिड्यूसिंग और रिफ्यूलिंग स्टेशन बढ़ेंगे वैसे-वैसे इसका रनिंग कॉस्ट सीएनजी और पेट्रोल कारों के मुकाबले आधा रह जाएगा. कम ईंधन खपत और जीरो मेंटेनेंस के चलते यह आम जनता की जेब के लिए बेहद शानदार ऑप्शन साबित होने वाली है.
यह भी पढ़ें: अचानक क्यों हो जाता है कार का Steering Lock? वजह जानकर बदल जाएगी आपकी ड्राइविंग आदत

























