Mercedes Benz AI Car Development: अब AI बनाएगी Mercedes की कारें, चीन को मिलेगी टक्कर
मर्सिडीज-बेंज ने कारों के डेवलपमेंट समय को 30% तक घटाने के लिए AI तकनीक अपनाई है. जानिए चीनी ऑटो कंपनियों को कड़ी टक्कर देने का मर्सिडीज का यह मास्टरप्लान.

Mercedes Benz AI Car Development: ऑटोमोबाइल मार्केट में बहुत तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. क्योंकि अब मार्केट पहले से पूरी तरह से बदल चूका है. जबकि अब लग्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक नया और बेहद ही क्रांतिकारी कदम उठाया है.
बता दें कि चीन की कार निर्माता कंपनियों की तेजी से बढ़ती रफ्तार को कड़ी टक्कर देने के लिए मर्सिडीज ने अपनी गाड़ियों के डिजाइन, टेस्टिंग और डेवलपमेंट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने की घोषणा की है. मर्सिडीज गाड़ियों को बनाने में 4 से 5 साल लग जाते हैं. जबकि चीनी कंपनियां सिर्फ 18 से 24 महीनों में ही नई गाड़ी बना देती हैं. इसके चलते ही अब मर्सिडीज AI का सहारा ले रही है.
अब बचेगा काफी समय
बता दें कि मर्सिडीज-बेंज ने अपना नया PLM.AI सिस्टम पेश किया है. जो कंपनी के अलग-अलग विभागों को एक साथ जोड़कर काम की रफ्तार को काफी बढ़ा देगा. क्योंकि कंपनी का दावा है कि एआई की मदद से नई कारों के डेवलपमेंट टाइम में करीब 30 प्रतिशत तक की बड़ी कटौती की जाएगी.
जबकि इसके साथ ही कंप्यूटर पर होने वाले एडवांस्ड AI सिमुलेशन के जरिए गाड़ियों की फिजिकल क्रैश टेस्टिंग और प्रोटोटाइप यूनिट्स बनाने की जरूरत 50 प्रतिशत तक कम हो जाएगी. जिससे काफी समय और पैसे दोनों बचेंगे.
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मुकाबला करना पड़ा मजबूरी
ग्लोबल ऑटो बाजार में BYD, एनआईओ और एक्सपेंग जैसी चीनी ऑटो कंपनियां बहुत तेजी से अपनी नई गाड़ियां और नए सॉफ्टवेयर फीचर्स मार्केट में लॉन्च कर रही हैं. जिसके चलते अगर मर्सिडीज अपनी पुरानी 48 से 60 महीने की टाइमलाइन पर ही काम करती रहती तो उसकी गाड़ियां लॉन्च होते-होते पुरानी लगने लगतीं. इसके चलते ही मर्सिडीज को AI का सहारा लेना पड़ा है.
इंसान करेंगे फाइनल डिजाइन
बता दें कि मर्सिडीज-बेंज के चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर ने चीनी कंपनियों की स्पीड की तारीफ की. लेकिन साथ ही यह भरोसा जताया कि उनकी कंपनी टेक्नोलॉजी के मामले में किसी से पीछे नहीं रहेगी. कंपनी का मानना है कि एआई का इस्तेमाल इंजीनियरों की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उनके काम को तेज और आसान बनाने के लिए किया जा रहा है.
वहीं एआई की मदद से एयरोडायनामिक्स और स्ट्रक्चरल डिजाइन तुरंत तैयार होंगे. जबकि आखिरी डिजाइन अप्रूवल, लग्जरी टच और सेफ्टी वैलिडेशन का काम इंसानी इंजीनियर ही संभालेंगे.
दिखेगा बड़ा बदलाव
ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि मर्सिडीज का यह कदम पूरी दुनिया के लग्जरी ऑटोमोबाइल बाजार की दिशा बदल देगा. फ्यूचर में सिर्फ कार की राइड क्वालिटी या इंटीरियर की खूबसूरती ही नहीं बल्कि सॉफ्टवेयर और नई टेक्नोलॉजी को कितनी तेजी से बाजार में लाया जा रहा है. यह बात सबसे ज्यादा मायने रखेगी.
मर्सिडीज-बेंज का यह नया एआई प्रोजेक्ट उसकी अगली पीढ़ी की इलेक्ट्रिक कारों और सॉफ्टवेयर-डिफाइंड व्हीकल्स को तेजी से ग्राहकों तक पहुंचाने में काफी मुश्किल साबित होगा.
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