Maruti के Suppliers घटाएंगे प्रोडक्शन, जानिए क्या है वजह
Suzuki ने Maruti के भारतीय सप्लायर्स से हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोककर मशीनों की मेंटेनेंस करने को कहा है. इसका मकसद क्वालिटी और प्रोडक्शन को बेहतर बनाना है

Suzuki Motor ने भारत में Maruti Suzuki के लिए पार्ट्स बनाने वाले सप्लायर्स को हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोकने के लिए कहा है. इस दिन का इस्तेमाल मशीनों की नियमित मेंटेनेंस के लिए किया जाएगा. यह पहली बार है जब Suzuki ने भारत में अपने सप्लायर्स को इस तरह का निर्देश दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, Suzuki चाहती है कि सितंबर 2027 तक सप्लायर्स 20 घंटे प्रतिदिन और 6 दिन प्रति सप्ताह के ऑपरेशन मॉडल की तरफ बढ़ें.
यानी मशीनों को हर दिन करीब 4 घंटे का डाउनटाइम मिलेगा और सप्ताह में एक पूरा दिन मेंटेनेंस के लिए रखा जाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य लगातार चल रही मशीनों के कारण होने वाले ब्रेकडाउन, अनियोजित प्रोडक्शन रुकने, फैक्ट्री दुर्घटनाओं और क्वालिटी से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम करना है.
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क्यों लिया गया है यह फैसला.
Suzuki का यह फैसला ऐसे समय आया है जब Maruti Suzuki भारत में अपना प्रोडक्शन काफी बढ़ाने की तैयारी कर रही है. कंपनी की मौजूदा उत्पादन क्षमता करीब 29 लाख वाहनों की सालाना है और इसे 2030 तक करीब 40 लाख वाहनों तक बढ़ाने की योजना है. बढ़ते प्रोडक्शन के साथ सप्लाई चेन में किसी एक पार्ट की कमी या मशीन में खराबी से पूरी वाहन उत्पादन लाइन प्रभावित हो सकती है. इसी जोखिम को कम करने के लिए Suzuki सप्लायर्स की मशीनों के लिए नियमित मेंटेनेंस टाइम तय करना चाहती है. कंपनी भारत को अपने प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में भी मजबूत कर रही है.
Suppliers के लिए बढ़ सकती है लागत.
हफ्ते में एक दिन प्रोडक्शन रोकने का फैसला सप्लायर्स के लिए आसान नहीं होगा. भारत में कई ऑटो कंपोनेंट कंपनियां अपनी मशीनों को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए सातों दिन प्रोडक्शन चलाती हैं. ऐसे में एक दिन मशीनें बंद रहने से उनकी मौजूदा क्षमता का इस्तेमाल कम हो सकता है. अगर सप्लायर समान मात्रा में पार्ट्स बनाना चाहते हैं, तो उन्हें अतिरिक्त मशीनरी या उत्पादन क्षमता में निवेश करना पड़ सकता है. इससे उनकी लागत बढ़ने की संभावना है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कच्चे माल और अन्य इनपुट लागतों को लेकर भी दबाव बना हुआ है.
2027 तक लागू करने की तैयारी.
Suzuki चाहती है कि उसके भारतीय सप्लायर्स सितंबर 2027 तक नए ऑपरेशन मॉडल की तरफ बढ़ें. रिपोर्ट के अनुसार, Maruti ने सप्लायर्स से साल के अंत तक यह घोषणा देने को भी कहा है कि Maruti के लिए पार्ट्स बनाने वाली उनकी प्रोडक्शन लाइनें सप्ताह के सभी सात दिन लगातार नहीं चलेंगी. यह बदलाव Maruti के बड़े विस्तार प्लान का हिस्सा है, जिसमें नई कारों, नई पावरट्रेन और नई सेफ्टी टेक्नोलॉजी के साथ उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. Suzuki का लक्ष्य 2030 तक मैन्युफैक्चरिंग एफिशिएंसी बढ़ाने और नए मॉडल को बाजार में लाने की प्रक्रिया को भी तेज करना है.
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