मैनुअल या ऑटोमैटिक, दिल्ली-NCR में चलाने के लिए कौन-सी कार खरीदना रहेगा बेहतर? जानें डिटेल्स
Manual or Automatic Car: अगर आप डेली ऑफिस आने-जाने के लिए मैनुअल और ऑटोमैटिक कार में से किसी एक को लेकर कंफ्यूज हैं तो आपके लिए जानना जरूरी है कि कौन-सी कार खरीदना बेहतर रहेगा?

अगर आप रोजाना ऑफिस जाते वक्त कई घंटे जाम में फंसे रहते हैं तो यह खबर आपके काम आ सकती है. जब हम नई कार खरीदते हैं तो हमारे मन में यही सवाल उठता है कि मैनुअल गियर कार खरीदें या फिर ऑटोमैटिक कार सही रहेगी? ऐसे में हम आपकी कंफ्यूजन दूर करने जा रहे हैं. मार्केट में आपके लिए AMT, CVT और DCT जैसी मॉडर्न ऑटोमैटिक गाड़ियों ने सड़कों पर अब ड्राइविंग को आसान बना दिया है.
मैनुअल कार कितनी सही?
मैनुअल कार में ड्राइवर को खुद गियर बदलना पड़ता है और इसके लिए क्लच का इस्तेमाल करना होता है. मैनुअल कारें आमतौर पर सस्ती होती हैं और इनकी मेंटेनेंस भी कम होती है. इसके साथ ही ड्राइविंग का कंट्रोल ज्यादा रहता है और कई लोगों को इसे चलाने में ज्यादा मजा आता है. लेकिन ट्रैफिक में बार-बार क्लच और गियर बदलना पड़ता है, जिससे थकान होती है और ड्राइविंग थोड़ी मुश्किल लग सकती है.
कैसे चलती है ऑटोमैटिक कार?
वहीं ऑटोमैटिक कार की बात करें तो इसमें गियर अपने आप बदलते हैं, इसलिए ड्राइविंग बहुत आसान हो जाती है. ऑटोमैटिक कार में क्लच नहीं होता,सिर्फ ब्रेक और एक्सीलेरेटर से काम चल जाता है. खासकर शहर और ट्रैफिक में यह ज्यादा आरामदायक होती है और नए ड्राइवर के लिए भी बेहतर मानी जाती है. गाड़ी की कीमत मैनुअल कार से ज्यादा होती है और मेंटेनेंस भी थोड़ी महंगी हो सकती है.
कौन-सी कार खरीदना बेहतर?
ऐसे में अगर आपका बजट कम है और आपको ज्यादा माइलेज के साथ ही ड्राइविंग पर पूरा कंट्रोल चाहिए तो मैनुअल आपके लिए सही कार है. वहीं दूसरी ओर अगर आप आरामदायक और आसान ड्राइविंग चाहते हैं और शहर में ट्रैफिक में चलाने के लिए थकना नहीं चाहते तो ऑटोमैटिक कार बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.
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Source: IOCL



























