चलते-चलते ही बैटरी हो जाती है चार्ज, Mahindra पेश करने जा रही ये हाइब्रिड SUVs, जानें डिटेल्स
Mahindra Hybrid SUVs: कंपनी अपनी नई SUVs Mahindra XUV 7XO और Mahindra XEV 9e के हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रही है. महिंद्रा इन दोनों गाड़ियों में अलग-अलग तरह की हाइब्रिड टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर सकती है.

अब कार कंपनियां ऐसी गाड़ियां बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं जो पेट्रोल का खर्च कम करें और साथ ही लोगों को इलेक्ट्रिक कार जैसी नई टेक्नोलॉजी का फायदा भी दें. इसी वजह से हाइब्रिड कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है. हाइब्रिड गाड़ियों में पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर दोनों का इस्तेमाल होता है, जिससे गाड़ी ज्यादा माइलेज देती है और पॉल्यूशन भी कम होता है. अब देश की बड़ी ऑटो कंपनी Mahindra & Mahindra भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है.
जानकारी के मुताबिक, कंपनी अपनी नई SUVs Mahindra XUV 7XO और Mahindra XEV 9e के हाइब्रिड मॉडल पर काम कर रही है. महिंद्रा इन दोनों गाड़ियों में अलग-अलग तरह की हाइब्रिड टेक्नोलॉजी इस्तेमाल कर सकती है. सबसे पहले बात करें XUV 7XO की तो इसमें स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम मिलने की संभावना है. इस टेक्नोलॉजी में पेट्रोल इंजन के साथ एक इलेक्ट्रिक मोटर भी काम करती है. जब गाड़ी स्लो स्पीड पर चलती है या ट्रैफिक में फंसती है, तब इलेक्ट्रिक मोटर गाड़ी को चलाने में मदद करती है.
गाड़ी चलते-चलते खुद चार्ज करती है बैटरी
इससे पेट्रोल की खपत कम होती है और माइलेज बेहतर मिलता है. यानी रोजाना शहर में चलने वाले लोगों के लिए यह SUV ज्यादा किफायती साबित हो सकती है. इसके अलावा स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम का एक बड़ा फायदा यह भी होता है कि गाड़ी चलते-चलते अपनी बैटरी खुद चार्ज करती रहती है. इसके लिए अलग से चार्जिंग स्टेशन पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. यही कारण है कि बहुत से लोग हाइब्रिड गाड़ियों को इलेक्ट्रिक कारों से ज्यादा आसान और भरोसेमंद ऑप्शन मान रहे हैं.
क्या है इस गाड़ी की खासियत?
दूसरी कार Mahindra XEV 9e है, जिसमें कंपनी रेंज एक्सटेंडर टेक्नोलॉजी दे सकती है. यह सिस्टम थोड़ा अलग तरीके से काम करता है. इसमें गाड़ी मुख्यतौर से इलेक्ट्रिक मोटर से चलती है, लेकिन जब बैटरी कम होने लगती है तब पेट्रोल इंजन बैटरी को चार्ज करने का काम करता है. इससे गाड़ी की ड्राइविंग रेंज बढ़ जाती है और लंबे सफर में बार-बार चार्जिंग की चिंता नहीं रहती. आसान शब्दों में कहें तो यह इलेक्ट्रिक कार और पेट्रोल कार का मिला-जुला रूप होगा.
भारत में अभी भी बहुत से लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने से इसलिए हिचकिचाते हैं क्योंकि हर जगह चार्जिंग स्टेशन मौजूद नहीं हैं. खासतौर पर हाईवे और छोटे शहरों में चार्जिंग नेटवर्क अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुआ है. ऐसे में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन बनकर सामने आ रही है. इसमें ग्राहक को पेट्रोल इंजन की सुविधा भी मिलती है और इलेक्ट्रिक कार जैसी बचत भी होती है.
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Source: IOCL

























