कैसे लंबे समय तक चल सकते हैं आपकी कार के टायर? इन 5 टिप्स के बारे में जानना जरूरी
Car Tyre Tips: टायरों की सही देखभाल करना हर वाहन मालिक के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. कई लोग सिर्फ टायर पंचर होने या खराब दिखने पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन इनकी देखभाल बेहद जरूरी है.

गाड़ी की अच्छी परफॉर्मेंस और सुरक्षित सफर के लिए सिर्फ इंजन या ब्रेक ही नहीं, बल्कि टायरों का सही हालत में होना भी बेहद जरूरी होता है. टायर ही गाड़ी का वह हिस्सा हैं जो हर समय सड़क के सीधे संपर्क में रहते हैं. अगर टायर सही स्थिति में नहीं होंगे तो गाड़ी का संतुलन बिगड़ सकता है. माइलेज कम हो सकता है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है.
टायरों की सही देखभाल करना हर वाहन मालिक के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. कई लोग सिर्फ टायर पंचर होने या खराब दिखने पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन अगर समय-समय पर उनकी देखभाल की जाए तो टायर लंबे समय तक चलते हैं और गाड़ी की परफॉर्मेंस भी बेहतर बनी रहती है.
टायर प्रेशर की नियमित जांच करना
सबसे जरूरी बात टायर प्रेशर की नियमित जांच करना है. बहुत से लोग महीनों तक टायर की हवा चेक नहीं करवाते, जबकि गलत एयर प्रेशर टायरों को तेजी से खराब कर सकता है. अगर टायर में हवा कम होगी तो टायर ज्यादा घिसेगा और गाड़ी का माइलेज भी घट जाएगा. वहीं जरूरत से ज्यादा हवा होने पर सड़क पर पकड़ कम हो सकती है. इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार टायर प्रेशर जरूर चेक करवाना चाहिए. खासतौर पर सुबह के समय जब टायर ठंडे हों, तभी हवा की जांच सबसे सही मानी जाती है. सही प्रेशर से टायर की लाइफ बढ़ती है और सफर भी ज्यादा सुरक्षित रहता है.
टायर रोटेशन भी बेहद जरूरी
इसके अलावा टायर रोटेशन भी बेहद जरूरी होता है. आमतौर पर गाड़ी के सभी टायर बराबर नहीं घिसते.कुछ टायरों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे वे जल्दी खराब होने लगते हैं. अगर समय-समय पर टायरों की जगह बदली जाए, यानी आगे वाले टायर पीछे और पीछे वाले आगे लगाए जाएं तो सभी टायर लगभग बराबर घिसते हैं. इससे उनकी उम्र बढ़ जाती है और नए टायर जल्दी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती.एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि हर सर्विस के दौरान टायर रोटेशन जरूर करवाना चाहिए.
व्हील अलाइनमेंट पर ध्यान दें
व्हील अलाइनमेंट पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी है. अगर गाड़ी का अलाइनमेंट सही नहीं होगा, तो टायर एक तरफ से ज्यादा घिसने लगेंगे. इससे टायर जल्दी खराब हो सकते हैं और गाड़ी चलाते समय स्टीयरिंग भी असंतुलित महसूस हो सकता है. यही कारण है कि लगभग हर 10 हजार किलोमीटर के बाद व्हील अलाइनमेंट चेक करवाना जरूरी माना जाता है.खराब सड़कों, गड्ढों या स्पीड ब्रेकर से भी अलाइनमेंट बिगड़ सकता है. सही अलाइनमेंट से गाड़ी सीधी चलती है और टायरों पर एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं पड़ता.
नाइट्रोजन और सामान्य हवा को कभी मिक्स नहीं करें
एक और जरूरी बात यह है कि टायरों में नाइट्रोजन और सामान्य हवा को कभी मिक्स नहीं करना चाहिए. कई लोग एक बार नाइट्रोजन भरवाने के बाद बाद में सामान्य हवा भरवा लेते हैं, जो सही तरीका नहीं माना जाता.इससे टायर के अंदर दबाव और तापमान का संतुलन बिगड़ सकता है.इसलिए अगर नाइट्रोजन इस्तेमाल कर रहे हैं तो हमेशा वही भरवाएं और अगर सामान्य हवा इस्तेमाल करते हैं तो उसी को जारी रखें.
इस चीज का भी रखें ध्यान
टायरों की उम्र आपकी ड्राइविंग आदतों पर भी काफी हद तक निर्भर करती है. तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाना, तेजी से गाड़ी भगाना या खराब रास्तों पर लापरवाही से ड्राइव करना टायरों को जल्दी खराब कर देता है. स्मूद और संतुलित ड्राइविंग से टायरों पर कम दबाव पड़ता है और वे लंबे समय तक चलते हैं. इसके अलावा सुरक्षित ड्राइविंग से दुर्घटना का खतरा भी कम होता है.
अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो टायर लंबे समय तक अच्छी स्थिति में बने रहते हैं.इससे न सिर्फ पैसे की बचत होती है, बल्कि गाड़ी की सुरक्षा, माइलेज और परफॉर्मेंस भी बेहतर बनी रहती है.इसलिए टायरों की देखभाल को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि सुरक्षित सफर की शुरुआत मजबूत और सही हालत वाले टायरों से ही होती है.
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Source: IOCL


























