कैसे पता करें CNG में मिलावट हो रही है या नहीं? ये टिप्स आएंगे काम
क्या आपकी सीएनजी कार कम माइलेज और खराब पिकअप दे रही है? जानिए सीएनजी में मिलावट या कम प्रेशर की पहचान करने के आसान टिप्स ताकि आपकी गाड़ी का इंजन पूरी तरह सुरक्षित रहे.

इंडिया में अब पेट्रोल और डीजल से ज्यादा लोग सीएनजी गाड़ियां लेना पसंद करते हैं. क्योंकि, सीएनजी कारें पेट्रोल-डीजल गाड़ियों से ज्यादा सस्ती पड़ती हैं और इनका माइलेज भी काफी अच्छा होता है. इसके चलते हमारे देश में अब सीएनजी गाड़ियों की डिमांड बढ़ती जा रही है. लेकिन पिछले कुछ समय में कई सीएनजी स्टेशनों से गैस में हवा या कम गुणवत्ता वाली गैस मिलाकर बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं. हालांकि, तकनीकी रूप से देखें तो सीएनजी में सीधे तौर पर किसी द्रव या पानी की मिलावट करना नामुमकिन होता है.
लेकिन पंप मालिक मुनाफा कमाने के लिए प्रेशर में हेरफेर या एयर मिक्सिंग जैसी तकनीकों का सहारा लेते हैं. जिसका सीधा असर आपकी गाड़ी के माइलेज, पिकअप और इंजन की ओवरऑल लाइफ पर पड़ता है. अगर आप भी सीएनजी कार इस्तेमाल करते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखकर आप यह आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपको मिलने वाली सीएनजी पूरी तरह शुद्ध है या नहीं. चलिए जानतें हैं कैसे.
अचानक माइलेज में गिरावट आना
बता दें कि, CNG की गुणवत्ता जांचने का सबसे पहला और सटीक तरीका आपकी गाड़ी का माइलेज होता है. अगर आप हमेशा की तरह एक ही दूरी तय कर रहे हैं लेकिन फुल टैंक कराने के बावजूद गाड़ी सामान्य से 20 से 30 प्रतिशत कम माइलेज दे रही है तो यह सीएनजी में मिलावट या लो क्वालिटी गैस का संकेत हो सकता है.
क्योंकि, जब गैस में हवा की मात्रा बढ़ा दी जाती है तो सिलेंडर जल्दी खाली हो जाता है और कंबशन सही से नहीं हो पाता. इसके कारण गाड़ी को चलने के लिए ज्यादा गैस की खपत करनी पड़ती है और माइलेज में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिलती है.

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पिकअप में कमी आना
वहीं, सही और शुद्ध सीएनजी का कंबशन बहुत ही साफ और निरंतर होता है जिससे गाड़ी को पावर मिलती है. लेकिन अगर सीएनजी में हवा या नमी की मिलावट की गई है तो एक्सीलेटर दबाने पर आपको गाड़ी में लैग महसूस होगा.
जबकि चढ़ाई पर गाड़ी चलाते समय या ओवरटेक करते समय इंजन पर असामान्य दबाव पड़ेगा और गाड़ी झटका लेने लगेगी. इसके अलावा खराब क्वालिटी की सीएनजी से स्पार्क प्लग पर असर पड़ता है जिससे इंजन चालू होने में समय लेता है और चलते समय अजीब तरह का कंपन या आवाज पैदा होती है.

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प्रेशर गेज पर रखें नजर
जानकारी के लिए बता दें कि, हमेशा CNG भरवाते समय केवल मीटर की रीडिंग देखना ही काफी नहीं होता बल्कि पंप पर लगे प्रेशर गेज पर भी ध्यान देना होता है. क्योंकि, शुद्ध सीएनजी आपूर्ति के लिए पंप पर 200 से 220 बार का स्टैंडर्ड प्रेशर होना अनिवार्य माना जाता है. इस लिए हमेशा सीएनजी भरवाने से पहले प्रेशर गेज जरूर चेक करें.
अगर कोई पंप ऑपरेटर 150 बार या उससे कम प्रेशर पर गैस भरता है तो सिलेंडर में गैस के साथ हवा ज्यादा मात्रा में प्रवेश कर जाती है. ऐसे में आप पैसे तो पूरे सीएनजी के देते हैं लेकिन आपको गैस की जगह हवा ज्यादा मिलती है. हमेशा उसी स्टेशन से सीएनजी भरवाएं जहां प्रेशर सही और स्थिर हो.
समय पर कराएं हाइड्रो टेस्टिंग
जानकारी दें दे कि, अपनी गाड़ी में सीएनजी का सही असर बनाए रखने के लिए केवल पंप की जांच ही काफी नहीं होती है. आप अपनी गाड़ी के सीएनजी किट का रख-रखाव भी करें. नियम के अनुसार हमेशा 3 साल में अपने सीएनजी सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग जरूर करवाएं और केवल अधिकृत सीएनजी स्टेशनों से ही गैस भरवाएं.
वहीं, आपको किसी सीएनजी स्टेशन पर गैस भरवाने से लगातार माइलेज और पिकअप की समस्या आ रही है तो उस स्टेशन को तुरंत बदल दें. क्योंकि, इन्हीं छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाकर आप मिलावटी गैस के नुकसान से बच सकते हैं और अपनी कार और इंजन को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं.
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