Google Maps देखते हुए Driving करना पड़ेगा भारी, जानें नियम
ड्राइविंग करते समय गूगल मैप्स का गलत तरीके से इस्तेमाल आपको मुश्किल में डाल सकता है. जानिए ट्रैफिक नियमों के तहत फोन और नेविगेशन का सही तरीका और चालान से बचने के उपाय.

भारत में अब लोग अनजाने रास्ते पर भी अकेले निकल जाते हैं. क्योंकि, आपने भले ही रास्ता देखा हो या नहीं आप गूगल मैप की मदद से किसी भी लोकेशन पर बिना किसी से पूछे पहुंच सकते हैं. क्योंकि, बिना किसी से रास्ता पूछे यह ऐप हमें सीधे हमारी मंजिल तक पहुंचा देता है. हालांकि, गूगल मैप इस्तेमाल करते समय हमें थोड़ी सी सावधानी बरतनी चाहिए वरना थोड़ी सी लापरवाही आपका बड़ा चालान कटवा सकती है. अक्सर लोग गाड़ी चलाते समय एक हाथ से फोन पकड़कर रास्ता देखते रहते हैं या फिर डैशबोर्ड पर रखे बिना बार-बार स्क्रीन को छूते हैं. अगर ट्रैफिक पुलिस आपकी इस हरकत को देख लेती है तो तुरंत आपका ई-चालान काटा जा सकता है.
बता दें कि, मोटर वाहन अधिनियम के नियमों के अनुसार ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का किसी भी तरह से हाथ में इस्तेमाल करना सख्त मना है. अगर आप रास्ते में गूगल मैप्स का इस्तेमाल करते समय इन तय नियमों का पालन नहीं करते हैं तो आपको 1,000 से लेकर 5,000 रुपये तक का भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है. इसलिए अगली बार कार या बाइक से सफर पर निकलने से पहले यह जान लेना बहुत जरूरी है कि कानून के मुताबिक गूगल मैप्स इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है. तो चलिए जानतें हैं आप ड्राइव करते समय कैसे गूगल मैप इस्तेमाल कर सकते हैं.
फोन पकड़कर मैप देखना पड़ेगा भारी
आपको बता दें कि, अगर आप गाड़ी चलाते समय मोबाइल को हाथ में रखकर गूगल मैप्स देख रहे हैं तो इसे डेंजरस ड्राइविंग या ध्यान भटकाने वाली ड्राइविंग की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक हाथ में फोन होने से ध्यान भटकता है और दुर्घटना होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.
अगर आप हाथ में फोन लेकर नेविगेशन ऑन किए हुए पकड़े जाते हैं तो पुलिस सीधे तौर पर हैंडहेल्ड डिवाइस का इस्तेमाल करने का मामला दर्ज कर चालान काट देती है. जबकि इसके अलावा बाइक या स्कूटर चलाते समय कंधों के बीच फोन दबाकर मैप्स देखना या बात करना भी बेहद खतरनाक और गैर-कानूनी काम है.

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क्या है का नियम?
जानकारी दें दे कि, मोटर वाहन नियमों के मुताबिक आप गूगल मैप्स का इस्तेमाल केवल तभी सुरक्षित रूप से कर सकते हैं जब फोन किसी कार मोबाइल होल्डर में अच्छे से फिक्स हो. कार के डैशबोर्ड या विंडशील्ड पर फोन होल्डर इस तरह लगा होना चाहिए कि उससे ड्राइवर को सामने की सड़क देखने में कोई परेशानी न हो.
हमेशा ध्यान रखें कि मोबाइल होल्डर में फोन लगाने के बाद भी गाड़ी चलाते समय बार-बार स्क्रीन को छूना या लोकेशन चेंज करना मना है. आपको जो भी रूट सेट करना हो वह गाड़ी स्टार्ट करने और सड़क पर निकलने से पहले ही सेट कर लेना चाहिए.

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ट्रैफिक जाम में भी न टच करें मोबाइल
अक्सर देखा जाता है कि, बहुत से लोगों के मन में यह गलतफहमी भी होती है कि जब गाड़ी रेड सिग्नल पर खड़ी हो या भारी ट्रैफिक जाम में रुकी हो तब फोन हाथ में लेकर रास्ता या मैसेज चेक किया जा सकता है. लेकिन ट्रैफिक पुलिस के नियमों के हिसाब से जब तक आपकी गाड़ी सड़क के बीच में है और उसका इंजन ऑन है तब तक आप ड्राइविंग मोड में ही माने जाएंगे.
ऐसे में अगर आप रेड लाइट पर भी हाथ में फोन लेकर गूगल मैप्स सेट करने लगते हैं तो आसपास मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी या रोड पर लगे ऑटोमैटिक सीसीटीवी कैमरे आपका चालान काट सकते हैं.
बचने के आसान उपाय
बता दें कि, सफर के दौरान चालान कटने और हादसों से बचने के लिए अपनी कार में एक अच्छी क्वालिटी का मोबाइल होल्डर जरूर लगवाएं. यात्रा शुरू करने से पहले ही गूगल मैप्स में अपनी सही लोकेशन सेट करें और स्क्रीन पर बार-बार देखने के बजाय वॉइस नेविगेशन को ऑन रखें.
ताकि आपका ध्यान पूरी तरह सड़क पर रहे. अगर बीच सफर में आपको अपना रूट बदलना पड़े या नई लोकेशन टाइप करनी हो तो कभी भी चलती गाड़ी में ऐसा न करें. हमेशा गाड़ी को सड़क के किनारे किसी सुरक्षित जगह पर पार्क करें हैंडब्रेक लगाएं और उसके बाद ही फोन का इस्तेमाल करें.
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