एक्सप्लोरर

गमले में ऐसे उगाएं सेम की फली, इतने दिनों में सब्जी तैयार

घर के एक छोटे से गमले में भी सेम की फली उगाई जा सकती हैं. यह है वह तरीका जिससे बहुत कम दिनों में छत हरी फलियों से भर जाएगी. और साथ ही जानें इसे उगाने की वह खास ट्रिक जिससे से बेल तेजी से बढ़ती है.

आज के समय में बाजार से मिलने वाली ज्यादातर सब्जियां केमिकल से पकाई गईं होती हैं. इसलिए अब बहुत से लोग अपने घर की खाली जगह पर ही पर हरी और केमिकल-फ्री सब्जियां उगा रहे हैं. अगर आप भी होम गार्डनिंग की शुरुआत कर रहे हैं और ऐसी सब्जी ढूंढ रहे हैं जो कम देखभाल में ढेर सारी उपज दे तो सेम की फली यानी लीमा बीन्स से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. सर्दियों की रसोई में सेम और आलू की सब्जी का स्वाद हर किसी को पसंद आता है. 

बाजार में मिलने वाली सेम पर अक्सर जरूरत से ज्यादा कीटनाशकों का छिड़काव होता है. जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. इसे घर पर उगाने के लिए भी आपको बहुत सी जगह की जरूरत नहीं होती है. बस एक सही साइज का गमला, अच्छी मिट्टी और धूप का थोड़ा सा ध्यान रखकर आप अपने घर पर ही सेम की हरी-भरी बेल तैयार कर सकते हैं. कुछ ही हफ्तों में यह पौधा तेजी से बढ़ता है और आपकी रसोई के लिए ताजी फलियां देना शुरू कर देता है.

घर पर ऐसे उगाएं सेम

सेम की फली की जड़ें अच्छी तरह फैलती हैं. इसलिए इसे लगाने के लिए कम से कम 12 से 15 इंच गहरा और चौड़ा गमला लेकर आएं. गमले के नीचे एक ड्रेनेज होल करें जो एक्सट्रा पानी निकालने में मदद करेगा. गमले के लिए मिट्टी तैयार करते समय 50 फीसदी नार्मल बगीचे की मिट्टी, 30 फीसदी वर्मीकम्पोस्ट या आप चाहें तो पुरानी गोबर की खाद भी मिला सकते हैं और इसके 20 फीसदी रेत मिला लें. 


गमले में ऐसे उगाएं सेम की फली, इतने दिनों में सब्जी तैयार

इससे मिट्टी भुरभुरी और उपजाऊ बनेगी. जिसमें हवा और नमी का संतुलन बना रहेगा. बीजों को लगाने से पहले 6 से 8 घंटे पानी में भिगोकर रख दें इससे अंकुरण तेजी से होता है. इसके बाद गमले की मिट्टी में करीब 1 से 1.5 इंच की गहराई पर बीजों को दबाकर हल्का पानी दे दें. लगभग 5 से 8 दिनों के भीतर बीज अंकुरित होकर छोटे पौधों के रूप में बाहर दिखने लगते हैं.

इन बातों का रखें ध्यान

सेम की बेल को अच्छी धूप बहुत पसंद होती है. इसलिए गमले को हमेशा ऐसी खुली जगह पर रखें जहां रोजाना 5 से 6 घंटे की सीधी धूप मिलती हो. और इसमें पानी भी इतना दें जितने में मिट्टी में नमी रहे. कभी भी ज्यादा पानी न डालें. जब भी गमले की ऊपरी मिट्टी सूखी लगे तभी हल्का पानी डालें. जैसे ही पौधा 6 से 8 इंच का होने लगे समझ लीजिए कि अब इसे सहारे की जरूरत है. 


गमले में ऐसे उगाएं सेम की फली, इतने दिनों में सब्जी तैयार

चूंकि यह एक बेल वाली फसल है. इसलिए गमले के किनारे लकड़ी या फिर क्रीपर नेट लगा दें. बेल को धीरे-धीरे इस सहारे पर चढ़ा दें जिससे इसे ऊपर फैलने की पूरी जगह मिले. अच्छी धूप और फैलाव मिलने से बेल में फूल ज्यादा आते हैं और फलियों का साइज भी काफी बढ़िया निकलता है.

यह भी पढ़ें: किसानों को लखपति बना देगा ये Pusa बासमती 3136, कैसे करते हैं इसकी खेती?

तुड़ाई का सही समय क्या?

पौधे की अच्छी ग्रोथ के लिए महीने में एक बार दो मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट  मिट्टी की हल्की गुड़ाई करके डाल दें. अगर कभी काले या हरे एफिड्स कीड़े दिखें तो सादे पानी में थोड़ा सा नीम का तेल मिलाकर स्प्रे कर दें. इससे किसी केमिकल की जरूरत नहीं पड़ेगी. बीज बोने के लगभग 45 से 60 दिनों के भीतर पौधे पर सुंदर फूल आने लगते हैं और उसके बाद तेजी से फलियां बनने लगती हैं. 

रोपाई के करीब 70 से 80 दिनों में हरी, भरी हुई सेम की फलियां पहली तुड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती हैं. फलियों को तभी तोड़ लें जब वे ताजी और नरम हों ज्यादा पकने पर वे हार्ड हो जाती हैं. एक बार फलियां लगना शुरू होने के बाद यह बेल पूरे सीजन लगातार आपको हरी सब्जी देती रहती है.

यह भी पढ़ें: किसान से बिजनेस वूमेन तक का सफर, बिहार की रंजू प्रकाश कमा रहीं लाखों

About the author नीलेश ओझा

नीलेश ओझा पिछले पांच साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उनकी लेखन शैली में तथ्यों की सटीकता और इंसानी नजरिए की गहराई दोनों साथ-साथ चलती हैं.पत्रकारिता उनके लिए महज़ खबरें इकट्ठा करने या तेजी से लिखने का काम नहीं है. वह मानते हैं कि हर स्टोरी के पीछे एक सोच होनी चाहिए.  

कुछ ऐसा जो पाठक को सिर्फ जानकारी न दे बल्कि सोचने के लिए भी मजबूर करे. यही वजह है कि उनकी स्टोरीज़ में भाषा साफ़ होती है.लिखने-पढ़ने का शौक बचपन से रहा है. स्कूल की नोटबुक से शुरू हुआ यह सफर धीरे-धीरे पेशेवर लेखन और पत्रकारिता तक पहुंचा. आज भी उनके लिए लेखन सिर्फ पेशा नहीं है यह खुद को समझने और दुनिया से संवाद करने का ज़रिया है.

पत्रकारिता के अलावा वह साहित्य और समकालीन शायरी से भी गहराई से जुड़े हुए हैं. कभी भीड़ में तो कभी अकेले में ख्यालों को शायरी की शक्ल देते रहते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता का काम सिर्फ घटनाएं गिनाना नहीं है. बल्कि पाठक को उस तस्वीर के उन हिस्सों तक ले जाना है. जो अक्सर नजरों से छूट जाते हैं.

उन्होंने स्पोर्ट्सविकी, क्रिकेट एडिक्टर, इनशॉर्ट्स और जी हिंदुस्तान जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

क्या अक्टूबर में आएगी PM Kisan की 24वीं किस्त? चेक करें अपना स्टेटस
क्या अक्टूबर में आएगी PM Kisan की 24वीं किस्त? चेक करें अपना स्टेटस
दिवाली गिफ्ट: हर किसान को मिलेंगे ₹5000, कैसे करें अप्लाई
दिवाली गिफ्ट: हर किसान को मिलेंगे ₹5000, कैसे करें अप्लाई
MP सरकार की बड़ी सौगात! ग्रामीण महिलाओं के खातों में आए 1834 करोड़
MP सरकार की बड़ी सौगात! ग्रामीण महिलाओं के खातों में आए 1834 करोड़
केवल 2 मुर्रा भैंसों से करें डेयरी की शुरुआत, लखपति बना देगा यह दांव
केवल 2 मुर्रा भैंसों से करें डेयरी की शुरुआत, लखपति बना देगा यह दांव
Advertisement

वीडियोज

Vasudha: Vasudha के प्यार में रस्में भूला Dev, दादी ने कान पकड़कर सिखाया सबक!
Bollywood News: आयुष्मान-सारा की ‘उड़ता तीर’ का दूसरा ट्रेलर रिलीज, धुरंधर से होने लगी तुलना! (14.10.26)
सोशल मीडिया की हसीन 'विष कन्या !
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राहुल का पूरा प्लान क्या है?
चाय की चुस्की CEC के खिलाफ विपक्ष की 'नई रणनीति' !
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
शशि थरूर ने शेयर की नेहा बोरा के साथ फोटो, बोले- 'वो ज्यादातर लोगों से...'
शशि थरूर ने शेयर की नेहा बोरा के साथ फोटो, बोले- 'वो ज्यादातर लोगों से...'
दिल्ली पुलिस पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, 'यह न भूलें कि...'
दिल्ली पुलिस पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, 'यह न भूलें कि...'
IND vs WI 4th T20: हैदराबाद में भारत ने जीता टॉस, प्लेइंग इलेवन में हुए 2 बड़े बदलाव
हैदराबाद में भारत ने जीता टॉस, प्लेइंग इलेवन में हुए 2 बड़े बदलाव
CJP Protest Live: दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, फ्लाइट से उतरते ही बोले- 'मैं PM मोदी से कहना चाहता हूं कि...'
Live: दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, फ्लाइट से उतरते ही बोले- 'मैं PM मोदी से कहना चाहता हूं कि...'
'अब पूरा देश जंतर मंतर बनेगा', CJP के दास-रांका की गिरफ्तारी के बाद प्रकाश राज की सरकार को वॉर्निंग
'अब पूरा देश जंतर मंतर बनेगा', प्रकाश राज ने सरकार को दी वॉर्निंग
प्रदर्शन के दौरान मेट्रो के क्यों बंद किए एंट्री और एग्जिट गेट? SC में DMRC ने दिया जवाब
प्रदर्शन के दौरान मेट्रो के क्यों बंद किए एंट्री और एग्जिट गेट? SC में DMRC ने दिया जवाब
'फांसी नहीं, उम्रकैद हो सकती थी', मुस्कान-साहिल की वकील का बयान
'फांसी नहीं, उम्रकैद हो सकती थी', मुस्कान-साहिल की वकील का बयान
दिल्ली प्रोटेस्ट: छात्रों पर लाठीचार्ज पर बोले चिराग पासवान- 'मैं इसका समर्थन...'
दिल्ली प्रोटेस्ट: छात्रों पर लाठीचार्ज पर बोले चिराग पासवान- 'मैं इसका समर्थन...'
Embed widget